मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में शनिवार तड़के एक बड़ा सड़क हादसा हुआ, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई और छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दुखद घटना मुलताई थाना क्षेत्र के पारेगांव जंक्शन के पास उस समय सामने आई, जब एक तेज रफ्तार कार अपनी मंजिल की ओर बढ़ रही थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह कार नागपुर से यात्रियों को लेकर सीहोर की तरफ जा रही थी। सुबह के वक्त जब सड़क पर सन्नाटा था, तब वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े एक भारी-भरकम ट्रक से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाएं हरकत में आ गईं। बैतूल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मनोज हुरमाडे ने इस हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना शनिवार सुबह करीब 3 बजे हुई। जिस वक्त यह भयानक टक्कर हुई, उस समय कार के अंदर कुल नौ लोग सवार थे। मौके पर ही तीन यात्रियों की मौत हो चुकी थी, जबकि बाकी छह लोग गंभीर रूप से घायल अवस्था में वाहन के भीतर फंसे हुए थे। तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किए गए और एम्बुलेंस सेवाओं को मौके पर रवाना किया गया।
घायलों का अस्पताल में इलाज और रेफर प्रक्रिया
हादसे की सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस सेवा मौके पर पहुंची और सभी छह घायलों को तुरंत मुलताई के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। चिकित्सा अधिकारियों ने घायलों का प्राथमिक उपचार शुरू किया। हालांकि, इनमें से तीन घायलों की हालत ज्यादा गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए बैतूल जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इसके बाद, पीड़ितों के परिजनों ने आपसी सहमति से उन्हें आगे के इलाज के लिए नागपुर ले जाने का निर्णय लिया, क्योंकि वह इलाका उनके करीब था और वहां के मेडिकल संस्थानों पर उनका भरोसा था। दूसरी ओर, दुर्घटना में जान गंवाने वाले तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिए गए।
सड़क सुरक्षा व्यवस्था और हादसों की बढ़ती चिंताएं
इस प्रकार की दर्दनाक घटनाएं एक बार फिर सड़क सुरक्षा के उन तमाम दावों और इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं जो अक्सर प्रशासनिक स्तर पर किए जाते हैं। मुख्य मार्गों और जंक्शनों के पास भारी वाहनों का इस तरह लावारिस हालत में खड़ा रहना रात के समय सफर करने वाले चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। नागपुर और सीहोर को जोड़ने वाला यह हाईवे दोनों राज्यों के बीच एक प्रमुख संपर्क मार्ग है, जिस पर वाहनों का भारी दबाव रहता है। इस मार्ग पर पहले भी कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं जो सुरक्षा मानकों की अनदेखी को दर्शाती हैं। स्थानीय लोगों और जानकारों का मानना है कि यदि सड़कों पर पर्याप्त लाइटिंग, चेतावनी देने वाले रिफ्लेक्टर्स और अवैध पार्किंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, तो इस तरह की अनहोनी को काफी हद तक टाला जा सकता है।





















