गुरु पुष्य योग को ज्योतिष शास्त्र में सबसे शुभ संयोगों में गिना जाता है। जब गुरुवार के दिन आसमान में पुष्य नक्षत्र की उपस्थिति होती है, तभी यह विशेष योग आकार लेता है। इस बार 18 जून, गुरुवार को भी पुष्य नक्षत्र बना रहेगा, जिससे गुरु पुष्य योग का निर्माण होगा। मान्यता है कि इस अवधि में हल्दी से जुड़े कुछ छोटे-छोटे प्रयोग जीवन में खुशहाली और आर्थिक स्थिरता ला सकते हैं। यहां हम ऐसे ही तीन सरल उपायों की जानकारी दे रहे हैं, जिन्हें कोई भी आसानी से अपने घर पर कर सकता है।
मुख्यद्वार और तिजोरी पर बनाएं शुभ चिह्न
इस शुभ योग के दौरान हल्दी अकेले या फिर हल्दी और केसर के मिश्रण का प्रयोग किया जा सकता है। इससे अपने घर के मुख्यद्वार और तिजोरी पर स्वस्तिक उकेरें। चाहें तो इसी मिश्रण से ऊं और श्रीं के चिह्न भी अंकित कर सकते हैं। धार्मिक धारणा है कि गुरु पुष्य योग में बनाए गए ये चिह्न बेहद शुभ फल देते हैं। ये न सिर्फ घर के भीतर मौजूद नकारात्मक ऊर्जा को बाहर करते हैं, बल्कि धन और अन्न की प्राप्ति का मार्ग भी खोलते हैं।
माता लक्ष्मी की कृपा पाने का प्रयोग
गुरु पुष्य नक्षत्र में माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। पूजा शुरू करने से पहले एक लाल या पीले रंग के कपड़े में हल्दी की गांठ, एक कौड़ी और एक सिक्का रख लें। जब तक आप पूजा करें, तब तक इन तीनों वस्तुओं को माता के चरणों में पड़ा रहने दें। पूजा संपन्न होने पर इस कपड़े की पोटली बांध लें और इसे उस जगह रख दें जहां आप धन संभालकर रखते हैं। मान्यताओं के अनुसार, इस नक्षत्र में किया गया यह उपाय जीवन में सुख और समृद्धि लाता है और माता लक्ष्मी की कृपा से तिजोरी धन-धान्य से भरी रहती है।
नहाने के जल में मिलाएं एक चुटकी हल्दी
तीनों में सबसे आसान उपाय है स्नान के पानी में हल्दी मिलाना। इस दिन नहाने के जल में बस एक चुटकी हल्दी डाल दें। मान्यता है कि यह छोटा सा प्रयोग कुंडली में गुरु ग्रह की स्थिति को मजबूत करता है और धन से जुड़ी अड़चनों को दूर करने में मदद करता है। यदि आप इस उपाय को गुरु पुष्य नक्षत्र से शुरू करके अगले गुरु पुष्य नक्षत्र आने तक नियमित रूप से करते रहें, तो जीवन में सुख और संतोष बढ़ने की धारणा है।













