घरेलू मैट पर दमखम दिखाने वाले पहलवानों और अंतरराष्ट्रीय मंच के मंझे हुए सितारों के लिए बड़ा अवसर सामने आया है, जब कबड्डी चैंपियंस लीग अपने नए संस्करण के साथ वापसी कर रही है। टूर्नामेंट के दूसरे सत्र के अंतर्गत होने वाली खिलाड़ियों की नीलामी की तारीख 17 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। इस बार का पूरा घटनाक्रम पहले संस्करण के मुकाबले काफी व्यापक और प्रतिस्पर्धी माहौल में आयोजित होने जा रहा है, जिसमें खेल प्रेमियों को कड़े मुकाबलों की उम्मीद है।
हजारों दावेदारों के बीच छंटनी और रोहतक-सोनीपत ट्रायल्स का विवरण
इस बड़े ऑक्शन में शामिल होने से पूर्व देशभर के आकांक्षी युवाओं के लिए एक विस्तृत चयन प्रक्रिया आयोजित की गई थी। हरियाणा के दो प्रमुख खेल केंद्रों रोहतक और सोनीपत में लगाए गए विशेष ट्रायल शिविरों में अभूतपूर्व जमावड़ा देखने को मिला। पूरे भारत से 6,000 से अधिक युवा खिलाड़ियों ने अपने हुनर की आजमाइश करने हेतु इन कैंपों में पंजीकरण कराया था।
कठिन शारीरिक परीक्षणों और कई दौर के तकनीकी मूल्यांकनों के पश्चात चयनकर्ताओं ने एक अत्यंत संतुलित सूची तैयार की। छह हजार की भारी भीड़ में से छंटनी के बाद अंततः 300 से अधिक उत्कृष्ट खिलाड़ियों को नीलामी सूची में स्थान मिला है। यही शॉर्टलिस्ट किए गए सितारे अब आगामी ऑक्शन टेबल पर विभिन्न फ्रेंचाइजी प्रबंधनों के मूल्यांकन के केंद्र में रहेंगे।
एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेताओं से सजेगा नीलामी पूल
इस पूरे आयोजन में सबसे ज्यादा आकर्षण उन राष्ट्रीय नायकों को लेकर है, जिन्होंने एशियाई स्तर पर देश का मान बढ़ाया है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रह चुके कई दिग्गज इस ऑक्शन का प्रमुख हिस्सा हैं। विशेष रूप से एशियाई खेलों में भारत की कप्तानी संभालने वाले वरिष्ठ खिलाड़ी सुनील मलिक पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।
सुनील मलिक के अलावा अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय सर्किट के अन्य जाने-पहचाने नाम जैसे अयान लोचब, अंकित जागलान और जयदीप दहिया भी इस पूल में शामिल होकर टीमों के लिए मुख्य प्राथमिकताओं में शुमार हैं। इन स्थापित खिलाड़ियों की उपस्थिति के चलते बोली के दौरान कड़े रणनीतिक दांव-पेंच देखने को मिल सकते हैं।
अनुभवी रणनीतिकारों और मैट के दिग्गजों की विस्तृत सूची
स्टार खिलाड़ियों की यह सूची केवल कप्तानों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मैट पर लंबे समय से सक्रिय कई अन्य चर्चित चेहरे भी शामिल हैं। ऑक्शन पूल में मीतू शर्मा, नीरज नरवाल, योगेश दहिया, विजय मलिक, सुरजीत नरवाल और नितिन धनकड़ जैसे आक्रामक खिलाड़ी अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।
इन अनुभवी नामों के दल में शामिल होने से किसी भी फ्रेंचाइजी को मैदान पर परिपक्वता और दबाव झेलने की क्षमता प्राप्त होगी। सभी दस फ्रेंचाइजी इस प्रयास में होंगी कि वे युवा जोश और तपे हुए दिग्गजों का ऐसा समीकरण बैठाएं, जिससे दूसरे सीजन की प्रतिष्ठित खिताबी जंग में उनकी टीम सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरे।
5 करोड़ रुपये का सामूहिक पर्स और 50 लाख का टीम बजट
खिलाड़ियों की खरीद प्रक्रिया को वित्तीय अनुशासन में रखने के लिए आयोजकों ने एक समग्र वित्तीय ढांचा निर्धारित किया है। नीलामी के लिए कुल 5 करोड़ रुपये का एक संयुक्त पर्स तय किया गया है, जिसे प्रतिस्पर्धा में शामिल सभी 10 टीमों के बीच पूर्णतः बराबर विभाजित किया गया है।
इस वित्तीय व्यवस्था के अनुसार प्रत्येक फ्रेंचाइजी को अपने पूरे दल के निर्माण और खरीद के लिए 50 लाख रुपये का सीमित बजट आबंटित हुआ है। इस निश्चित राशि के भीतर ही हर टीम प्रबंधन को मुख्य रेडर, मजबूत डिफेंडर और हरफनमौला खिलाड़ियों का सही संतुलन तलाशना होगा, जो ऑक्शन टेबल पर रणनीतिक बुद्धिमत्ता की सच्ची परीक्षा साबित होगा।
कुरुक्षेत्र और झज्जर के जुड़ने से प्रतियोगिता में आया नया विस्तार
लीग की लोकप्रियता और व्यापक पहुंच को देखते हुए आयोजकों ने इस सीजन में दो नई फ्रेंचाइजी को मैदान में उतारने का निर्णय लिया है। इस विस्तार के साथ टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली टीमों की संख्या बढ़कर अब 10 हो चुकी है।
शामिल की गई दो नई टीमों के नाम कुरुक्षेत्र नाइट्स और झज्जर जगुआर रखे गए हैं। इन दो नए समूहों के आने से स्थानीय प्रतिभाओं के लिए मंच तो बड़ा हुआ ही है, साथ ही टूर्नामेंट के भीतर प्रतिस्पर्धा का स्तर भी कई गुना बढ़ गया है, जिससे मैट पर हर एक मुकाबला रोचक होने की पूरी संभावना है।



















