सनातन संस्कृति में आशुतोष भगवान शिव की आराधना के लिए प्रदोष व्रत का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। इस बार आश्विन मास का दूसरा प्रदोष व्रत 23 अक्टूबर को आ रहा है। इस पावन अवसर पर महादेव को प्रसन्न करने और जीवन की तमाम समस्याओं से निजात पाने के लिए कई खास उपाय करने का विधान है। प्रसिद्ध ज्योतिषी आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार, प्रदोष काल में किए गए ये अनुष्ठान मानसिक शांति, पारिवारिक सुख, व्यावसायिक उन्नति और विभिन्न बाधाओं को दूर करने में अत्यंत प्रभावी साबित होते हैं।
वैवाहिक जीवन और सफलता के विशेष उपाय
यदि किसी जातक के वैवाहिक जीवन में लगातार मनमुटाव या परेशानियां बनी हुई हैं, तो उसे नजदीکی शिव मंदिर जाकर भगवान शिव और माता पार्वती पर एक साथ मौली यानी कलावा सात बार लपेटना चाहिए। इस दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है कि धागा लपेटते वक्त बीच में टूटे नहीं और जब सात फेरे पूरे हो जाएं, तब उसे हाथ से तोड़ दें। धागा तोड़ने के बाद उसमें गांठ लगाने से बचना चाहिए, बल्कि उसे वैसे ही अर्पित कर देना चाहिए। इसके अलावा, किसी महत्वपूर्ण कार्य में शत-प्रतिशत सफलता प्राप्ति के लिए दूध में थोड़ा सा केसर मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है। दूध अर्पित करते समय निरंतर ऊं नमः शिवाय मंत्र का मानसिक जाप करते रहना चाहिए।
मानसिक शांति और पारिवारिक सुख के लिए अनुष्ठान
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक तनाव और चिंता आम बात हो गई है। यदि आप भी किसी अज्ञात चिंता से मानसिक रूप से व्यथित हैं, तो प्रदोष व्रत की शाम को शिव मंदिर जाएं या अपने घर पर ही भगवान शंकर की मूर्ति अथवा चित्र के सामने सुविधाजनक आसन पर बैठ जाएं। इसके बाद लंबी सांस खींचते हुए ऊं शब्द का सस्वर पांच बार उच्चारण करें। इस प्रक्रिया में ओ की ध्वनि को लंबा खींचना होता है, जबकि म की ध्वनि सांस छोड़ते हुए स्वतः ही मुख से बाहर आ जाती है। वहीं, परिवार के भीतर प्रेम और सुख-शांति बनाए रखने के लिए संध्याकाल में शिव मंदिर में एक घी का और एक तेल का दीपक प्रज्वलित करना चाहिए। धर्म शास्त्रों के अनुसार देवताओं की प्रसन्नता के लिए घी का दीपक लगाया जाता है, जबकि अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु तेल का दीपक जलाया जाता है। घी के दीपक में हमेशा रूई की खड़ी सफेद बत्ती लगानी चाहिए और तेल के दीपक में लेटी हुई यानी पड़ी हुई लाल बत्ती का उपयोग करना चाहिए।
आरोग्य, व्यवसाय और शत्रुओं से मुक्ति के उपाय
उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति और उसे दीर्घकाल तक बनाए रखने के लिए प्रदोष के दिन शिव मंदिर में जाकर भगवान को सूखा नारियल अर्पित करना चाहिए तथा अपने अच्छे स्वास्थ्य की मंगल कामना करनी चाहिए। यदि संभव हो तो यह उपाय प्रदोष काल में ही करें। वहीं, अपने व्यापार को आसमान की ऊंचाइयों पर ले जाने और कारोबार में भारी तरक्की पाने के लिए शाम के वक्त रंगोली के पांच अलग-अलग रंग लेकर शिव मंदिर पहुंचें और वहां उन रंगों से गोल फूल के आकार की रंगोली सजाएं। इस रंगोली के ठीक केंद्र में घी का दीपक जलाकर भगवान शिव का ध्यान करें। इसके अलावा, संतान के साथ अपने रिश्तों में मिठास घोलने के लिए एक कटोरी में थोड़ा सा शहद लें, अपनी उंगली से थोड़ा शहद निकालकर महादेव को भोग लगाएं और बचा हुआ शहद अपने हाथों से अपनी संतान को खिलाएं।
कानूनी मामलों और शत्रुओं से राहत पाने के अचूक टोटके
यदि आप किसी कानूनी मुकदमे में उलझ गए हैं और आपकी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं, तो धतूरे के पत्तों को पहले स्वच्छ जल से धोएं और उसके बाद दूध से स्नान कराकर शिवलिंग पर श्रद्धापूर्वक अर्पित कर दें। इसी प्रकार, यदि अज्ञात शत्रुओं का भय सता रहा है और आप उनसे हमेशा के लिए छुटकारा पाना चाहते हैं, तो शमी पत्र को साफ पानी से अच्छी तरह धोने के बाद शिवलिंग पर चढ़ाएं और एकाग्रचित्त होकर ऊं नमः शिवाय मंत्र का ग्यारह बार जाप करें। ये सभी उपाय प्रदोष व्रत के दिन करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और महादेव की असीम कृपा प्राप्त होती है।



















