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इंडोनेशिया के आसमान में समाया नासा का स्विफ्ट ऑब्जर्वेटरी, दो दशक की ऐतिहासिक अंतरिक्ष खोज का हुआ अंतविज्ञान
5 नव॰ 2026, 7:12 am (5 मिनट पहले)· 0

इंडोनेशिया के आसमान में समाया नासा का स्विफ्ट ऑब्जर्वेटरी, दो दशक की ऐतिहासिक अंतरिक्ष खोज का हुआ अंत

नासा का 1,452 किलोग्राम वजनी स्विफ्ट टेलीस्कोप 22 साल की सफल वैज्ञानिक यात्रा पूरी करने के बाद वायुमंडल में जलकर समाप्त हो गया। अमेरिकी स्पेस फोर्स के अनुसार, यह उपग्रह अत्यधिक तेज गति से पृथ्वी की कक्षा में वापस लौटा और कहीं किसी नुकसान की सूचना नहीं मिली।

ब्रह्मांडीय रहस्यों की पड़ताल में दो दशकों से अधिक समय बिताने वाला अंतरिक्ष यान आखिरकार पृथ्वी की ओर लौटते हुए राख में बदल गया। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा द्वारा संचालित प्रसिद्ध नील गेहरेल्स स्विफ्ट ऑब्जर्वेटरी ने बुधवार को ग्रह के वायुमंडल में अपनी अंतिम सांस ली। लगभग 1,452 किलोग्राम भारी यह वैज्ञानिक उपकरण बेहद तीव्र रफ्तार से पृथ्वी के वातावरण से टकराया। सतह पर मौजूद आबादी के लिए राहत की बात यह रही कि इसके अधिकांश हिस्से हवा में ही नष्ट हो गए और धरातल पर किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं आई।

उत्तरी सुमात्रा के ऊपर अत्यधिक गति से वापसी

अमेरिकी स्पेस फोर्स ने इस उपग्रह के धरती पर लौटने के सटीक समय और स्थान की पुष्टि कर दी है। प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय समयानुसार बुधवार शाम 6:09 बजे यह उपग्रह इंडोनेशिया के उत्तरी सुमात्रा प्रांत के ऊपर वायुमंडल की निचली परतों में प्रविष्ट हुआ। वातावरण में दाखिल होते वक्त इसकी चाल ध्वनि की गति से करीब 22 गुना ज्यादा मापी गई थी। इतनी प्रचंड गति और घने वायुमंडलीय घर्षण के चलते अंतरिक्ष यान में भीषण तापमान उत्पन्न हुआ, जिससे संरचना का ज्यादातर हिस्सा हवा में ही विलीन हो गया।

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जमीनी जोखिम का बेहद सीमित दायरा

नासा ने इस खगोलीय यंत्र की वापसी से पहले ही स्पष्ट किया था कि पृथ्वी पर रहने वाले नागरिकों के लिए खतरा नगण्य है। गणितीय विश्लेषण के आधार पर एजेंसी ने आकलन लगाया था कि इसके मलबे से किसी इंसान के जख्मी होने की संभावना 2,100 में से केवल एक थी। ब्रिटिश फर्म एक्यू कंपोनेंट्स के एयरोस्पेस विशेषज्ञ डीन स्लेडन ने स्थिति को सामान्य बताते हुए उल्लेख किया कि इस पैमाने के उपग्रहों का वायुमंडल में पुनः प्रवेश होना सामान्य घटनाक्रम है। डीन स्लेडन के शब्दों में, "अंतरिक्ष उड़ानों के लगभग 70 वर्षों के इतिहास में कभी भी किसी व्यक्ति की मौत गिरते हुए मलबे के कारण नहीं हुई है." विशेषज्ञों का मानना था कि अत्यधिक मजबूत सामग्री के इक्का-दुक्का अंश ही जमीन तक पहुंच पाए होंगे।

