दिवाली के पावन पर्व से ठीक एक दिन पहले ग्रहों की चाल में अहम बदलाव होने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्रमा गोचर करते हुए 7 नवंबर को शाम 5 बजकर 15 मिनट पर कन्या राशि की अपनी यात्रा समाप्त करेंगे और तुला राशि में प्रवेश करेंगे। चंद्रमा के इस राशि परिवर्तन का प्रभाव सभी बारह राशियों पर पड़ेगा, लेकिन चार ऐसी राशियां हैं जिन्हें इस दौरान सबसे ज्यादा अनुकूल और सुखद परिणाम मिलने के संकेत हैं। इन खास राशियों के जातकों के जीवन में पेशेवर मोर्चे से लेकर पारिवारिक माहौल तक बेहतरीन बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आइए जानते हैं कि चंद्रमा का यह गोचर किन-किन राशियों के लिए बेहद खास साबित होने वाला है।
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए चंद्रमा का यह गोचर कुंडली के सप्तम भाव में घटित होगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार सप्तम भाव को साझेदारियों और वैवाहिक जीवन का मुख्य कारक माना जाता है। इस स्थिति के प्रभाव से कारोबार जगत से जुड़े मेष राशि के लोगों को जबरदस्त वित्तीय लाभ मिल सकता है। कई लोग इस अवधि में किसी नए साझेदार के साथ मिलकर अपने बिजनेस को आगे बढ़ाने का फैसला भी कर सकते हैं। इसके अलावा वैवाहिक जीवन में पति-पत्नी के बीच आपसी संबंध पहले से अधिक मधुर और प्रगाढ़ होंगे। जो जातक सोशल मीडिया या डिजिटल प्लेटफॉर्म के क्षेत्र में सक्रिय हैं, उन्हें चंद्र गोचर के बाद विशेष रूप से मान-प्रतिष्ठा और लोकप्रियता हासिल हो सकती है।
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए यह गोचर बेहद खास और महत्वपूर्ण रहने वाला है क्योंकि चंद्रमा इस राशि के स्वयं स्वामी ग्रह हैं। तुला राशि में विराजमान होकर चंद्रमा कर्क राशि वालों के चतुर्थ भाव यानी सुख भाव में अपना स्थान ग्रहण करेंगे। चतुर्थ भाव में चंद्रमा की यह स्थिति बेहद शुभ फलदायी मानी जाती है, जिससे जीवन में भौतिक सुखों और आनंद की प्राप्ति होती है। जातकों के पारिवारिक जीवन में खुशियों का आगमन होगा और वे अपने परिजनों के साथ क्वालिटी टाइम बिता सकेंगे। लंबे समय से चली आ रही मानसिक उलझनें और चिंताएं भी इस गोचर के प्रभाव से दूर हो सकती हैं। इसके अलावा करियर के क्षेत्र में कर्क राशि के लोग बुलंदियों को छूने में कामयाब रहेंगे और उन्हें अपने परिश्रम का पूरा फल मिलेगा।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों की कुंडली में चंद्रमा का यह गोचर द्वितीय भाव में होने जा रहा है। द्वितीय भाव को धन और वाणी का स्थान माना जाता है, इसलिए इस परिवर्तन के परिणामस्वरूप जातकों को आय के नए और बेहतरीन स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। जो लोग अपने परिवार के पुराने या पैतृक कारोबार को संभाल रहे हैं, उन्हें इस अवधि में भारी मुनाफा मिलने के योग बन रहे हैं। कार्यस्थल पर आपके द्वारा किए गए कार्यों की सराहना उच्च अधिकारियों और सीनियर द्वारा की जाएगी। द्वितीय भाव में चंद्रमा की उपस्थिति से आपकी वाणी में एक खास मिठास आएगी, जिसके चलते समाज में आपके मान-सम्मान और प्रतिष्ठा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
धनु राशि
धनु राशि के जातकों के लिए चंद्रमा का यह गोचर एकादश भाव यानी लाभ भाव में होगा। ज्योतिष शास्त्र में एकादश भाव को मनुष्य की सभी प्रकार की इच्छाओं और महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने वाला प्रमुख स्थान माना गया है। एक शुभ ग्रह के रूप में चंद्रमा आपके एकादश भाव में बैठकर आपकी कई ऐसी अधूरी इच्छाओं को पंख लगा सकते हैं जो लंबे समय से रुकी हुई थीं। इस राशि के नौकरीपेशा जातकों को कार्यक्षेत्र में प्रमोशन या उच्च पद की प्राप्ति हो सकती है। आर्थिक दृष्टिकोण से भी इन जातकों की स्थिति काफी मजबूत होगी। इसके अलावा जो लोग काफी समय से अपना खुद का कोई नया काम शुरू करने की योजना बना रहे थे, उनका वह सपना भी इस अवधि में साकार हो सकता है।


















