पाकिस्तान की महिला टीम की अनुभवी ऑलराउंडर कायनात इम्तियाज ने 13 साल के लंबे सफर के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का फैसला किया है। मैदान पर बतौर खिलाड़ी अपने सफर को विराम देने के बाद भी वह खेल से पूरी तरह अलग नहीं हो रही हैं। कायनात अब मैच रेफरी बनकर मैदान पर निर्णय लेने की जिम्मेदारी संभालेंगी। इस नए सफर में वह अपनी मां सलीमा इम्तियाज के दिखाए रास्ते पर चल रही हैं, जिन्होंने खुद अंपायरिंग के क्षेत्र में पहचान बनाई है।
घरेलू टूर्नामेंट से मिली नई राह की शुरुआत
कायनात ने हाल ही में मैच अधिकारी की जिम्मेदारी संभालकर इस भूमिका को परखा था। कराची में अगस्त और सितंबर के दौरान पीसीबी नेशनल विमेंस अंडर-19 टी20 टूर्नामेंट का आयोजन हुआ था, जहां उन्होंने मैच अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दीं। इस अनुभव के बाद उन्होंने खेल के इस नए पहलू को करियर बनाने का मन बनाया और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने का औपचारिक फैसला कर लिया।
पाकिस्तान के लिए 40 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का अनुभव
कायनात के अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 40 मैच दर्ज हैं, जिसमें उन्होंने 19 वनडे और 21 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका पदार्पण अक्टूबर 2010 में हुआ था, जब उन्होंने पोटचेफ्स्ट्रूम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 मुकाबला खेला था। इसके अगले साल उन्होंने फतुल्लाह में आयरलैंड के खिलाफ अपना पहला वनडे मैच खेला। गेंद के साथ उन्होंने वनडे में 10 विकेट चटकाए, जहां उनका गेंदबाजी औसत 51.40 का रहा। टी20 प्रारूप में उन्होंने 5.82 की इकॉनमी रेट से गेंदबाजी करते हुए 8 विकेट अपने नाम किए।
एशियन गेम्स में गोल्ड और बड़े टूर्नामेंट्स का सफर
कायनात पाकिस्तान की उस ऐतिहासिक टीम का अहम हिस्सा रही हैं जिसने 2010 और 2014 के एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक हासिल किए थे। ये पदक चीन और दक्षिण कोरिया में हुए आयोजनों में जीते गए थे। इसके अलावा वह 2017 महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप और 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम की सदस्य रहीं। पाकिस्तान की जर्सी में उनका आखिरी वनडे मैच जनवरी 2023 में ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ था। वहीं उनका अंतिम अंतरराष्ट्रीय टी20 मुकाबला 2022 एशिया कप के दौरान सिलहट में थाईलैंड के विरुद्ध रहा।
ब्रॉडकास्टिंग के बाद अब मैच अधिकारी की जिम्मेदारी
मैदान पर नियमित खेल से दूर रहने के दौरान कायनात ने ब्रॉडकास्टिंग और मीडिया में भी अपनी पहचान बनाई। उन्होंने पाकिस्तान और विदेशी मैदानों पर आयोजित कई क्रिकेट टूर्नामेंटों में टीवी प्रेजेंटर और कमेंटेटर के तौर पर काम किया। अब वह औपचारिक रूप से मैच रेफरी के रूप में दूसरी पारी शुरू कर रही हैं। उनकी मां सलीमा इम्तियाज पाकिस्तान की पहली ऐसी महिला अंपायर हैं, जिन्हें आईसीसी के इंटरनेशनल डेवलपमेंट पैनल में जगह मिली है। सलीमा ने अब तक 9 महिला वनडे और 69 महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में मैदानी अंपायरिंग की है। हाल के दिनों में पाकिस्तानी महिला क्रिकेट में यह दूसरा ऐसा मामला है जब किसी पूर्व खिलाड़ी ने मैच अधिकारी का रास्ता चुना है। इससे पहले अगस्त में ऐमन अनवर ने भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहकर मैच रेफरी बनने का फैसला किया था।



















