राजस्थान की यमुना जल परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर राज्य सरकार ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को काफी तेज कर दिया है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए हाइड्रोलॉजी और अंतरराज्यीय स्वीकृतियां जारी होने के बाद अब डीपीआर के अनुमोदन की राह काफी आसान हो गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हाल ही में इस परियोजना की प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को सभी जरूरी प्रक्रियाएं जल्द से जल्द पूरी करने के सख्त निर्देश दिए। बीते 21 अगस्त को केंद्रीय जल आयोग में इस परियोजना की डीपीआर की विस्तृत समीक्षा भी की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कंसल्टेंट नेबकॉन और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को डीपीआर अनुमोदन की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा है। इसके अलावा चूरू के हॉसियावास में प्रस्तावित तीन जलाशयों में से धनोटी जलाशय की तकनीकी निविदा आगामी 27 अगस्त को खोली जाएगी। एमओए के प्रावधानों के अनुसार स्पेशल पर्पस व्हीकल के गठन का प्रस्ताव भी जल्द ही पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।
हरियालो राजस्थान अभियान के तहत पौधारोपण पर जोर
राज्यभर में चलाए जा रहे हरियालो राजस्थान अभियान के अंतर्गत अब तक 7 करोड़ 58 लाख से अधिक पौधे सफलतापूर्वक लगाए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस वृहद अभियान की समीक्षा करते हुए इस चालू वर्ष के दौरान 10 करोड़ से अधिक पौधारोपण के लक्ष्य को हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को आपसी बेहतर समन्वय के साथ पौधारोपण अभियान को आगे बढ़ाने और लगाए गए पौधों की उचित देखभाल सुनिश्चित करने की ताकीद की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए हैं कि पौधारोपण के पश्चात पौधों के संरक्षण में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसा करने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। रक्षाबंधन के पावन पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी भाई-बहनों से अपील की थी कि वे एक पेड़ जरूर लगाएं। साथ ही पौधारोपण करने वाले ऐसे भाई-बहनों को सम्मानित करने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी को और अधिक बढ़ावा मिल सके। सरकार का मुख्य उद्देश्य इस अभियान के माध्यम से प्रदेश में हरित क्षेत्र का दायरा तेजी से बढ़ाना है।
जयपुर ग्रामीण में अवैध देशी शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
कानून व्यवस्था को मजबूत करने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के क्रम में जयपुर ग्रामीण के रेनवाल क्षेत्र की पुलिस ने अवैध देशी शराब के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एक आरोपी को धर दबोचा। रेनवाल थाना पुलिस ने मुंडियागढ़ गांव के रहने वाले भोमाराम जाट को अवैध शराब के साथ रंगे हाथों पकड़ा। पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार आरोपी के कब्जे से कुल 48 पव्वे देशी शराब बरामद की गई है। इस कार्रवाई के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि यह भारी मात्रा में शराब कहां से लाई गई थी और इसे स्थानीय स्तर पर किन लोगों को सप्लाई किया जाना था। इस कड़ी कार्रवाई के बाद अब अवैध शराब के कारोबार से जुड़े अन्य संदिग्ध लोगों की भूमिका भी पुलिस की जांच के दायरे में आ गई है। स्थानीय स्तर पर अवैध शराब की अवैध बिक्री और तस्करी पर लगाम लगाने के लिए पुलिस लगातार कड़ी निगरानी रख रही है और भविष्य में भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।
दौसा में मूसलाधार बारिश के बीच उमड़े शिव भक्त
दौसा जिले में मंगलवार को हुई तेज और मूसलाधार बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और उत्साह में किसी भी प्रकार की कोई कमी देखने को नहीं मिली। देवगिरी पर्वत की ऊंची पहाड़ियों पर स्थित प्रसिद्ध बाबा नीलकंठ महादेव मंदिर में इस बारिश के मौसम के बीच भी बहुत बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। कई भक्त तो ऐसे थे जो तेज बारिश में पूरी तरह भीगते हुए मंदिर तक पहुंचे और वहां पहुंचकर भगवान शिव का विधि-विधान के साथ जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया। मंदिर के पावन परिसर में अलग-अलग भक्त समूहों द्वारा सामूहिक आरती का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। झमाझम बारिश और अनन्य शिवभक्ति का यह अद्भुत संगम श्रद्धालुओं के लिए एक बेहद खास और अलौकिक अनुभव बन गया। दूसरी ओर, जिले में रात के समय हुई मूसलाधार बारिश की वजह से कई निचले इलाकों में पानी भर गया। देवगिरी की पहाड़ी पर इस बारिश के बाद कई सुंदर झरने बहते हुए नजर आए, जिसने वहां के प्राकृतिक सौंदर्य को और बढ़ा दिया। लंबे समय से बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे स्थानीय किसानों को भी इस बरसात से बड़ी राहत मिली है। पिछले कुछ दिनों से सूखे की कगार पर पहुंच चुकी बाजरे की फसल को इस मूसलाधार बारिश से नई जीवनदान मिलने की पूरी उम्मीद बंध गई है, जिससे किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है।



















