एशियाई खेल 2026 के 15वें दिन भारतीय खिलाड़ियों ने विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में असाधारण प्रदर्शन करते हुए देश की झोली में पदकों की बौछार कर दी। पुरुष हॉकी, पुरुष क्रिकेट, तीरंदाजी, गोल्फ और कुश्ती स्पर्धाओं में भारत ने सुनहरी सफलता अर्जित की। इन शानदार जीतों के बल पर भारत की कुल पदक संख्या अब 85 तक पहुंच चुकी है, जिसके साथ भारतीय दल पदक तालिका में चौथे स्थान पर विराजमान है। इस विशाल तालिका में भारत के खाते में 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक दर्ज हो चुके हैं।
पदक तालिका में खेलों का योगदान
इस बार के संस्करण में भारतीय दल के लिए सबसे अधिक सफलता एथलेटिक्स के मैदान से आई है। एथलेटिक्स में भारतीय एथलीटों ने कुल 24 पदक जीते, जिनमें 1 स्वर्ण, 9 रजत और 14 कांस्य पदक शामिल हैं। पदकों के मामले में दूसरे स्थान पर निशानेबाजी रही, जहां भारतीय निशानेबाजों ने 15 पदक बटोरे। निशानेबाजी के इन पदकों में 3 स्वर्ण, 8 रजत और 4 कांस्य पदक शामिल हैं। वहीं तीरंदाजी 9 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रही, जिसमें खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाते हुए 5 स्वर्ण पदक हासिल किए। यदि 2022 के पिछले एशियाई खेलों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो उस समय भारत ने एथलेटिक्स में 29 पदक जीते थे, जिनमें 6 स्वर्ण, 14 रजत और 9 कांस्य शामिल थे। इसके अतिरिक्त उस पिछले संस्करण में सबसे अधिक 7 स्वर्ण पदक निशानेबाजी में हासिल हुए थे।
पुरुष हॉकी में मलेशिया को हराकर पांचवां स्वर्ण और ओलंपिक कोटा
दिन के अंतिम सत्र में हॉकी के मैदान से बेहद उत्साहजनक परिणाम सामने आया। फाइनल मुकाबले में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने मलेशिया को 5-1 के बड़े अंतर से मात देकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने सामने से नेतृत्व करते हुए मुकाबले के 11वें और 57वें मिनट में दो शानदार गोल दागे। टीम के साथी खिलाड़ियों जुगराज सिंह, हार्दिक सिंह और शिलानंद लाकड़ा ने भी एक-एक बार गेंद को जाली में उलझाकर टीम की बढ़त को मजबूत किया। दूसरी ओर मलेशिया की तरफ से एकमात्र गोल 14वें मिनट में शेल्लो सिल्वेरियस के स्टिक से निकला।
हरमनप्रीत सिंह पूरे टूर्नामेंट में 12 गोल दागकर शीर्ष स्कोरर की सूची में पहले पायदान पर रहे। इस फाइनल मैच में भारतीय आक्रामकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टीम ने मलेशिया के 2 के मुकाबले कुल 14 पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए। एशियाई खेलों के इतिहास में भारत का यह पांचवां पुरुष हॉकी स्वर्ण पदक है, इससे पहले टीम ने 1966, 1998, 2014 और 2022 में यह उपलब्धि हासिल की थी। इसके साथ ही भारत ने पाकिस्तान के बाद लगातार दो बार एशियाई खेलों का पुरुष हॉकी स्वर्ण जीतने वाले दूसरे देश का गौरव भी प्राप्त किया। इस खिताबी जीत के साथ ही भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 2028 ओलंपिक के लिए भी अपनी जगह पक्की कर ली है।
कुश्ती मैट पर अमन सहरावत का दबदबा और अन्य पदक
कुश्ती स्पर्धा में अमन सहरावत ने मैट पर अपना पराक्रम दिखाते हुए पुरुषों के 57 किग्रा भार वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया। उन्होंने 2023 हांगझोऊ खेलों के अपने कांस्य पदक के प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए इस बार शीर्ष पोडियम पर जगह बनाई। फाइनल मुकाबले में अमन ने उत्तर कोरिया के मौजूदा विश्व चैंपियन चोंग सोंग हान को 10-7 के स्कोर से पराजित किया। कुश्ती में सुजीत कलकल की जीत के बाद यह भारत का दूसरा स्वर्ण पदक रहा।
