पवित्र सावन मास के दूसरे सोमवार को पूरा वाराणसी शहर शिवमय नजर आ रहा है और बाबा के जयकारों से गूंज रहा है। काशी विश्वनाथ मंदिर में शिव भक्तों का स्वागत अनूठे अंदाज में किया जा रहा है, जहां वाराणसी के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी स्वयं कांवरियों पर फूल बरसाकर उनका अभिनंदन कर रहे हैं। तड़के सुबह से ही भगवान भोलेनाथ के इस पावन धाम में भारी भीड़ उमड़ पड़ी है, जबकि श्रद्धालुओं का तांता तो बीती रात से ही लगातार बना हुआ है। इस विशेष अवसर पर बाबा विश्वनाथ अपने भक्तों को गौरी शंकर स्वरूप में दर्शन दे रहे हैं। पूरे साल में केवल एक ही ऐसा मौका आता है जब भक्तों को बाबा विश्वनाथ के इन विशिष्ट स्वरूपों के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होता है, क्योंकि सावन के प्रत्येक सोमवार को उनका अलग-अलग भव्य शृंगार किया जाता है।
चार किलोमीटर लंबी कतार और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सावन के दूसरे सोमवार के पावन अवसर पर काशी विश्वनाथ के दरबार के बाहर श्रद्धालुओं की चार किलोमीटर लंबी कतार देखने को मिली। मैदागिन और गोदौलिया के साथ-साथ गंगा द्वार की ओर जाने वाले मार्गों पर भी भक्त कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। गंगा स्नान करने के बाद हाथों में गंगाजल लिए शिवभक्त अनुष्ठान पूरा करने के लिए कतार में खड़े नजर आए और यह सिलसिला पूरे दिन अनवरत जारी रहा। श्रद्धालुओं की इस भारी भीड़ और सावन की शिवरात्रि के मद्देनजर शहर में यातायात व्यवस्था में विशेष बदलाव किए गए हैं। वाराणसी शहर में दो दिनों तक रात 11 बजे के बाद भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही, काशी विश्वनाथ मंदिर की ओर जाने वाले सभी मार्गों को नो व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है ताकि पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
प्रशासन की सक्रियता और अधिकारियों द्वारा पुष्प वर्षा
मंदिर परिसर और आसपास के पूरे इलाके में सुरक्षा के बेहद कड़े और चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से 4 जोन और 13 सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जहां चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सावन के इस दूसरे सोमवार को काशी विश्वनाथ मंदिर में कमिश्नर और डीएम सहित तमाम आला अधिकारी खुद सड़कों पर उतरे और शिव भक्तों तथा कांवरियों पर पुष्प वर्षा करते नजर आए। प्रशासन की इस गर्मजोशी और व्यवस्था को देखकर दूर-दूर से आए श्रद्धालु काफी प्रसन्न दिखाई दिए। दर्शन करने आए शिवभक्त प्रिंस गुप्ता ने बताया कि मंदिर परिसर में भक्तों के लिए बहुत ही बेहतरीन प्रबंध किए गए हैं और उन्होंने मात्र दो घंटे के भीतर ही शांतिपूर्ण तरीके से बाबा का जलाभिषेक संपन्न किया। मंदिर की ऐसी सुचारू व्यवस्था से उनका मन गदगद हो गया। कुछ ऐसा ही अनुभव पटना से आए भक्त श्याम यादव का भी रहा, जो मंदिर प्रशासन की व्यवस्थाओं से पूरी तरह संतुष्ट नजर आए।
छह लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान
इस बार के सावन सोमवार को लेकर प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट के आंकड़े काफी बड़े हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि सावन के दूसरे सोमवार अकेले के दिन छह लाख से ज्यादा श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी लगाकर दर्शन लाभ प्राप्त कर सकते हैं। मंदिर न्यास के सीईओ विश्वभूषण मिश्रा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 10 और 11 अगस्त को मिलाकर कुल 48 घंटों के भीतर 10 लाख से अधिक भक्तों के काशी विश्वनाथ के दर्शन करने की उम्मीद है। इतनी बड़ी संख्या में आ रहे श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालने के लिए मंदिर प्रशासन और पुलिस विभाग लगातार मुस्तैद रहकर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं ताकि हर आने वाला भक्त सुरक्षित और सुगमता के साथ दर्शन कर सके।



















