अंतरराष्ट्रीय और यूरोपीय क्लब फुटबॉल में गोल की झड़ी लगाने वाले इंग्लैंड के स्ट्राइकर हैरी केन ने खेल जगत का सबसे बड़ा व्यक्तिगत सम्मान अपने नाम कर लिया है। लंदन में आयोजित भव्य समारोह में केन को प्रतिष्ठित बैलोन डी'ओर ट्रॉफी से नवाजा गया। इसके साथ ही इंग्लिश फुटबॉल का 25 साल पुराना लंबा इंतजार भी खत्म हो गया। साल 2001 में माइकल ओवेन द्वारा यह प्रतिष्ठित पुरस्कार जीते जाने के बाद से कोई भी अंग्रेज खिलाड़ी इस मुकाम तक नहीं पहुंच सका था।
शानदार सीजन में दागे 73 गोल और जीते दो बड़े घरेलू खिताब
बायर्न म्यूनिख के लिए खेलते हुए 33 वर्षीय केन का पिछला अभियान व्यक्तिगत और टीम दोनों पैमानों पर बेमिसाल साबित हुआ। पूरे सीजन में उन्होंने क्लब और अपनी राष्ट्रीय टीम के लिए कुल मिलाकर 73 गोल दागे, जिसके दम पर वह पूरे यूरोप के सबसे घातक गोल स्कोरर बनकर उभरे। जर्मनी में अपने पहले ही दौर में उन्होंने कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए।
घरेलू स्तर पर उन्होंने बायर्न म्यूनिख को बुंडेसलीगा का चैंपियन बनाने में केंद्रीय भूमिका निभाई। इसके अलावा जर्मन कप के खिताबी मुकाबले में स्टटगार्ट के खिलाफ शानदार हैट्रिक जमाकर उन्होंने अपनी टीम को दोहरी घरेलू कामयाबी दिलाई। बड़े मैचों में निर्णायक प्रदर्शन करने की उनकी क्षमता ने उन्हें इस पुरस्कार की दौड़ में सबसे आगे खड़ा कर दिया।
कड़ी चुनावी दौड़ में दिग्गज खिलाड़ियों को पछाड़ा
इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी की रेस बेहद रोमांचक रही, जहां केन का सामना दुनिया भर के स्थापित और उभरते सितारों से था। वोटिंग प्रक्रिया में उन्होंने फ्रांस के स्टार फॉरवर्ड किलियन एम्बाप्पे और स्पेन की युवा सनसनी लामिन यमाल जैसे आक्रामक खिलाड़ियों को पीछे छोड़ दिया। इसके अतिरिक्त 2024 के विजेता रोड्री और आठ बार के बैलोन डी'ओर विजेता लियोनेल मेसी की मजबूत मौजूदगी के बावजूद केन शीर्ष स्थान हासिल करने में सफल रहे। केन ने X पर पोस्ट साझा कर अपने इस खास सफर को बयां किया।
वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक 6 गोल और 60 साल का सर्वश्रेष्ठ अभियान
इंग्लैंड की कप्तानी संभालते हुए केन ने फीफा वर्ल्ड कप में भी अपना दबदबा साबित किया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान उन्होंने 6 गोल दागे। इन छह स्ट्राइक्स के साथ उन्होंने इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज स्ट्राइकर गैरी लाइनकर के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया और विश्व कप इतिहास में इंग्लैंड के सर्वकालिक शीर्ष स्कोरर बन गए। इस उपलब्धि ने उन्हें फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले टॉप 5 खिलाड़ियों की विशिष्ट सूची में भी शामिल कर दिया।
टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में इंग्लैंड की टीम को अर्जेंटीना के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी थी। हालांकि, तीसरे स्थान के लिए हुए प्लेऑफ मुकाबले में इंग्लिश टीम ने जोरदार वापसी करते हुए एम्बाप्पे की अगुवाई वाली फ्रांस को मात दी। इसके साथ ही इंग्लैंड ने 60 वर्षों में फीफा वर्ल्ड कप का अपना सर्वश्रेष्ठ अभियान दर्ज किया।
लंदन का ऐतिहासिक आयोजन और 70 साल पुराना संयोग
इस बार वार्षिक पुरस्कार वितरण का मंचन लंदन शहर में हुआ, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक संयोग का गवाह बना। साल 1956 में जब पहली बार बैलोन डी'ओर की शुरुआत हुई थी, तब इंग्लैंड के स्टेनली मैथ्यूज इसके पहले विजेता बने थे। लगभग 70 साल के अंतराल के बाद लंदन में आयोजित समारोह में ही एक अंग्रेज कप्तान का यह खिताब उठाना ब्रिटिश फुटबॉल इतिहास में एक यादगार मील का पत्थर बन गया।
एलेक्सिया पुटेलस ने तीसरा विमेंस बैलोन डी'ओर जीतकर रचा इतिहास
पुरुष वर्ग में केन की ताजपोशी के साथ महिला वर्ग में स्पेन की स्टार मिडफील्डर एलेक्सिया पुटेलस ने तीसरी बार विमेंस बैलोन डी'ओर जीत लिया। 32 वर्षीय पुटेलस ने इससे पहले 2021 और 2022 में लगातार दो बार यह पुरस्कार जीता था। घुटने की गंभीर एसीएल चोट से उबरने के बाद यह उनकी ऐतिहासिक वापसी मानी जा रही है।
पुटेलस ने पिछले सीजन में अपने पूर्व क्लब बार्सिलोना के लिए असाधारण खेल दिखाया और टीम को विमेंस चैंपियंस लीग सहित कई प्रतिष्ठित खिताब जिताए। इसके साथ ही उन्होंने पिछले साल दिसंबर में स्पेन की राष्ट्रीय टीम को महिला नेशंस लीग की ट्रॉफी दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई थी।
पुटेलस की इस जीत ने उनकी हमवतन एताना बोनमती के दबदबे को थाम दिया, जिन्होंने 2025 में लगातार तीसरी बार यह ट्रॉफी जीतकर अपनी हैट्रिक पूरी की थी। बोनमती दिसंबर में पैर टूटने के कारण इस साल की शॉर्टलिस्ट में जगह नहीं बना सकी थीं। पुटेलस ने अपने कौशल के दम पर एक बार फिर महिला फुटबॉल की दुनिया में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया।



















