किसानों की समस्याओं और खाद संकट को लेकर प्रदर्शन कर रहे नरेश मीणा ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत के बाद अपना आंदोलन और अनशन समाप्त कर दिया है। अधिकारियों की तरफ से मांगों पर ठोस आश्वासन मिलने के बाद टोंक रोड पर लगा लंबा जाम हटा दिया गया, जिससे सड़क मार्ग पर वाहनों की आवाजाही फिर से सामान्य हो गई है।
प्रशासन से वार्ता और सहमति
टोंक में किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे इस गतिरोध को खत्म करने के लिए उच्च प्रशासनिक अधिकारियों ने नरेश मीणा से सीधे बातचीत की। वार्ता के दौरान किसानों की खाद आपूर्ति और स्थानीय समस्याओं के समाधान पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों द्वारा समस्याओं के त्वरित निस्तारण का भरोसा दिए जाने के बाद नरेश मीणा ने अपना अनशन खत्म करने का फैसला लिया।
सड़क पर बहाल हुआ सामान्य यातायात
आंदोलन और अनशन के चलते टोंक रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं और आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। सहमति बनने और अनशन वापस लिए जाने के तुरंत बाद प्रदर्शन स्थल से अवरोध हटा दिए गए। इसके साथ ही प्रशासन ने यातायात को सुचारू रूप से शुरू करवा दिया है।
खाद संकट को लेकर पदयात्रा और प्रदर्शन
यह आंदोलन किसानों को खाद न मिलने की समस्या को लेकर शुरू हुआ था। इस दौरान नरेश मीणा नंगे पैर पदयात्रा करते हुए जयपुर की ओर रवाना हुए थे, जिसके बाद पैरों में छाले पड़ने पर उन्हें हाथ ठेले का सहारा भी लेना पड़ा था। रास्ते में स्थानीय महिलाओं ने भी उनसे भूख हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया था। प्रशासनिक स्तर पर वार्ता सफल रहने के बाद अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।





















