पवित्र सावन महीने में देशभर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। अगर आप भी इस पावन समय में राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित तीर्थ नगरी पुष्कर की यात्रा का विचार बना रहे हैं, तो महादेव घाट पर स्थित लगभग 800 साल पुराने 108 शिवलिंग महादेव मंदिर के दर्शन अवश्य करें। पुष्कर झील के तट पर स्थित यह प्राचीन मंदिर अपने शांत माहौल, समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा और विशिष्ट निर्माण शैली के कारण भक्तों के बीच असीम आस्था का केंद्र बना हुआ है।
108 शिवलिंग और नंदी प्रतिमाओं की अद्भुत स्थापना
इस ऐतिहासिक मंदिर का सबसे अनूठा आकर्षण यह है कि यहां एक ही परिसर में 108 शिवलिंग स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही प्रत्येक शिवलिंग के सामने नंदी जी की प्रतिमा भी सुशोभित है, जिससे यहां कुल 108 नंदी प्रतिमाएं विद्यमान हैं। भक्तजन पूरे धार्मिक विधि विधान का पालन करते हुए सभी 108 शिवलिंगों पर जल चढ़ाते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस स्थान पर सच्चे मन से पूजा अर्चना करने पर भगवान शिव की विशेष अनुकंपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि का वास होता है।
सावन माह में आयोजित होने वाले विशेष धार्मिक अनुष्ठान
सावन के पवित्र महीने में हर दिन यहां भोलेनाथ का आशीर्वाद लेने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर के पुजारी के अनुसार, भक्तजन जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और ताजे फूल अर्पित करके भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। इस अवसर पर मंदिर में रुद्राभिषेक, सहस्रधारा अभिषेक, शिव महिम्न स्तोत्र और रुद्र पाठ जैसे अनुष्ठानों का भव्य आयोजन होता है। इन धार्मिक कार्यक्रमों में स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहरी राज्यों से आए तीर्थयात्री भी बड़ी श्रद्धा से भाग लेते हैं।
मंदिर तक कैसे पहुंचे और यात्रा की जानकारी
पुष्कर की यात्रा के दौरान इस पावन धाम तक पहुंचना बेहद आसान है। यह मंदिर पुष्कर बस स्टैंड से केवल 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। बस स्टैंड तथा स्थानीय मुख्य बाजार से मंदिर के लिए ई-रिक्शा और टेंपो आसानी से उपलब्ध रहते हैं। इसके अलावा श्रद्धालु बस स्टैंड से पैदल चलकर भी कुछ ही मिनटों में मंदिर परिसर पहुंच सकते हैं। निजी वाहनों से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यहां तक की सड़क व्यवस्था पूरी तरह सुगम है।



