वहीं महिलाओं के 53 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में अंतिम पंघाल को जापान की 2024 विश्व चैंपियन मेई मियोका के हाथों 1-9 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अंतिम पंघाल जापानी पहलवान की मजबूत रक्षा पंक्ति और आक्रामक दांव का मुकाबला करने में सफल नहीं हो सकीं। इसके अलावा पुरुषों के 97 किग्रा वर्ग में दीपक पूनिया ने मंगोलियाई पहलवान गांखुयांग गनबातर को 2-1 से कड़े संघर्ष में हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया।
क्रिकेट फाइनल में पाकिस्तान को दी शिकस्त
दिन की शुरुआत क्रिकेट मैदान पर एक हाई-वोल्टेज मुकाबले के साथ हुई, जहां भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने फाइनल में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराकर स्वर्ण पदक जीता। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित ओवरों में 211/6 का विशाल स्कोर खड़ा किया। अभिषेक शर्मा ने विस्फोटक अंदाज में 28 गेंदों पर 7 छक्कों की मदद से 61 रनों की पारी खेली, जबकि तिलक वर्मा ने मात्र 22 गेंदों पर नाबाद 51 रन बनाकर पारी को तेजी से आगे बढ़ाया। बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान टीम की ओर से हसन नवाज ने पलटवार करते हुए 51 गेंदों पर 96 रन बनाए, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने दबाव में संयम नहीं खोया और विपक्षी टीम को 192/6 के स्कोर पर रोककर खिताबी जीत सुनिश्चित की।
गोल्फ में प्रणवी उर्स की ऐतिहासिक उपलब्धि
गोल्फ कोर्स पर 23 वर्षीय प्रणवी उर्स ने एशियाई खेलों के व्यक्तिगत गोल्फ में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रच दिया। तीसरे होल पर ट्रिपल बोगी का झटका लगने के बावजूद प्रणवी ने खेल में जबरदस्त धैर्य दिखाया और तीन बर्डी बनाकर वापसी की। उन्होंने अपना अंतिम राउंड इवन-पार 70 पर खत्म किया। उनका कुल स्कोर 15-अंडर 265 रहा, जिसने उन्हें चीन की यिन रुओनिंग से एक स्ट्रोक आगे रखते हुए स्वर्ण पदक दिला दिया। प्रणवी के इस ऐतिहासिक व्यक्तिगत प्रदर्शन के दम पर अदिति अशोक और दीक्षा डागर के सहयोग से भारत ने महिला टीम स्पर्धा का रजत पदक भी जीता। यह परिणाम एशियाई खेलों के गोल्फ इतिहास में पिछले 44 वर्षों का भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।
तीरंदाजी में कुमकुम मोहोद का ऐतिहासिक स्वर्ण और नीरज का कांस्य
तीरंदाजी के रिकर्व वर्ग में युवा तीरंदाज कुमकुम मोहोद ने इतिहास रचते हुए एशियाई खेलों का पहला व्यक्तिगत महिला रिकर्व स्वर्ण पदक अपने नाम किया। रोमांचक फाइनल मुकाबले में कुमकुम ने दक्षिण कोरिया की ओह येजिन को शूट-ऑफ में 6-5 से हराया। निर्णायक पल में उन्होंने अपने अंतिम तीर से सीधे 10-रिंग पर अचूक निशाना साधा। इस स्वर्णिम विजय के साथ ही कुमकुम ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए भारत का एक व्यक्तिगत कोटा स्थान भी सुनिश्चित किया।
इसी स्पर्धा के पुरुष वर्ग में नीरज चौहान ने कांस्य पदक के मुकाबले में अपने ही हमवतन धीरज बोम्मदेवरा को 6-4 से मात देकर दिन को और यादगार बना दिया। नीरज मुकाबले में 2-4 से पिछड़ रहे थे, लेकिन उन्होंने बेहतरीन वापसी करते हुए निर्णायक सेट जीतकर कांस्य पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ नीरज एशियाई खेलों के व्यक्तिगत रिकर्व वर्ग में पदक जीतने वाले तरुणदीप राय के बाद दूसरे भारतीय पुरुष तीरंदाज बन गए।



















