स्वतंत्रता दिवस भाषण पर अरविंद केजरीवाल का बड़ा हमला, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को बताया घबराया हुआदेश के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में बड़े सुधार की तैयारी, केंद्र सरकार ने जारी किए नए लाइसेंसिंग और सुरक्षा नियमगॉल टेस्ट में चमके ऋषभ पंत, विदेशी सरजमीं पर सबसे ज्यादा छक्के जड़ने वाले बने नंबर-1 विकेटकीपरडिज्नी के D23 इवेंट में जुटोपिया 3 पर लगी मुहर, एनीमेशन सीरीज में होगी पक्षियों की नई एंट्रीउत्तर प्रदेश में बाइक पर ओवरलोडिंग को लेकर अखिलेश यादव ने जताई चिंता, लोगों से की सुरक्षित रहने की अपीलबलूच नेतृत्व ने डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग को भेजी गंभीर चिट्ठी, सुराब एयरस्ट्राइक के बाद अमेरिकी और चीनी हथियारों की सप्लाई रोकने की मांगगुजरात के सुल्तानाबाद में फार्महाउस शराब पार्टी पर छापा, 8 महिलाओं सहित 22 लोग हिरासत मेंशकुन शास्त्र के अनुसार सिर पर कौवा बैठना किस बात का संकेत माना जाता हैपिक्सार ने कोको 2 की पहली झलक दिखाई, 2029 में मिगुएल की आफ्टरलाइफ में होगी वापसीकोरापुट में अल्बिना गराडा की हत्या कर आंध्र प्रदेश में दफनाया शव, मोबाइल लोकेशन से खुला राज
देश के इन 6 मंदिरों का सालाना चढ़ावा राम मंदिर से भी कई गुना ज्यादा, तिरुपति बालाजी में आता है सबसे ज्यादा दानधर्म
3 जुल॰ 2026, 6:14 pm (43 दिन पहले)· 2

देश के इन 6 मंदिरों का सालाना चढ़ावा राम मंदिर से भी कई गुना ज्यादा, तिरुपति बालाजी में आता है सबसे ज्यादा दान

अयोध्या के राम मंदिर में हर साल करीब 150 करोड़ रुपये का चढ़ावा आता है, लेकिन तिरुपति बालाजी, वैष्णो देवी, सिद्धिविनायक, काशी विश्वनाथ और जगन्नाथ पुरी जैसे मंदिरों का सालाना दान इससे कहीं ज्यादा है।

अयोध्या के राम मंदिर से चढ़ावा गायब होने की खबर ने बीते दिनों सबको चौंका दिया. महज ढाई साल पहले प्राण प्रतिष्ठा के बाद खुले इस मंदिर में हर साल करीब 150 करोड़ रुपये का दान आता है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि देश में कई ऐसे मंदिर हैं जिनका सालाना चढ़ावा राम मंदिर से कहीं ज्यादा है. लिस्ट में पहले नंबर पर मौजूद मंदिर में तो इतना पैसा चढ़ता है कि उससे करीब 40 बड़े शहरों को एक महीने तक भरपेट खाना खिलाया जा सकता है. जानिए किन-किन मंदिरों का दान राम मंदिर से आगे निकल चुका है.

तिरुपति बालाजी, दुनिया का सबसे अमीर मंदिर

आंध्र प्रदेश के तिरुपति में बना भगवान वेंकटेश्वर स्वामी का मंदिर दान के मामले में देश ही नहीं दुनिया में भी सबसे ऊपर है. आठवीं शताब्दी में बना यह मंदिर भारत का सबसे प्राचीन और सबसे समृद्ध धार्मिक स्थल माना जाता है. यहां हर साल करीब 1880 करोड़ रुपये का चढ़ावा आता है. यही वजह है कि इसे दुनिया का सबसे धनी मंदिर कहा जाता है. यहां सबसे ज्यादा हिंदू श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. गर्भगृह में भगवान विष्णु की मूर्ति विराजमान है. भक्तों के बीच यहां मुंडन यानी केशदान कराने की परंपरा बेहद मशहूर है, लाखों लोग हर साल यहां अपने बाल दान करते हैं. मंदिर का पूरा कामकाज तिरुमला तिरुपति देवस्थानम यानी टीटीडी ट्रस्ट संभालता है.

ये भी पढ़ें

वैष्णो देवी, पहाड़ों में बसी शक्तिपीठ

दान के मामले में दूसरा स्थान माता वैष्णो देवी मंदिर का है. जम्मू के कटरा से ऊपर हिमालय की तलहटी में बसे इस शक्तिपीठ में हर साल करीब 230 करोड़ रुपये का चढ़ावा चढ़ता है. यहां मां वैष्णवी के तीन स्वरूपों, महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की पूजा होती है. गुफा तक पहुंचने के लिए भक्तों को 12 किलोमीटर की चढ़ाई पैदल तय करनी पड़ती है, जो अपने आप में एक बड़ा अनुभव माना जाता है. श्राइन बोर्ड इस पूरे मंदिर परिसर का प्रबंधन देखता है और यहां की व्यवस्था बेहद सुरक्षित व सुव्यवस्थित मानी जाती है. हर साल लाखों श्रद्धालु मां के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचते हैं.

