उत्तरी इंग्लैंड के नॉर्थम्बरलैंड स्थित रेडेसडेल घाटी में चल रही पुरातात्विक खुदाई के दौरान एक छात्रा के हाथ 1200 साल पुरानी ऐतिहासिक संपत्ति लगी है। न्यूकैसल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही अमेरिकी छात्रा यारा सूजा की यह पहली पुरातात्विक खुदाई थी। जमीन की ऊपरी सतहों को सावधानीपूर्वक हटाते समय यारा को मिट्टी के बीच चमकती हुई एक छोटी चीज दिखाई दी। खुदाई शुरू होने के महज डेढ़ घंटे के भीतर ही यह कीमती कलाकृति सामने आ गई, जिसे देखकर वहां मौजूद विशेषज्ञ भी हैरान रह गए।
नौवीं सदी की सोने की कलाकृति की खासियतें
मिट्टी से बाहर निकाली गई यह वस्तु लगभग 1.5 इंच लंबी है। भले ही आकार में यह छोटी दिखती हो, लेकिन इस पर की गई नक्काशी बेहद बारीक और कलात्मक है। इस कलाकृति के एक किनारे पर एक सुंदर सजावटी फिनियल बना हुआ है। पुरातत्वविदों का अनुमान है कि यह कलाकृति नौवीं सदी की हो सकती है। उस कालखंड में सोना आम नागरिकों की पहुंच से काफी दूर माना जाता था और इसका उपयोग मुख्य रूप से उच्च वर्ग या विशिष्ट लोग ही करते थे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वस्तु किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान या महत्वपूर्ण औपचारिक समारोह का हिस्सा रही होगी।
ऐतिहासिक मार्ग डियर स्ट्रीट और आसपास का महत्व
जिस जगह पर यह खोज हुई है, उसका अपना एक विशेष ऐतिहासिक महत्व है। यह स्थान प्राचीन रोमन मार्ग डियर स्ट्रीट के बेहद करीब स्थित है। इतिहास में यह सड़क यॉर्क से स्कॉटलैंड तक व्यापार और आवाजाही का एक प्रमुख रास्ता हुआ करती थी। रोमन साम्राज्य के पतन के बाद भी इस मार्ग की उपयोगिता और दबदबा बना रहा। इसके अतिरिक्त, इस इलाके के पास जेडबर्ग और हेक्सहैम जैसे प्रसिद्ध धार्मिक केंद्र मौजूद थे। इसी वजह से पुरातत्वविदों का अनुमान है कि किसी महत्वपूर्ण यात्री या उच्च पदस्थ व्यक्ति ने यात्रा के दौरान इस कीमती सामान को खो दिया होगा या सुरक्षा के लिहाज से जमीन में गाड़ दिया होगा।
बीमारी की निराशा से ऐतिहासिक संग्रहालय तक का सफर
यारा सूजा के लिए यह खोज किसी सपने के सच होने जैसी है। उन्होंने बताया कि अपनी पहली ही खुदाई में इतनी जल्दी कोई प्राचीन धरोहर मिल जाएगी, इसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। पिछले साल बीमारी की वजह से वह एक रोमन किले में आयोजित खुदाई में हिस्सा नहीं ले पाई थीं। लेकिन नियति ने उनके लिए एक बड़ा ऐतिहासिक अवसर बचाकर रखा था। इस क्षेत्र में सोने की वस्तु मिलने का यह पहला मामला नहीं है। साल 2021 में एक मेटल डिटेक्टरिस्ट को भी इसी इलाके से ऐसी ही सोने की चीज मिली थी। अब इन दोनों कलाकृतियों का गहन वैज्ञानिक अध्ययन किया जाएगा और बाद मेंन्हें ग्रेट नॉर्थ म्यूजियम में आम जनता के देखने के लिए प्रदर्शित किया जाएगा।


















