रक्षाबंधन नजदीक है और जिन बहनों के भाई विदेश में रहते हैं, उनके लिए भारतीय डाक विभाग ने राहत भरी पहल की है। निजी कूरियर कंपनियों की महंगी दरों से बचाने के लिए विभाग ने इस साल खास तौर पर इंटरनेशनल ट्रैक पैकेट सेवा शुरू की है, जिससे बहनें बेहद कम खर्च में और पूरी सुरक्षा के साथ अपने भाइयों तक राखी पहुंचा सकेंगी। यह सुविधा 30 से ज्यादा देशों के लिए उपलब्ध है और हर देश के लिए शुल्क अलग-अलग तय किया गया है।
पड़ोसी और एशियाई देशों के लिए शुरुआती शुल्क
भीलवाड़ा मंडल के अधीक्षक डाकघर सुनील कुमार मीणा के मुताबिक थाईलैंड, भूटान, चीन, म्यांमार, सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात भेजी जाने वाली शुरुआती 50 ग्राम वजन की राखी के लिए मूल शुल्क सिर्फ 185 रुपए रखा गया है। वहीं मलेशिया, हॉन्गकॉन्ग, कजाकिस्तान और वियतनाम भेजने पर यह शुल्क 190 रुपए होगा। मालदीव, नेपाल, बांग्लादेश, मिस्र, जॉर्जिया, कुवैत और ओमान जैसे देशों के लिए भी शुरुआती 50 ग्राम की दर काफी किफायती रखी गई है, ताकि आसपास के देशों में रहने वाले भाइयों तक भी राखी आसानी से पहुंच सके।
यूरोप और अमेरिका में रहने वाले भाइयों के लिए चार गुना सस्ती सेवा
जो बहनें यूरोप या अमेरिका में बसे भाइयों को राखी भेजना चाहती हैं, उनके लिए भी डाक विभाग ने पहले के मुकाबले करीब एक चौथाई खर्च में यह सेवा उपलब्ध कराई है। ब्रिटेन भेजने पर शुरुआती 50 ग्राम का शुल्क 360 रुपए, संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए 400 रुपए और कनाडा के लिए 360 रुपए लगेगा। जर्मनी के लिए यह दर 245 रुपए, फ्रांस के लिए 335 रुपए और नीदरलैंड के लिए 320 रुपए तय की गई है। ऑस्ट्रिया और बेल्जियम भेजने पर 325 रुपए तथा इटली भेजने पर 350 रुपए का मूल शुल्क देना होगा।
लैटिन अमेरिकी देशों के लिए भी अलग दरें तय
लैटिन अमेरिका के देशों में राखी भेजने वालों के लिए भी डाक विभाग ने स्पष्ट शुल्क सूची जारी की है। ब्राजील भेजने पर 290 रुपए, मैक्सिको भेजने पर 220 रुपए और अर्जेंटीना भेजने पर 360 रुपए का मूल शुल्क चुकाना होगा।
मोबाइल पर ही दिखेगी राखी की लाइव लोकेशन
इस सेवा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उपभोक्ताओं को एंड-टू-एंड ट्रैकिंग की सुविधा भी मिलेगी। सुनील कुमार मीणा ने बताया कि बहनें घर बैठे अपने मोबाइल फोन से यह पता कर सकेंगी कि उनके भाई के लिए भेजी गई राखी इस वक्त किस देश या शहर तक पहुंच चुकी है। इससे बहनों को यह चिंता नहीं रहेगी कि पार्सल सुरक्षित पहुंचेगा या नहीं, क्योंकि हर पड़ाव पर उसकी स्थिति की जानकारी मिलती रहेगी।
मुख्य डाकघरों में बन रहे विशेष अंतरराष्ट्रीय काउंटर
बुकिंग में देरी न हो और तय समय पर राखी भाई की कलाई तक पहुंच सके, इसके लिए सभी मुख्य डाकघरों में अलग से अंतरराष्ट्रीय काउंटर तैयार किए जा रहे हैं। इससे रक्षाबंधन के व्यस्त सीजन में भी बहनों को लंबी कतारों या इंतजार का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे आराम से अपने पार्सल की बुकिंग करवा सकेंगी।




