अयोध्या का राम मंदिर अभी बहुत पीछे

भगवान श्री राम का सबसे भव्य और चर्चित मंदिर उनकी जन्मभूमि अयोध्या में बना है, जिसके कपाट 22 जनवरी 2024 को आम दर्शन के लिए खोले गए थे. यहां सालाना करीब 150 करोड़ रुपये का चढ़ावा आ रहा है. फिलहाल यही चढ़ावा चोरी होने का मामला सुर्खियों में है और इसकी जांच चल रही है. लेकिन तिरुपति जैसे मंदिरों के मुकाबले राम मंदिर का सालाना दान अभी बहुत कम है. गर्भगृह में बालक रामलला की मूर्ति स्थापित है और यह जगह हिंदू आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बन चुकी है. मंदिर ट्रस्ट के हिसाब से यहां हर रोज करीब 70 से 80 हजार भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं.

सिद्धिविनायक, मुंबई की पहचान

मुंबई का सिद्धिविनायक मंदिर भगवान गणेश को समर्पित है और दुनियाभर में मशहूर है. बॉलीवुड के तमाम सितारे अक्सर यहां दर्शन के लिए पहुंचते रहते हैं. सिद्धिविनायक को काम पूरा करने वाले गणपति के रूप में पूजा जाता है. इस मंदिर की स्थापना साल 1801 में हुई थी. चतुर्थी और संकष्टी चतुर्थी के मौके पर यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. यहां सालाना करीब 100 करोड़ रुपये का चढ़ावा आता है. यह मंदिर अब मुंबईवासियों की आस्था के साथ साथ शहर की पहचान भी बन चुका है.

काशी विश्वनाथ, गंगा किनारे सोने का मंदिर

वाराणसी में गंगा नदी के तट पर बना काशी विश्वनाथ मंदिर उत्तर प्रदेश का सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, जहां सालाना करीब 80 करोड़ रुपये का दान आता है. भगवान शिव के इस प्राचीन ज्योतिर्लिंग को काशी का राजा कहा जाता है. साल 2019 में इस मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया, जिसके बाद यह पूरी तरह स्वर्ण मंदिर के रूप में तैयार हुआ. यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और इसे मुक्ति स्थल के तौर पर भी जाना जाता है.

जगन्नाथ पुरी, रथ यात्रा वाला मंदिर

ओडिशा के पुरी में बना जगन्नाथ मंदिर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को समर्पित है और इसे चार धाम में गिना जाता है. यहां की रथ यात्रा यानी रथ महोत्सव देश की सबसे बड़ी धार्मिक परंपराओं में से एक है, जिसमें लाखों लोग शामिल होते हैं. 12वीं शताब्दी में बना यह मंदिर गजपति राजा के संरक्षण में रहा है. यहां सालाना करीब 18 से 25 करोड़ रुपये का चढ़ावा आता है. मंदिर की महाप्रसादी यानी यहां का प्रसादी अन्न देशभर में मशहूर है.

सवाल-जवाब

तिरुपति मंदिर को सालाना कितना चढ़ावा मिलता है?
तिरुपति बालाजी मंदिर को हर साल करीब 1880 करोड़ रुपये का दान मिलता है, जिससे यह दुनिया का सबसे अमीर मंदिर बन जाता है.
अयोध्या के राम मंदिर में कितना दान आता है?
राम मंदिर में सालाना करीब 150 करोड़ रुपये का चढ़ावा आता है, जो तिरुपति जैसे मंदिरों से काफी कम है.
वैष्णो देवी मंदिर में सालाना कितना चढ़ावा आता है?
वैष्णो देवी मंदिर में हर साल करीब 230 करोड़ रुपये का चढ़ावा आता है और यह दान के मामले में दूसरे नंबर पर है.
गुफा मंदिर तक पहुंचने के लिए कितनी दूर पैदल चलना पड़ता है?
वैष्णो देवी के गुफा मंदिर तक पहुंचने के लिए भक्तों को करीब 12 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई तय करनी पड़ती है.
सिद्धिविनायक मंदिर की स्थापना कब हुई थी?
मुंबई का सिद्धिविनायक मंदिर साल 1801 में स्थापित हुआ था.
काशी विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार कब हुआ था?
काशी विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार साल 2019 में हुआ था, जिसके बाद यह स्वर्ण मंदिर के रूप में तैयार हुआ.
जगन्नाथ पुरी मंदिर में सालाना कितना चढ़ावा आता है?
जगन्नाथ पुरी मंदिर में हर साल करीब 18 से 25 करोड़ रुपये का चढ़ावा आता है.
राम मंदिर में रोजाना कितने भक्त दर्शन के लिए आते हैं?
मंदिर ट्रस्ट के मुताबिक राम मंदिर में हर रोज करीब 70 से 80 हजार भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR