प्रशासनिक बेरुखी के बाद हजारीबाग के ग्रामीणों ने उठाया फावड़ा, जंगल काटकर खुद तैयार कर रहे 5 किमी सड़कमंगोलपुरी जूता फैक्ट्री अग्निकांड में 4 श्रमिकों की मौत, जहांगीरपुरी में सिलेंडर विस्फोट से दमकलकर्मी घायलसिंध में मंत्री पद संभालने वाले सोढ़ा घराने के 77 वर्षीय पदम सिंह बाड़मेर के नए छाछरो गांव के सरपंच चुने गएसरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर कृतज्ञ राष्ट्र ने दी श्रद्धांजलि, राष्ट्रीय एकता दिवस पर गूंजा अखंड भारत का संकल्पअंबाला छावनी में 1857 के वीरों की याद में भव्य शहीद स्मारक तैयार, अमित शाह करेंगे लोकार्पणचक्रवात अर्नब के असर से उत्तर और मध्य भारत में बदलेगा मौसम, कई राज्यों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनीभारतीय वायुसेना की कमान अब एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित के हाथों में, बने 29वें प्रमुखदिल्ली में लाइव शो रोककर सुरक्षाकर्मियों के सम्मान में झुके दिलजीत दोसांझ, महिला सीआरपीएफ जवान में दिखी मां की छविपश्चिम चंपारण के 25 वर्षीय युवा ने बत्तख पालन को बनाया मुनाफे का मॉडल, अंडों की बिक्री से सालाना कमाई 60 लाख रुपये तक पहुंचीमोराबादी मैदान के दिवाली मेले में 51,000 रुपये की मधुबनी आर्ट वाली खास रामायण साड़ी बनी आकर्षण
प्रयागराज की अदिति मौर्य ने मोमबत्तियों को दिया नया रूप, 20 हजार से शुरू किया रचनात्मक कारोबारस्टार्टअप्स
31 अक्तू॰ 2026, 8:22 am (1 घंटे पहले)· 0

प्रयागराज की अदिति मौर्य ने मोमबत्तियों को दिया नया रूप, 20 हजार से शुरू किया रचनात्मक कारोबार

प्रयागराज के फूलपुर की अदिति मौर्य ने सामान्य मोमबत्तियों में रचनात्मक डिजाइन और सोया वैक्स जोड़कर एक नया स्टार्टअप खड़ा किया है, जिसके उत्पाद अब कई शहरों में पसंद किए जा रहे हैं।

त्योहारी सीजन में घरों को सजाने और रोशन करने के लिए पारंपारिक मोमबत्तियों की मांग हमेशा रहती है, लेकिन बाजार में आमतौर पर एक ही ढर्रे के डिजाइन देखने को मिलते हैं। उत्तर प्रदेश में प्रयागराज जिले के फूलपुर इलाके की निवासी अदिति मौर्य ने इसी पारंपरिक उत्पाद को एक बिल्कुल नया और कलात्मक रूप देने का फैसला किया। उन्होंने सामान्य सफेद या सादी मोमबत्तियों के बजाय फूलों और पशु-पक्षियों के सुंदर आकारों वाली सजावटी मोमबत्तियां बनाकर अपने उद्यम की नींव रखी है।

प्रयागराज स्थित उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित दिवाली शिल्प मेले में उनका स्टॉल खरीदारों के बीच आकर्षण का बड़ा केंद्र बना। यहां आने वाले लोग मोमबत्तियों के अनोखे सांचों और उनकी फिनिशिंग को देखकर रुकने पर मजबूर हो रहे हैं। अदिति ने रोजमर्रा के एक सामान्य उत्पाद में अपनी कलात्मक सोच जोड़कर यह साबित किया है कि पारंपरिक वस्तुओं को भी समकालीन बाजार के अनुकूल बनाया जा सकता है।

ये भी पढ़ें

साबुन के डिजाइनों से मिली नई सोच की प्रेरणा

अदिति मौर्य के मन में इस स्टार्टअप की योजना किसी बाहरी दबाव से नहीं, बल्कि अपनी निजी समझ और बाजार की स्थिति को देखकर आई। उन्होंने महसूस किया कि बाजार में ज्यादातर मोमबत्तियां बेलनाकार या सामान्य सांचों में ही बेची जाती हैं। उनमें कोई खास नयापन या दृश्य आकर्षण नहीं होता था। ऐसे में उनके दिमाग में विचार आया कि अगर मोमबत्तियों में थोड़ी कारीगरी और विविधता जोड़ी जाए, तो वे सिर्फ रोशनी का जरिया न रहकर बेहतरीन सजावटी सामान भी बन सकती हैं।

उन्हें इस तरह के प्रयोग की मुख्य प्रेरणा बाजार में बिकने वाले अलग-अलग फैंसी डिजाइनों के साबुनों से मिली। तरह-तरह के सांचों में तैयार होने वाले साबुनों को देखकर अदिति ने सोचा कि यही तकनीक मोमबत्ती निर्माण में भी अपनाई जा सकती है। इसके बाद उन्होंने मोमबत्तियों को फूलों और अन्य खूबसूरत आकारों में ढालने के लिए सांचे और आवश्यक सामग्री जुटाना शुरू किया।

फूलों से लेकर कार्टून आकृतियों तक 25 से अधिक वैरायटी

शुरुआती प्रयोगों के बाद अदिति ने अपने उत्पाद पोर्टफोलियो का तेजी से विस्तार किया। वर्तमान में उनके संग्रह में 25 से अधिक अलग-अलग वैरायटी की मोमबत्तियां शामिल हैं। इनमें प्रकृति से प्रेरित डिजाइनों में कमल, गुलाब और सूरजमुखी जैसे सुंदर फूलों के आकार प्रमुख हैं। इसके अलावा युवाओं और बच्चों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने पांडा, उल्लू, बुलबुले और टेडी बियर जैसे आधुनिक सांचों में भी मोमबत्तियां तैयार की हैं।

