इंग्लैंड की क्रिकेट टीम ने आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए अपनी रणनीति में अहम बदलाव करते हुए आधिकारिक अभ्यास मुकाबला खेलने की तैयारी की है। अगले महीने शुरू होने वाले इस दौरे पर दोनों देशों के बीच सबसे पहले एकदिवसीय मैचों की श्रृंखला खेली जाएगी। मुख्य मुकाबलों में उतरने से पहले इंग्लिश टीम 7 नवंबर को पर्थ के मशहूर वाका मैदान पर वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया XI के विरुद्ध 50 ओवर का अभ्यास मैच खेलेगी। यह वार्म-अप मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 13 नवंबर से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज से ठीक छह दिन पहले आयोजित होगा।
पिछली गलतियों से सीख और रणनीति में बदलाव
इंग्लैंड क्रिकेट प्रबंधन ने अपने पिछले ऑस्ट्रेलियाई दौरे के अनुभवों से सबक लेते हुए यह कदम उठाया है। इससे पहले जब इंग्लिश टीम ऑस्ट्रेलिया आई थी, तब उसने कोई औपचारिक अभ्यास मैच नहीं खेला था, जिसके चलते टीम की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। उस दौरान एशेज दौरे की शुरुआत से पहले टीम ने पर्थ के लिलैक हिल स्थित क्लब मैदान की धीमी पिच पर केवल आपसी इंट्रा-स्क्वाड मुकाबला खेला था। इसका नतीजा यह रहा कि इंग्लैंड को पर्थ स्टेडियम में खेले गए पहले टेस्ट मैच में महज दो दिन के भीतर करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था।
सफेद गेंद क्रिकेट में टीम के मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम ने इस बार पूरी तरह भिन्न रुख अपनाया है। वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया XI के खिलाफ 50 ओवर का कड़ा मुकाबला खेलकर इंग्लैंड की योजना स्थानीय उछाल और परिस्थितियों से तालमेल बैठाने की है, ताकि वनडे सीरीज के आगाज से पूर्व खिलाड़ी पूरी तरह लय में आ सकें। इतिहास की बात करें तो 2017-18 में जब इंग्लैंड ने वाका के मैदान पर पिछला टूर मैच खेला था, तब वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया की शील्ड टीम के कप्तान आरोन हार्डी और मॉरिस ने उनका सामना किया था। उस मैच में टिम डेविड, जोश फिलिप और नाथन कूल्टर-नाइल जैसे खिलाड़ी भी मैदान पर उतरे थे।
दौरे का कार्यक्रम और व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर
इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला का पहला मुकाबला 13 नवंबर को पर्थ स्टेडियम में खेला जाएगा। इसके पश्चात दोनों टीमें 15 नवंबर को एडिलेड में आमने-सामने होंगी, जबकि तीसरा तथा अंतिम वनडे 18 नवंबर को होबार्ट के मैदान पर होगा। पचास ओवरों की इस जंग के बाद 21 नवंबर से 2 दिसंबर के बीच पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी।
इस पूरे दौरे पर दोनों ही टीमों के सामने अपने प्रमुख खिलाड़ियों के कार्यभार प्रबंधन की कठिन चुनौती रहने वाली है। इंग्लैंड अपने कुछ टेस्ट विशेषज्ञों को पांच मैचों की टी20 श्रृंखला से विश्राम दे सकता है, क्योंकि टीम को इसके तुरंत बाद साउथ अफ्रीका के महत्वपूर्ण टेस्ट दौरे पर जाना है।
मेजबान टीम के सामने वर्कलोड की चुनौती
दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन को भी अपने खिलाड़ियों के कार्यभार को संतुलित रखना होगा। ऑस्ट्रेलिया का साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों का घरेलू कार्यक्रम 31 अक्टूबर को पूरा होगा। इसके कुछ ही समय बाद 9 दिसंबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की लंबी टेस्ट सीरीज का आगाज होना है। इस व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए पूरी संभावना है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन अपने प्रमुख टेस्ट खिलाड़ियों का उपयोग सीमित ओवरों के मुकाबलों में बेहद सोच-समझकर और सीमित रूप से ही करेगा।


















