छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तारापुर गांव में उप सरपंच की अचानक हुई गिरफ्तारी के बाद सियासी पारा पूरी तरह से चढ़ गया है। आधी रात को पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई से नाराज सैकड़ों ग्रामीण उग्र होकर सीधे कोतरा रोड थाने पहुंच गए और थाने को घेर लिया। इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करते हुए खरसिया विधानसभा क्षेत्र के विधायक उमेश पटेल करीब 10 घंटे से थाने के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं।
आधी रात की कार्रवाई से भड़के ग्रामीण
विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब पुलिस की एक टीम ने तारापुर गांव के उप सरपंच राजीव डनसेना को उनके घर से बिना किसी पूर्व सूचना के हिरासत में ले लिया। जैसे ही यह खबर स्थानीय लोगों को मिली, भारी संख्या में ग्रामीण रात के वक्त ही थाने के बाहर जमा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी और देखते ही देखते यह पूरा परिसर राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गया। ग्रामीणों का मुख्य तर्क है कि राजीव डनसेना को एक पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठे मामले में जानबूझकर फंसाया जा रहा है।
15 अगस्त के विवाद का हवाला
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई बीते 15 अगस्त को हुए एक विवादित घटनाक्रम के सिलसिले में की गई है। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि जिस घटना का जिक्र पुलिस कर रही है, उस खास दिन उप सरपंच अपने गांव में मौजूद ही नहीं थे, जिससे इस पूरी कार्रवाई की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
अविश्वास प्रस्ताव और सियासी कनेक्शन
इस पूरे हंगामे के पीछे स्थानीय राजनीति का एक बड़ा कोण जुड़ा हुआ है। तारापुर गांव में वर्तमान सरपंच डिग्री लाल सिदार के खिलाफ गांव के लोग अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए हैं, जिस पर आगामी 10 सितंबर को मतदान होना है। मतदान से ठीक 6 दिन पहले उप सरपंच को इस तरह उठाए जाने को ग्रामीण और विपक्षी नेता एक सोची-समझी साजिश मान रहे हैं ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित किया जा सके।
विधायक का कड़ा रुख
धरना स्थल पर मौजूद विधायक उमेश पटेल ने पुलिस और शासन प्रशासन पर तंत्र के खुलेआम दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि जब तक पुलिस इस गिरफ्तारी के पीछे की ठोस और पारदर्शी वजह सामने नहीं लाती या फिर मामले में निष्पक्ष कदम नहीं उठाए जाते, तब तक यह विरोध प्रदर्शन किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होगा।
प्रशासनिक हलचल और तनावपूर्ण माहौल
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह समेत भारी पुलिस बल मौके पर तैनात कर दिया गया है। अधिकारी लगातार नाराज ग्रामीणों और नेताओं को समझाने-बुझाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि हालात नियंत्रण में आ सकें। फिलहाल थाने के बाहर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और हर किसी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस मामले में अगला क्या कदम उठाता है।


















