घंटों तक लगातार खड़े रहकर बारीकी से चोटी गूंथना किसी भी हेयर स्टाइलिस्ट के लिए शरीर को थका देने वाला काम होता है। इसी शारीरिक परेशानी और मेहनत को कम करने के उद्देश्य से चौबीस वर्षीय उद्यमी आइसाता डियालो ने एक विशेष हार्डवेयर समाधान तैयार करने का बीड़ा उठाया है। बचपन से ही अपने और दूसरों के बाल संवारने का शौक रखने वाली डियालो जब बोस्टन स्थित नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही थीं, तब उन्होंने पाया कि वहां कर्ली और टेक्सचर्ड बालों के जानकारों की भारी कमी थी। इस कमी को पूरा करने के लिए उन्होंने खुद एक छोटा उद्यम शुरू किया, जहां से उन्हें इस पेशे की वास्तविक जमीनी मुश्किलों का गहराई से अहसास हुआ।
चोटी बनाने की पारंपरिक प्रक्रिया और शारीरिक चुनौतियां
बालों को स्टाइल करने की प्रक्रिया पूरी तरह हाथ की कारीगरी पर निर्भर करती है। किसी ग्राहक के सिर पर मनपसंद डिजाइन तैयार करने में कई बार लगातार आठ घंटे तक का समय लग जाता है। दिन भर कुर्सी के पीछे खड़े रहकर उंगलियों से बालों को बुनने के कारण कई पेशेवरों को मांसपेशियों में खिंचाव, ऐंठन और कार्पल टनल सिंड्रोम जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। खुद डियालो ने भी इन दिक्कतों को लंबे समय तक झेला। लगातार होने वाले दर्द और शारीरिक थकावट के चलते आखिरकार उन्हें यह काम बंद करने पर मजबूर होना पड़ा। काम छोड़ने के बाद भी उनके मन में यह विचार बना रहा कि क्या आधुनिक ऑटोमेशन या एआई तकनीक की मदद से इस थकाऊ प्रक्रिया के कुछ हिस्सों को आसान बनाया जा सकता है।
प्लेट पायलट के जरिए तैयारी के समय में कटौती
सौंदर्य जगत में टेक्सचर्ड बालों से जुड़े बाजार की लंबे समय से अनदेखी होती रही है, और इस क्षेत्र के लिए हार्डवेयर उत्पाद विकसित करना काफी खर्चीला और पेचीदा माना जाता है। इन तमाम चुनौतियों के बावजूद पिछले वर्ष डियालो ने ट्रेसफेक्टा नामक कंपनी की नींव रखी। कंपनी का सबसे पहला प्रोजेक्ट प्लेट पायलट नाम का एक विशेष उपकरण है। यह उपकरण चोटी गूंथने से ठीक पहले बालों के पैकेट खोलकर उन्हें अलग-अलग हिस्सों में छांटने की प्रक्रिया को ऑटोमैटिक बनाता है। सामान्य तौर पर जब ग्राहक पतली चोटियां बनवाना चाहते हैं, तो बालों की लटों को हाथ से छांटने और बराबर बांटने में ही कई घंटे बर्बाद हो जाते हैं।
प्लेट पायलट की कार्यप्रणाली को समझाते हुए डियालो ने स्पष्ट किया कि स्टाइलिस्ट को सिर्फ बालों को मशीन के ऊपरी हिस्से पर रखना होता है। इसके बाद मशीन में यह तय कर दिया जाता है कि बालों को कितनी मोटाई या आकार में बांटना है। सिस्टम तुरंत बालों को तय साइज में अलग करके स्टाइलिस्ट को उपलब्ध करा देता है, ताकि काम करते समय उन्हें सीधे उठाया जा सके।
हार्डवेयर डिजाइन और टेक्सचर्ड बालों की विविधता
इस तरह के विशेष उपकरण को तैयार करना इंजीनियरिंग के लिहाज से बेहद जटिल काम है। टेक्सचर्ड बालों की बनावट, उनकी लंबाई और उनका घनत्व हर व्यक्ति के मामले में अलग होता है। ऐसे में किसी एक तय फॉर्मूले या सिंगल साइज समाधान से सभी तरह के बालों को संभालना संभव नहीं होता। मशीन को इस तरह ढालना जरूरी है कि वह अलग-अलग प्रकार के घुंघराले और घने बालों को बिना उलझाए और नुकसान पहुंचाए सटीकता से अलग कर सके।
फंडिंग की तैयारी और आगामी परीक्षण
वर्तमान में ट्रेसफेक्टा आधिकारिक लॉन्च से पहले के चरण में है और प्लेट पायलट के प्रोटोटाइप को अंतिम रूप देने पर काम कर रही है। डियालो अब तक अपने निजी संसाधनों के साथ-साथ अनुदान और एक्सेलेरेटर कार्यक्रमों से मिलने वाले सहयोग के जरिए कंपनी का संचालन कर रही हैं। हार्डवेयर और खासकर ब्यूटी टेक से जुड़े उत्पादों के लिए निवेशकों से पूंजी जुटाना एक कठिन डगर माना जाता है, लेकिन संस्थापक अब बड़े स्तर पर फंड जुटाने की तैयारी कर रही हैं। तकनीक को और अधिक व्यावहारिक बनाने के लिए वह स्थानीय हेयर स्टाइलिस्टों और विशेषज्ञों को इस सिस्टम के परीक्षण से जोड़ रही हैं। इसके अलावा उन्हें सैन फ्रांसिस्को में आयोजित स्टार्टअप बैटलफील्ड 200 के मंच पर भी अपने इस नवाचार को प्रदर्शित करने का अवसर मिला है।




















