भारतीय बैडमिंटन की दिग्गज खिलाड़ी पीवी सिंधु ने शानदार प्रदर्शन का सिलसिला जारी रखते हुए फ्रेंच ओपन 2026 के खिताबी मुकाबले में अपनी जगह सुरक्षित कर ली है। टूर्नामेंट के तहत 24 अक्टूबर को खेले गए महिला सिंगल्स के रोमांचक सेमीफाइनल मैच में उन्होंने जापान की खिलाड़ी हिना अकेची को तीन गेम तक चले कड़े संघर्ष में 2-1 से मात दी। इस जीत के साथ ही उन्होंने साल 2026 में दूसरी बार किसी सुपर 750 टूर्नामेंट के फाइनल का टिकट कटा लिया है। अब खिताबी मुकाबले में उनका सामना साउथ कोरिया की दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी आन से यांग से होना तय हुआ है। सिंधु के खिलाफ उनका अब तक का पुराना रिकॉर्ड बहुत ज्यादा बेहतर नहीं रहा है, जिसके चलते 25 अक्टूबर को होने वाला यह फाइनल मुकाबला बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाला है।
पहले सेट में शानदार बढ़त, दूसरे सेट में मिली शिकस्त
जापानी खिलाड़ी हिना अकेची के खिलाफ इस मुकाबले की शुरुआत पीवी सिंधु ने बेहद आक्रामक और शानदार अंदाज में की थी। पहले सेट में उन्होंने अपने बेहतरीन खेल का मुज़ाहिरा करते हुए विरोधी खिलाड़ी को कोई मौका नहीं दिया और सेट को आसानी से 21-10 के बड़े अंतर से अपने नाम कर लिया। इस एकतरफा प्रदर्शन के दम पर उन्होंने शुरुआती बढ़त हासिल करते हुए स्कोर 1-0 कर लिया। हालांकि, इसके बाद दूसरे सेट में मुकाबला पूरी तरह पलट गया जहाँ हिना अकेची ने जोरदार वापसी करते हुए कड़ी टक्कर दी। इस कड़े संघर्ष के बीच सिंधु को यह सेट 20-22 के करीबी अंतर से गंवाना पड़ गया, जिसके बाद मैच का स्कोर 1-1 की बराबरी पर आ गया और दर्शकों की सांसें थम गईं क्योंकि अब फैसला तीसरे और अंतिम सेट पर टिक गया था।
निर्णायक सेट जीतकर फाइनल में मारी एंट्री
दूसरा सेट हाथ से निकल जाने के बाद पीवी सिंधु ने मानसिक दृढ़ता का परिचय दिया और तीसरे तथा निर्णायक सेट की शुरुआत में ही बेहतरीन खेल दिखाते हुए स्कोरबोर्ड पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। उन्होंने मैच के इस अंतिम चरण में लगातार बढ़त बनाए रखी और विरोधी खिलाड़ी को वापसी का मौका नहीं दिया। अंततः सिंधु ने इस सेट को 21-16 के अंतर से अपने नाम करते हुए पूरा मुकाबला जीत लिया और फाइनल का सफर तय किया। जापानी खिलाड़ी हिना अकेची और पीवी सिंधु के बीच यह मैराथन सेमीफाइनल मुकाबला कुल एक घंटे 13 मिनट तक चला, जिसमें दोनों एथलीटों ने कोर्ट पर अपनी पूरी ताकत झोंक दी।
संघर्ष के दिनों को किया याद
इस रोमांचक जीत के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पीवी सिंधु ने अपनी खुशी जाहिर की, लेकिन साथ ही पिछले कुछ समय के कड़े संघर्षों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बीता हुआ करीब डेढ़ साल का समय उनके लिए काफी उतार-चढ़ाव भरा और एक मुश्किल दौर जैसा रहा है। इस कठिन परिस्थिति से पार पाने के लिए यह समझना सबसे ज्यादा जरूरी था कि उन्हें हर चीज़ को पीछे छोड़कर बिल्कुल शून्य से यानी शुरुआत से दोबारा मेहनत करनी होगी। इसके बाद उन्होंने और उनकी पूरी टीम ने मिलकर एक रणनीति तैयार की, जिसमें उन्होंने यह आंका कि शारीरिक और मानसिक तौर पर उनकी फिटनेस और क्षमताएं किस स्तर पर हैं तथा वे वर्तमान में कहां खड़े हैं।



