जुलाई के बचाव प्रयास में आई थी तकनीकी बाधा

अंतरिक्ष एजेंसी इस मूल्यवान वैज्ञानिक उपकरण को इतनी जल्दी खोना नहीं चाहती थी। इसके परिचालन काल को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से जुलाई माह में एक निजी उपक्रम की मदद ली गई थी। एरिजोना के कैटलिस्ट नामक स्टार्टअप के साथ मिलकर एक रेस्क्यू मिशन तैयार किया गया, जिसमें लिंक नामक विशेष अंतरिक्ष यान शामिल था। योजना यह थी कि लिंक अंतरिक्ष यान स्विफ्ट से जुड़कर उसे एक सुरक्षित और ऊंची कक्षा में स्थानांतरित करेगा। लेकिन कक्षा में पहुंचते ही लिंक अनियंत्रित रूप से चक्राकार घूमने लगा, जिसके चलते वैज्ञानिकों को यह बचाव अभियान बीच में ही रद्द करने पर विवश होना पड़ा। उस अभियान की विफलता के तीन महीने से भी कम समय के भीतर टेलीस्कोप का पतन तय हो गया।

दो वर्ष के लक्ष्य से 22 साल का कीर्तिमान

वर्ष 2004 में जब इस अंतरिक्ष वेधशाला को प्रक्षेपित किया गया था, तब इसका आधिकारिक डिजाइन जीवनकाल केवल दो वर्षों के लिए निर्धारित था। इसका प्राथमिक मकसद गहरे अंतरिक्ष में होने वाले सबसे तीव्र और ऊर्जावान विस्फोटों, यानी गामा-रे बर्स्ट की बारीकियों को समझना था। स्विफ्ट ने अपने निर्धारित लक्ष्य को पीछे छोड़ते हुए लगातार 22 सालों तक खगोलीय सेवाएं दीं। अपनी सेवा के दौरान इसने सुपरनोवा, ब्लैक होल, एक्स-रे फ्लेयर्स, सौरमंडल के क्षुद्रग्रहों और धूमकेतुओं से जुड़े दुर्लभ आंकड़े संकलित किए। इन अवलोकनों की मदद से वैश्विक स्तर पर करीब 7,000 शोध पत्र तैयार किए गए। महीनों तक अपनी कक्षा में स्थिरता खोते रहने के बाद अंततः 20 अक्टूबर को इस टेलीस्कोप ने हमेशा के लिए काम करना बंद कर दिया था।

सवाल-जवाब

स्विफ्ट स्पेस टेलीस्कोप कब और कहां वायुमंडल में दाखिल हुआ?
यह उपग्रह भारतीय समयानुसार बुधवार शाम 6:09 बजे इंडोनेशिया के उत्तरी सुमात्रा प्रांत के ऊपर पृथ्वी के वायुमंडल में दाखिल हुआ।
वायुमंडल में प्रवेश के समय इस टेलीस्कोप की गति कितनी थी?
पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते समय इस उपग्रह की गति ध्वनि की रफ्तार से लगभग 22 गुना ज्यादा थी।
टेलीस्कोप का कुल वजन कितना था?
स्विफ्ट स्पेस टेलीस्कोप का कुल वजन 1,452 किलोग्राम था।
नासा ने इस उपग्रह को मूल रूप से कितने समय के मिशन के लिए भेजा था?
इसे मूल रूप से केवल 2 साल के मिशन के लिए 2004 में भेजा गया था, लेकिन इसने 22 साल तक काम किया।
जुलाई में इसे बचाने के लिए कौन सा प्रयास किया गया था?
एरिजोना के कैटलिस्ट स्टार्टअप के लिंक अंतरिक्ष यान से इसे ऊंची कक्षा में धकेलने की कोशिश की गई थी, जो यान के घूमने की वजह से विफल हो गई।
इस टेलीस्कोप से वैज्ञानिकों को क्या लाभ मिला था?
इसने गामा-रे बर्स्ट, सुपरनोवा और ब्लैक होल का अध्ययन किया और करीब 7,000 वैज्ञानिक शोध पत्रों को तैयार करने में मदद की।
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