स्वतंत्रता दिवस भाषण पर अरविंद केजरीवाल का बड़ा हमला, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को बताया घबराया हुआदेश के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में बड़े सुधार की तैयारी, केंद्र सरकार ने जारी किए नए लाइसेंसिंग और सुरक्षा नियमगॉल टेस्ट में चमके ऋषभ पंत, विदेशी सरजमीं पर सबसे ज्यादा छक्के जड़ने वाले बने नंबर-1 विकेटकीपरडिज्नी के D23 इवेंट में जुटोपिया 3 पर लगी मुहर, एनीमेशन सीरीज में होगी पक्षियों की नई एंट्रीउत्तर प्रदेश में बाइक पर ओवरलोडिंग को लेकर अखिलेश यादव ने जताई चिंता, लोगों से की सुरक्षित रहने की अपीलबलूच नेतृत्व ने डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग को भेजी गंभीर चिट्ठी, सुराब एयरस्ट्राइक के बाद अमेरिकी और चीनी हथियारों की सप्लाई रोकने की मांगगुजरात के सुल्तानाबाद में फार्महाउस शराब पार्टी पर छापा, 8 महिलाओं सहित 22 लोग हिरासत मेंशकुन शास्त्र के अनुसार सिर पर कौवा बैठना किस बात का संकेत माना जाता हैपिक्सार ने कोको 2 की पहली झलक दिखाई, 2029 में मिगुएल की आफ्टरलाइफ में होगी वापसीकोरापुट में अल्बिना गराडा की हत्या कर आंध्र प्रदेश में दफनाया शव, मोबाइल लोकेशन से खुला राज
गोंडा के मनकापुर में रेलवे खुदाई में मिले सिद्धनाथ और मोटे नाथ महादेव मंदिर में सावन पर भक्तों का सैलाबधर्म
3 अग॰ 2026, 4:31 pm (12 दिन पहले)· 1

गोंडा के मनकापुर में रेलवे खुदाई में मिले सिद्धनाथ और मोटे नाथ महादेव मंदिर में सावन पर भक्तों का सैलाब

गोंडा जिले के मनकापुर स्थित श्री सिद्धनाथ और मोटे नाथ मंदिर में सावन माह के दौरान उत्तर प्रदेश और चंडीगढ़ से भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के मनकापुर विकासखंड में स्थित ग्राम सभा बन्दरहा का प्राचीन श्री सिद्धनाथ और श्री मोटे नाथ महादेव मंदिर इस पवित्र सावन महीने में श्रद्धालुओं की अपार आस्था का केंद्र बना हुआ है। पूरे सावन मास के दौरान यहां रोजाना बड़ी संख्या में भक्त भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं। मान्यता है कि इस पावन धाम में सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने और जल अर्पित करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

रेलवे लाइन की खुदाई में मिला था सिद्धनाथ शिवलिंग

मंदिर की स्थापना की कहानी काफी अनोखी और दिलचस्प है। वर्षों पहले जब इस क्षेत्र में रेलवे लाइन बिछाने का काम चल रहा था, तब जमीन की खुदाई के दौरान श्री सिद्धनाथ महादेव का एक दिव्य शिवलिंग प्राप्त हुआ था। इसके कुछ समय बाद गांव में एक दूसरी जगह पर खुदाई करते समय श्री मोटे नाथ महादेव का शिवलिंग मिला था। गांव के लोगों ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया कि दोनों पवित्र शिवलिंगों की स्थापना एक ही मंदिर प्रांगण में की जाए, जिससे आने वाले श्रद्धालु एक ही स्थान पर भगवान शिव के दोनों स्वरूपों की पूजा-अर्चना कर सकें। इसी फैसले के तहत पहले श्री सिद्धनाथ महादेव के शिवलिंग की स्थापना की गई और फिर दोनों स्वरूपों को एक ही परिसर में प्रतिष्ठित कर दिया गया।

ये भी पढ़ें

पूरे सावन लगा रहता है भक्तों का मेला और पूजन

सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही मंदिर प्रांगण में तड़के सुबह से लेकर देर शाम तक भक्तों का तांता लगा रहता है। मंदिर के सेवक नेकराम के अनुसार, श्रद्धालु अपने साथ गंगाजल, जल, बेलपत्र, धतूरा, फूल तथा विभिन्न प्रकार की पूजन सामग्री लेकर भगवान शिव का रुद्राभिषेक और जलाभिषेक करने आते हैं। पूरे मंदिर परिसर में दिनभर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के गूंजते जयकारों से माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहता है। सावन के हर सोमवार और शुक्रवार को यहां श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ जुटती है, जबकि पूरे महीने मंदिर परिसर में पारंपरिक मेले का आयोजन भी किया जाता है।

दूर-दराज के राज्यों से भी पहुंच रहे हैं श्रद्धालु

श्री सिद्धनाथ और श्री मोटे नाथ महादेव मंदिर की ख्याति केवल स्थानीय स्तर तक ही सीमित नहीं है। इस मंदिर में गोंडा के पड़ोसी जिलों जैसे बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, अयोध्या, गोरखपुर और राज्य की राजधानी लखनऊ से तो भक्त आते ही हैं, साथ ही चंडीगढ़ जैसे दूर-दराज के स्थानों से भी श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। जो श्रद्धालु ट्रेन या अन्य माध्यमों से यहां आना चाहते हैं, वे मनकापुर रेलवे स्टेशन पर उतरकर वहां से आसानी से उपलब्ध निजी वाहनों की मदद से सीधे मंदिर परिसर तक पहुंच सकते हैं। सावन भर चलने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान और मेले में हर साल दर्शनार्थियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

सवाल-जवाब

गोंडा का सिद्धनाथ और मोटे नाथ महादेव मंदिर कहां स्थित है?
यह मंदिर उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के मनकापुर विकासखंड के ग्राम सभा बन्दरहा में स्थित है।
इस मंदिर में सिद्धनाथ और मोटे नाथ शिवलिंग की खोज कैसे हुई थी?
वर्षों पहले रेलवे निर्माण और गांव में हुई अलग-अलग खुदाई के दौरान ये दोनों शिवलिंग जमीन के नीचे से मिले थे, जिसके बाद ग्रामीणों ने इन्हें एक ही मंदिर में स्थापित किया।
श्रद्धालु मनकापुर रेलवे स्टेशन से इस मंदिर तक कैसे पहुंच सकते हैं?
मनकापुर रेलवे स्टेशन से निजी वाहन आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं, जिनके माध्यम से श्रद्धालु सीधे मंदिर परिसर तक पहुंच सकते हैं।
सावन के महीने में मंदिर में किन दिनों विशेष भीड़ जुटती है?
सावन माह में पूरे महीने मेला लगता है और मुख्य रूप से प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को श्रद्धालुओं की सबसे अधिक भीड़ उमड़ती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR