शेखावाटी क्षेत्र की खेल प्रतिभाएं लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रही हैं, और इसी कड़ी में सीकर जिले के दो प्रतिभावान क्रिकेटरों ने राज्य की सबसे प्रतिष्ठित टीम में जगह बनाई है। अंशुल गढ़वाल और मुकुल चौधरी को राजस्थान की रणजी ट्रॉफी टीम में शामिल किया गया है। दोनों खिलाड़ियों का यह चयन स्थानीय खेल हलकों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। राजस्थान का रणजी अभियान 11 अक्टूबर से शुरू हो रहा है, जहां टीम अपने पहले मैच में जयपुर स्थित सवाई मानसिंह (एसएमएस) स्टेडियम में तमिलनाडु का सामना करेगी।
शानदार पारियों के दम पर अंशुल ने बनाई टीम में जगह
अंशुल गढ़वाल ने इस सत्र में सीकर जिले की सीनियर टीम की ओर से खेलते हुए अपनी प्रभावशाली बल्लेबाजी से चयनकर्ताओं को गहराई से प्रभावित किया। उन्होंने सीनियर वर्ग के विभिन्न मैचों के दौरान कुल मिलाकर करीब 900 रन बनाए। इस सत्र में करौली के खिलाफ खेली गई 194 रन की मैराथन पारी और जयपुर के विरुद्ध जड़ा गया 148 रन का शानदार शतक उनकी तकनीकी दक्षता और आक्रामकता को दर्शाता है। इन बड़ी पारियों ने न केवल उनकी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, बल्कि उनके लिए रणजी टीम के दरवाजे भी खोल दिए। इससे पहले वह सीकर की अंडर-23 टीम के कप्तान की जिम्मेदारी भी सफलतापूर्वक संभाल चुके हैं।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और क्रिकेट का सफर
अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अंशुल ने पूरी तरह से अपने परिवार के मार्गदर्शन और सहयोग को दिया है। उनके बड़े भाई आदित्य गढ़वाल भी पूर्व में राजस्थान की ओर से रणजी क्रिकेट में भाग ले चुके हैं और इस समय एक बैंक में सहायक प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। स्वयं अंशुल वर्तमान में भारतीय रेलवे में टिकट कलेक्टर (टीसी) पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अंशुल के अनुसार, जिस दौर में सीकर में क्रिकेट का बुनियादी ढांचा और सुविधाएं काफी सीमित थीं, उस समय भी उनके पिता इंजीनियर नरेन्द्र गढ़वाल और माता डॉ. सविता चौधरी ने उनके खेल सपनों को पूरा समर्थन दिया।
एसबीएस एकेडमी से रणजी तक मुकुल चौधरी का सफर
टीम में चुने गए दूसरे खिलाड़ी मुकुल चौधरी भी सीकर के क्रिकेट परिदृश्य में एक जाना-पहचाना नाम हैं। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके मुकुल ने अपने क्रिकेट कौशल की शुरुआती ट्रेनिंग भैरूपुरा स्थित एसबीएस क्रिकेट एकेडमी से ली थी। इसके बाद उन्होंने राजस्थान क्रिकेट संघ (आरसीए) द्वारा आयोजित अलग-अलग प्रतियोगिताओं में नियमित रूप से रन बनाए। आईपीएल में खेलने के अनुभव और घरेलू टूर्नामेंटों में लगातार अच्छे प्रदर्शन ने उन्हें राज्य की रणजी टीम का हिस्सा बनने में मदद की।
स्थानीय सम्मान और आगामी मैचों का कार्यक्रम
आईपीएल में चयन के समय एसबीएस क्रिकेट एकेडमी ने मुकुल के सम्मान में एक स्टैंड का नामकरण उनके नाम पर किया था। एकेडमी के निदेशक विजेन्द्र पचार ने उनके पूरे क्रिकेट सफर में तकनीकी मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देने में भूमिका निभाई। छोटे शहरों से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की मुकुल की यात्रा कई अन्य उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन चुकी है।
राजस्थान टीम के घरेलू सत्र का पहला मुकाबला 11 अक्टूबर से तमिलनाडु के खिलाफ जयपुर के एसएमएस स्टेडियम में आयोजित होगा। इसके बाद टीम अपना दूसरा रणजी मैच 18 से 21 अक्टूबर तक रेलवे के खिलाफ खेलेगी। चयनित खिलाड़ियों का विशेष तैयारी शिविर आरसीए एकेडमी में शुरू किया जा चुका है, जहां दोनों खिलाड़ी आगामी मुकाबलों के लिए पसीना बहा रहे हैं।


















