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आईची नागोया में भारतीय महिला एथलीट्स का ऐतिहासिक जलवा, जीते 11 गोल्डखेल
5 अक्तू॰ 2026, 10:41 am (46 मिनट पहले)· 0

आईची नागोया में भारतीय महिला एथलीट्स का ऐतिहासिक जलवा, जीते 11 गोल्ड

आईची नागोया एशियाई खेलों 2026 में भारतीय दल ने कुल 85 पदक जीते, जिनमें 21 स्वर्ण पदकों में से 11 स्वर्ण अकेले महिला खिलाड़ियों के नाम रहे।

जापान के आईची नागोया में संपन्न हुए एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला एथलीट्स ने अपने असाधारण प्रदर्शन से नया इतिहास रच दिया है। भारत ने इस महाद्वीपीय खेल प्रतियोगिता में कुल 85 पदक अपने नाम किए, जिनमें 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। भारतीय अभियान की सबसे शानदार बात यह रही कि देश को मिले कुल 21 स्वर्ण पदकों में से आधे से ज्यादा यानी 11 गोल्ड महिलाओं ने जीते, जबकि 3 स्वर्ण पदक मिक्स्ड स्पर्धाओं से आए। इस पूरे टूर्नामेंट में भारतीय दल की महिला सदस्यों ने न केवल अपनी मौजूदगी दर्ज कराई, बल्कि वैश्विक मंच पर निर्णायक दबदबा भी साबित किया।

प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पहुंचे 495 सदस्यीय भारतीय दल में 234 महिला खिलाड़ी शामिल थीं। पदकों का यह समीकरण पिछली बार की तुलना में काफी बदल चुका है। पिछले संस्करण में भारत के खाते में 9 महिला, 4 मिक्स्ड और 15 पुरुष स्पर्धाओं से गोल्ड मेडल आए थे, लेकिन इस बार महिला खिलाड़ियों ने सफलता के नए मानक स्थापित किए हैं।

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युवा प्रतिभाओं ने दुनिया की दिग्गज खिलाड़ियों को चौंकाया

इस बार के खेलों में सबसे बड़ा उलटफेर तीरंदाजी के मैदान पर देखने को मिला। 17 वर्षीय युवा तीरंदाज कुमकुम महोद ने कोरिया की ओलंपिक चैंपियन ओह ये-जिन को शिकस्त देकर सबको स्तब्ध कर दिया। युवा स्क्वॉश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने भी बेहतरीन खेल का मुजाहिरा करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया और यह भरोसा जगाया कि भारतीय महिला खेलों का भविष्य बेहद सुरक्षित हाथों में है। उधर गोल्फ कोर्स पर प्रनवी उर्स ने अभूतपूर्व प्रदर्शन किया। प्रनवी ने चीन की विश्व नंबर 6 खिलाड़ी यिन रुओनिंग को पछाड़कर ऐतिहासिक गोल्ड मेडल अपनी झोली में डाला। पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने दुनिया के बड़े नामों से खौफ खाने के बजाय उन्हें सीधी टक्कर देकर मात दी।

अनुभवी ओलंपिक मेडलिस्ट्स का स्वर्णिम पराक्रम

यह प्रतियोगिता सिर्फ उभरते हुए चेहरों की चमक तक सीमित नहीं रही, बल्कि मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन जैसी स्थापित ओलंपिक पदक विजेताओं ने भी अपने अनुभव का लोहा मनवाया। वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता और इस स्पर्धा में भारत के 28 साल लंबे पदक के सूखे को समाप्त किया। रिंग के भीतर मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने स्वर्णिम पंच जमाया। लवलीना मैरी कॉम के बाद एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाली इतिहास की केवल दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर बन गईं। इसके साथ ही दो वर्ष के प्रतिबंध का सामना कर चुकीं परवीन हुड्डा ने भी जोरदार वापसी करते हुए सोने का तमगा हासिल किया।

स्वास्थ्य और निजी संघर्षों को मात देकर पोडियम तक पहुंचीं खिलाड़ी

भारतीय अभियान की कई कहानियां महज खेल तकनीक या नियमित अभ्यास तक सीमित नहीं थीं, बल्कि वे विपरीत परिस्थितियों और बीमारियों पर जीत का दस्तावेज बनीं। ट्रैप शूटिंग स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतने वाली नीरू ढांडा खेलों के शुरू होने से ऐन पहले इन्फ्लुएंजा बी से पीड़ित होकर अस्पताल में भर्ती थीं। वहीं लॉन्ग जंप में सिल्वर मेडल जीतने वाली एथलीट अंसी सोजान पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम यानी पीसीओएस से जूझने के बावजूद पोडियम तक पहुंचने में कामयाब रहीं। 36 वर्ष की उम्र में सुचिका तारियाल ने एमएमए में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर एक नई मिसाल पेश की। बचपन में छेड़खानी की शिकार रहीं सुचिका ने यह साबित कर दिखाया कि मजबूत इच्छाशक्ति हो तो किसी भी उम्र में अंतरराष्ट्रीय पदक जीता जा सकता है।

सवाल-जवाब

एशियन गेम्स 2026 में भारत ने कुल कितने पदक जीते?
भारत ने जापान के आईची नागोया में कुल 85 पदक जीते, जिनमें 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं।
कुल 21 स्वर्ण पदकों में से महिला खिलाड़ियों ने कितने पदक जिताए?
भारतीय महिला खिलाड़ियों ने 21 में से 11 गोल्ड मेडल अकेले जीते, जबकि 3 गोल्ड मिक्स्ड स्पर्धाओं से प्राप्त हुए।
भारतीय दल में कुल कितने खिलाड़ी और कितनी महिलाएं शामिल थीं?
495 खिलाड़ियों के भारतीय दल में 234 महिला एथलीट्स शामिल थीं।
तीरंदाजी में किस युवा खिलाड़ी ने बड़ा उलटफेर किया?
17 साल की कुमकुम महोद ने कोरिया की ओलंपिक चैंपियन ओह ये-जिन को हराकर बड़ा उलटफेर किया।
वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू ने कौन सा पदक जीता?
मीराबाई चानू ने वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल जीतकर भारत के 28 साल लंबे पदक के इंतजार को खत्म किया।
लवलीना बोरगोहेन ने मुक्केबाजी में क्या कीर्तिमान बनाया?
लवलीना बोरगोहेन मैरी कॉम के बाद एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली इतिहास की सिर्फ दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर बनीं।
किन महिला खिलाड़ियों ने बीमारी और स्वास्थ्य समस्याओं से लड़कर पदक जीते?
इन्फ्लुएंजा बी से अस्पताल में भर्ती रहीं नीरू ढांडा ने ट्रैप शूटिंग में गोल्ड और पीसीओएस से जूझ रहीं अंसी सोजान ने लॉन्ग जंप में सिल्वर जीता।
सुचिका तारियाल ने किस खेल में और किस उम्र में पदक हासिल किया?
36 साल की सुचिका तारियाल ने एमएमए में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
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