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डिप्रेशन के इलाज के लिए अमेरिका में लॉन्च हुआ स्वीडिश कंपनी का नया ब्रेन स्टिमुलेशन हेडसेटविज्ञान
19 सित॰ 2026, 3:50 pm (49 मिनट पहले)· 0

डिप्रेशन के इलाज के लिए अमेरिका में लॉन्च हुआ स्वीडिश कंपनी का नया ब्रेन स्टिमुलेशन हेडसेट

स्वीडिश कंपनी फ्लो न्यूरोसाइंस ने अमेरिका में डिप्रेशन के इलाज के लिए एक विशेष हेडसेट उतारा है, जो रोजाना आधे घंटे के हल्के इलेक्ट्रिकल स्टिमुलेशन के जरिए काम करता है।

डिप्रेशन से जूझ रहे लोगों के लिए पारंपरिक दवाइयों के विकल्प के तौर पर स्वीडन की कंपनी फ्लो न्यूरोसाइंस ने एक खास हेडसेट तैयार किया है, जिसकी बिक्री अब अमेरिका में शुरू हो चुकी है। अमेरिका में लगभग छह में से एक वयस्क डिप्रेशन की दवा ले रहा है। ऐसी स्थिति में यह डिवाइस बिना दवाओं के एक नए तरह के इलाज की पेशकश करती है। हालांकि चार अंकों वाली ऊंची कीमत की वजह से इसे व्यापक स्तर पर मरीजों तक पहुंचने में थोड़ा वक्त लग सकता है।

माथे पर लगने वाला डिवाइस कैसे काम करता है

इस हेडसेट को रोजाना 30 मिनट के लिए माथे पर पहनना होता है और इसे एक मोबाइल ऐप की मदद से संचालित किया जाता है। यह डिवाइस दिमाग के बाएं ललाट भाग यानी लेफ्ट फ्रंटल लोब को कम तीव्रता का इलेक्ट्रिकल स्टिमुलेशन देता है। दिमाग का यह विशिष्ट हिस्सा इंसान के मूड और भावनाओं को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाता है। वैज्ञानिक रूप से देखा गया है कि डिप्रेशन से पीड़ित व्यक्तियों के मस्तिष्क के इस क्षेत्र में न्यूरल कनेक्शन कमजोर पड़ जाते हैं और गतिविधि सामान्य से काफी कम हो जाती है।

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नियामक मंजूरी और उभरता न्यूरोटेक्नोलॉजी बाजार

फ्लो न्यूरोसाइंस को पिछले साल दिसंबर में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन से मंजूरी मिली थी। यह हेडसेट उन आधुनिक पहनने योग्य उपकरणों की श्रेणी में आता है जो मस्तिष्क की निगरानी करते हैं, डेटा दर्ज करते हैं या फिर न्यूरॉन्स को सक्रिय करते हैं। इस तकनीक के क्षेत्र में कैलिफोर्निया की कंपनी कॉग्निक्सियन भी सक्रिय है, जिसने ऐप्पल विज़न प्रो में बदलाव करके लकवाग्रस्त मरीजों के लिए एक संचार प्रणाली बनाई है, जिसमें मरीज बिना बोले या हाथ-पैर हिलाए संपर्क साध सकते हैं। इसी तरह म्यूज का एक हेडबैंड ध्यान लगाने की क्षमता बेहतर करने का दावा करता है, जबकि एलेमाइंड का उपकरण लोगों को जल्दी नींद लाने में मदद के मकसद से बनाया गया है।

क्लीनिक में होने वाली टीएमएस थेरेपी से तुलना

फ्लो का यह नया उपकरण दिमाग के उसी हिस्से को सक्रिय करता है जिसे ट्रांसक्रैनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन या टीएमएस थेरेपी में लक्षित किया जाता है। टीएमएस डिप्रेशन का एक स्वीकृत उपचार है, जिसमें न्यूरॉन्स को उत्तेजित करने के लिए चुंबकीय क्षेत्रों का उपयोग किया जाता है। हालांकि, टीएमएस उपचार के लिए मरीज को अनिवार्य रूप से क्लीनिक जाना पड़ता है। इस पूरी प्रक्रिया में कई हफ्तों तक हफ्ते में पांच दिन सत्र आयोजित किए जाते हैं। यदि मरीज के पास स्वास्थ्य बीमा न हो, तो टीएमएस के पूरे कोर्स का खर्च 15,000 डॉलर तक पहुंच सकता है।

घर पर सुरक्षित इस्तेमाल के लिए डिजाइन

फ्लो के सह-संस्थापक बनने से पहले क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट के तौर पर काम कर चुके कंपनी के सीईओ डेनियल मैन्सन ने मरीजों को एक सुविधाजनक विकल्प देने के मकसद से इस पर काम शुरू किया था। मैन्सन के मुताबिक, समस्या पर वास्तविक प्रभाव डालने के लिए मस्तिष्क पर जरूरी असर पैदा करने वाला उपकरण होना चाहिए, जिसे घर के माहौल में सुरक्षित और प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया जा सके।

