देश की राजधानी में शुक्रवार देर रात दो अलग-अलग आगजनी की घटनाओं ने हड़कंप मचा दिया। पहला बड़ा हादसा दिल्ली के मंगोलपुरी इंडस्ट्रियल एरिया, फेज-1 स्थित एक जूता निर्माण फैक्ट्री में पेश आया, जहां भीषण लपटों में घिर जाने से चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गए। फैक्ट्री परिसर के भीतर धुआं और लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि वहां मौजूद श्रमिकों को बाहर निकलने का संकरा रास्ता तक तलाशने का मौका नहीं मिला। सूचना मिलते ही राहत दलों ने मोर्चा संभाला और कड़ी मशक्कत के बाद परिसर से लोगों को बाहर निकाला।
मंगोलपुरी फैक्ट्री में रात का बचाव अभियान
हादसे की खबर मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ियां तुरंत मौके पर रवाना की गईं। डीसीपी विक्रम सिंह ने स्पष्ट किया कि घटना की सूचना प्राप्त होते ही स्थानीय पुलिस स्टाफ और एक त्वरित टीम घटनास्थल पर भेजी गई। घटनास्थल पर सबसे पहले पुलिसकर्मी पहुंचे और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के पहुंचते ही संयुक्त रूप से बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। आग बुझाने और मलबे के बीच फंसे लोगों को निकालने का कार्य काफी देर तक अनवरत चलता रहा। स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने और इलाके की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रात भर मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। फिलहाल इस जूता फैक्ट्री में आग भड़कने के मूल कारणों और नुकसान के विस्तृत ब्योरे की प्रतीक्षा की जा रही है।
संजय गांधी अस्पताल में 4 लोगों को मृत लाया घोषित किया गया
दिल्ली फायर सर्विस के आधिकारिक बयान के अनुसार, बचाव दल ने फैक्ट्री के अंदर से कुल छह व्यक्तियों को पूरी तरह बेहोशी की हालत में बाहर निकाला था। सभी छह पीड़ितों को तत्काल उपचार के लिए नजदीकी संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। वहीं बाकी बचे दो घायलों को नाजुक स्थिति में भर्ती कर उनका गहन उपचार शुरू किया गया है। दम घुटने और आग की चपेट में आने से स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई थी।
जहांगीरपुरी में आग बुझाने के दौरान एलपीजी सिलेंडर फटा
शुक्रवार को ही राजधानी के जहांगीरपुरी इलाके में एक दूसरी सनसनीखेज घटना घटित हुई। वहां 30 वर्षीय एक व्यक्ति ने कथित रूप से अपने ही मकान के अंदर आग लगा दी। इस आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया और घर के अंदर रखा एक एलपीजी सिलेंडर अचानक तेज धमाके के साथ फट गया। जिस वक्त यह विस्फोट हुआ, उस समय एक दमकलकर्मी लपटों पर काबू पाने का प्रयास कर रहा था। विस्फोट होते ही आग की लपटें, मलबा और धातु के टुकड़े चारों दिशाओं में बिखर गए, जिसकी चपेट में आकर बचाव कार्य में जुटा जवान बुरी तरह घायल हो गया। घटना के समय आसपास खड़े लोग जो मोबाइल से वीडियो बना रहे थे, वे घबराकर दमकलकर्मी को बचाने के लिए चीखते-पुकारते सुनाई दिए।
घायल दमकलकर्मी अंकित को एम्स बर्न वार्ड रेफर किया गया
सिलेंडर ब्लास्ट में झुलसे दमकल विभाग के जांबाज कर्मी की पहचान 32 वर्षीय अंकित के रूप में हुई है। इस अचानक हुए धमाके से अंकित के चेहरे, सिर के बालों और दोनों हाथों पर जलने के गंभीर जख्म आए हैं। पुलिस के अनुसार वह लगभग 25 प्रतिशत तक झुलस गया है। विस्फोट के तुरंत बाद अंकित को नजदीक स्थित बाबू जगजीवन राम मेमोरियल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बर्न की गंभीरता को देखते हुए उसे आगे के बेहतर इलाज के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के बर्न वार्ड में स्थानांतरित कर दिया। इससे पहले हाल ही में राष्ट्रपति भवन के समीप नॉर्थ ब्लॉक परिसर के पिछले हिस्से में भी आग लगने का मामला सामने आया था, जहां आसमान में काले धुएं का विशाल गुबार देखा गया था।