इन मोमबत्तियों की खासियत केवल रोशनी देना नहीं है, बल्कि इनका उपयोग इंटीरियर डेकोरेशन और आकर्षक उपहार के तौर पर भी किया जा सकता है। जन्मदिन, शादी की सालगिरह या किसी विशेष पारिवारिक उत्सव पर इन्हें तोहफे के रूप में दिया जा रहा है। अलग-अलग खुशबुओं वाली सेंटेड कैंडल्स की रेंज होने के कारण जलाने पर ये कमरे को सुगंधित भी कर देती हैं।

सोया वैक्स का उपयोग और किफायती मूल्य निर्धारण

उत्पाद की गुणवत्ता मजबूत बनाए रखने के लिए अदिति साधारण पैराफिन की जगह सोया वैक्स का इस्तेमाल करती हैं। सोया वैक्स को एक प्रीमियम वैक्स माना जाता है, जिससे तैयार मोमबत्तियां धीमी गति से जलती हैं और लंबे समय तक रोशनी देती हैं। गुणवत्ता के साथ-साथ उन्होंने अपनी मूल्य सूची को भी ग्राहकों की पहुंच के भीतर रखा है ताकि हर वर्ग के लोग इन्हें खरीद सकें।

उनके स्टॉल पर छोटे फूलों के आकार वाली मोमबत्तियों की शुरुआती कीमत 60 रुपये रखी गई है, जबकि कुछ अन्य सामान्य डिजाइनों के दाम 80 रुपये हैं। गुलाब के बारीक आकार वाली मोमबत्ती 200 रुपये में उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं उनके संग्रह में मौजूद खास प्रीमियम डिजाइनों की कीमत 300 रुपये तक तय की गई है। इस तरह अलग-अलग बजट वाले खरीदारों के लिए विभिन्न विकल्प मौजूद हैं।

20 हजार के शुरुआती बजट से ऑनलाइन और ऑफलाइन विस्तार

अदिति मौर्य ने जब इस काम को शुरू करने की रूपरेखा बनाई थी, तब उन्होंने प्राथमिक निवेश के तौर पर करीब 20 हजार रुपये का बजट निर्धारित किया था। हालांकि, काम आगे बढ़ने, नए मोल्ड्स खरीदने और डिजाइनों की वैरायटी बढ़ाने के चलते कुल पूंजी निवेश बढ़कर अब लगभग 50 हजार रुपये तक पहुंच चुका है। इस पूरे उद्यम को शुरू हुए अभी केवल तीन से चार महीने का समय बीता है, लेकिन इतने कम समय में ही उनके उत्पादों को अच्छी मांग मिलने लगी है।

वर्तमान में उनके उत्पाद विभिन्न माध्यमों से टियर-2 और टियर-3 शहरों के बाजारों तक पहुंच रहे हैं। बड़े टियर-1 शहरों में उपभोक्ता उनकी मोमबत्तियों को ऑनलाइन माध्यम से ऑर्डर कर रहे हैं। हालांकि उनका यह काम अभी अंतरराष्ट्रीय स्तर या विदेशों तक नहीं पहुंचा है, लेकिन वह चरणबद्ध तरीके से अपने दायरे को बढ़ाते हुए देश के हर कोने तक उत्पाद पहुंचाने के प्रयास में जुटी हैं। फूलपुर से शुरू हुआ यह रचनात्मक प्रयास दिखाता है कि नवाचार के दम पर पारंपरिक काम को भी नई दिशा दी जा सकती है।

सवाल-जवाब

अदिति मौर्य कहां की रहने वाली हैं और वह क्या काम करती हैं?
अदिति मौर्य उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के फूलपुर की रहने वाली हैं। वह विभिन्न आकारों और सुगंधों में सजावटी मोमबत्तियां बनाने का स्टार्टअप चलाती हैं।
उन्होंने इस कारोबार को शुरू करने के लिए कितना पैसा लगाया?
उन्होंने करीब 20 हजार रुपये के शुरुआती बजट के साथ शुरुआत की थी, जो विभिन्न सांचों और वैरायटी के साथ बढ़कर लगभग 50 हजार रुपये हो चुका है।
उनके पास मोमबत्तियों की कितनी वैरायटी उपलब्ध है?
उनके पास 25 से अधिक वैरायटी की मोमबत्तियां हैं, जिनमें गुलाब, कमल, सूरजमुखी, पांडा, आउल, बबल्स और टेडी बियर जैसे डिजाइन शामिल हैं।
इन कलात्मक मोमबत्तियों की कीमत कितनी है?
छोटे फूलों के आकार वाली मोमबत्तियां 60 और 80 रुपये में उपलब्ध हैं, जबकि गुलाब के आकार वाली 200 रुपये और प्रीमियम डिजाइन 300 रुपये तक की हैं।
अदिति मोमबत्ती बनाने के लिए किस वैक्स का प्रयोग करती हैं?
वह मोमबत्तियां तैयार करने के लिए सोया वैक्स का इस्तेमाल करती हैं, जो लंबे समय तक जलती हैं और उच्च गुणवत्ता वाली मानी जाती हैं।
उनके उत्पाद किन-किन शहरों तक बिक रहे हैं?
उनके उत्पाद टियर-2 और टियर-3 शहरों के पारंपरिक बाजारों में पहुंच रहे हैं, जबकि टियर-1 शहरों में ग्राहक ऑनलाइन माध्यम से इन्हें खरीद रहे हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp