एशियन गेम्स में भारतीय एथलीट क्विम्सी डिसूजा महिला सिंगल्स टेकबॉल स्पर्धा में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतने से बेहद करीब आकर चूक गईं। रविवार को खेले गए तीसरे स्थान के प्लेऑफ मुकाबले में भारत की इस खिलाड़ी ने असाधारण जज्बा दिखाया, मगर बेहद नजदीकी पलों में हुए फाउल और छोटी गलतियों के चलते उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा। जापान की स्टार खिलाड़ी युइना सकामोटो ने घरेलू दर्शकों के भारी उत्साह और समर्थन के बीच यह मुकाबला 2-0 से अपने नाम कर लिया।
रोमांचक जंग में 11-12, 11-12 से हाथ से फिसला मुकाबला
टेकबॉल का यह कांस्य पदक मुकाबला बेस्ट ऑफ थ्री गेम्स के प्रारूप में आयोजित किया गया था, जिसमें पहले दो गेम जीतने वाले खिलाड़ी को विजेता घोषित किया जाता है। मुंबई की रहने वाली क्विम्सी डिसूजा ने विश्व रैंकिंग में सातवें पायदान पर काबिज युइना सकामोटो के खिलाफ दोनों ही गेम में जबर्दस्त संघर्ष किया। हालांकि, दोनों ही गेम का अंत जापानी खिलाड़ी के पक्ष में 12-11 और 12-11 के बेहद करीबी अंतर से हुआ, जिससे भारतीय खिलाड़ी सीधे गेमों में मुकाबला गंवा बैठीं।
गेम प्वाइंट और 10-8 की बढ़त गंवाना पड़ा भारी
मुकाबले के पहले गेम में क्विम्सी के पास गेम प्वाइंट हासिल कर शुरुआती बढ़त बनाने का शानदार अवसर था, लेकिन वे उस महत्वपूर्ण मौके को अंक में तब्दील करने से चूक गईं। दूसरे गेम में भारतीय खिलाड़ी ने जोरदार वापसी करते हुए एक समय 10-8 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली थी। ठीक इसी मोड़ पर उनसे अनचाहा फाउल हो गया और उनकी लय पूरी तरह बिगड़ गई। विश्व स्तर की अनुभवी जापानी खिलाड़ी ने इस चूक का भरपूर लाभ उठाया और लगातार अंक बटोरकर गेम के साथ पदक भी अपनी झोली में डाल लिया।
फुटबॉल और टेबल टेनिस का अनूठा संगम है टेकबॉल
एशियाई खेलों के इतिहास में टेकबॉल खेल को पहली बार आधिकारिक तौर पर शामिल किया गया है। यह खेल बुनियादी तौर पर फुटबॉल और टेबल टेनिस का एक बेहद रोमांचक मिश्रण है। इस खेल की शुरुआत और आविष्कार साल 2014 में हंगरी में हुआ था, जिसे फुटबॉल प्रेमी गैबोर बोरसानी, ग्योरगी गैटियन और विक्टर हुस्जार ने मिलकर तैयार किया था। इसके बाद खेल की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और साल 2017 में हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में पहली आधिकारिक टेकबॉल विश्व चैंपियनशिप का आयोजन किया गया था।
घुमावदार टेबल और शरीर के अंगों से गेंद उछालने के नियम
टेकबॉल के दिलचस्प नियमों के तहत खिलाड़ी एक पारदर्शी प्लेक्सीग्लास नेट से बंटी हुई विशेष घुमावदार टेबल पर मानक आकार की फुटबॉल को उछालते और पास करते हैं। इस खेल में खिलाड़ियों को अपने हाथों और बाजुओं का इस्तेमाल करने की सख्त मनाही होती है, जबकि वे सिर, छाती, जांघ और पैरों जैसे शरीर के अन्य सभी हिस्सों से गेंद को नियंत्रित कर सकते हैं। इसके सीधे और सरल नियम दर्शकों को बहुत जल्दी आकर्षित करते हैं। एशियन गेम्स जैसे विशाल मंच पर शामिल होने से अब यह आधुनिक खेल दुनिया भर के खेल प्रेमियों के बीच तेजी से अपनी पहचान बना रहा है।



