क्लिनिकल ट्रायल के नतीजे और प्रभाव

मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर से पीड़ित 174 लोगों पर किए गए एक परीक्षण में उत्साहजनक परिणाम सामने आए। जिन प्रतिभागियों को फ्लो का हेडसेट दिया गया था, उनमें से 45 प्रतिशत लोगों के लक्षणों में 10 हफ्तों के भीतर सुधार देखने को मिला। इसके विपरीत, जिन लोगों को डमी या बनावटी उपकरण दिया गया था, उनमें से केवल 22 प्रतिशत को ही राहत मिली। इस ट्रायल में दवाओं का सेवन करने वाले और दवाएं न लेने वाले दोनों तरह के प्रतिभागी शामिल थे। मैन्सन ने बताया कि यह ट्रायल साबित करता है कि डॉक्टर की देखरेख में इसे डिप्रेशन की दवाइयों के साथ भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

दवाओं की तुलना में साइड इफेक्ट्स

परीक्षण के दौरान इस डिवाइस के बेहद हल्के साइड इफेक्ट्स दर्ज किए गए, जिनमें कुछ लोगों को त्वचा पर हल्की जलन, सिरदर्द और ध्यान केंद्रित करने में थोड़ी परेशानी महसूस हुई। दूसरी तरफ, डिप्रेशन की पारंपरिक दवाइयों से जी मिचलाना, वजन बढ़ना, सुस्ती, मुंह सूखना और यौन समस्याएं जैसी जटिलताएं हो सकती हैं, हालांकि दवा शुरू करने के कुछ हफ्तों बाद ये समस्याएं अक्सर ठीक हो जाती हैं।

यूरोप में पुराना अनुभव और अमेरिकी बाजार की चुनौतियां

यूरोप में इस हेडसेट को 2019 से ही मंजूरी मिली हुई है, जहां अब तक 65,000 से ज्यादा लोग इसका इस्तेमाल कर चुके हैं। इसके अलावा यूनाइटेड किंगडम की नेशनल हेल्थ सर्विस भी इस हेडसेट का एक पायलट प्रोजेक्ट चला रही है। अमेरिका में मरीज किसी डॉक्टर से मिलकर या फिर टेलीहेल्थ परामर्श के जरिए इसका प्रिस्क्रिप्शन ले सकते हैं।

फिलहाल अमेरिकी मरीजों को इसका खर्च अपनी जेब से ही उठाना होगा। इसके 10 हफ्तों के इस्तेमाल के लिए 2,200 डॉलर चुकाने होंगे और उसके बाद हर महीने 325 डॉलर का खर्च आएगा। यह खर्च डिप्रेशन की आम दवाओं की तुलना में काफी ज्यादा है, जिन्हें आमतौर पर बीमा कंपनियों द्वारा कवर किया जाता है। हालांकि कंपनी अब बीमा प्रदाताओं से प्रतिपूर्ति हासिल करने की दिशा में बातचीत कर रही है।

गैर-रासायनिक इलाज पर निवेशकों की राय

अरबपति वेंचर कैपिटलिस्ट और फ्लो के शुरुआती निवेशक विनोद खोसला का मानना है कि डिप्रेशन से निपटने के लिए बिना दवाओं वाला तरीका ही भविष्य की राह है। खोसला का कहना है कि डिप्रेशन की दवाएं लेने वाला कोई भी व्यक्ति उन पर निर्भर नहीं रहना चाहता और लोग इसके लिए गैर-दवा, गैर-रासायनिक इलाज को प्राथमिकता देंगे।

सवाल-जवाब

फ्लो का यह हेडसेट क्या काम करता है?
यह हेडसेट दिमाग के बाएं ललाट भाग को हल्का इलेक्ट्रिकल स्टिमुलेशन देकर डिप्रेशन के लक्षणों को कम करने में मदद करता है।
इसे दिन में कितनी देर इस्तेमाल करना होता है?
मरीजों को इसे माथे पर लगाकर एक मोबाइल ऐप के जरिए रोजाना 30 मिनट तक इस्तेमाल करना होता है।
क्लिनिकल ट्रायल में इसके नतीजे कैसे रहे?
ट्रायल में शामिल 45 प्रतिशत मरीजों के डिप्रेशन के लक्षणों में 10 हफ्तों के भीतर सुधार देखने को मिला, जबकि बनावटी डिवाइस पाने वालों में यह दर 22 प्रतिशत थी।
अमेरिका में इस डिवाइस की कीमत कितनी है?
शुरुआती 10 हफ्तों के लिए इसका खर्च 2,200 डॉलर है और उसके बाद हर महीने 325 डॉलर देने होंगे।
क्या इसे इस्तेमाल करने के लिए डॉक्टर के पर्चे की जरूरत है?
हां, अमेरिका में मरीज इसे डॉक्टर से प्रत्यक्ष मिलकर या टेलीहेल्थ परामर्श के जरिए प्रिस्क्रिप्शन लेकर ही हासिल कर सकते हैं।
इसके क्या साइड इफेक्ट्स देखे गए हैं?
ट्रायल के दौरान त्वचा पर हल्की जलन, सिरदर्द और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी जैसे हल्के लक्षण ही देखे गए।
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