घरेलू जिम्मेदारी संभालने के साथ ही अगर सही दिशा में कदम उठाया जाए तो छोटी सी पूंजी भी बड़े व्यापार का रूप ले सकती है। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले की रहने वाली दीपा ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है। साल 2021 में अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने और आजीविका बढ़ाने के लिए दीपा ने सिर्फ 20,000 रुपये का छोटा सा लोन लिया था। उस वक्त उनके पास बड़ा निवेश करने का कोई साधन नहीं था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने ही घर से दाल का काम शुरू कर दिया। आज उनका यह घरेलू उद्यम सालाना 6 से 7 लाख रुपये का टर्नओवर हासिल कर रहा है।
दिल्ली से कच्चा माल और घर पर मशीन से सफाई
दीपा ने अपनी व्यावसायिक यात्रा के बारे में बताते हुए कहा कि वह मुरादाबाद की ही निवासी हैं। व्यापार की शुरुआत में सबसे बड़ी चुनौती सही कच्चा माल प्राप्त करने की थी। इसके लिए उन्होंने दिल्ली के बाजारों से साबुत दाल मंगवाना शुरू किया। दिल्ली से मंगवाई गई साबुत दाल को वे अपने घर लाती हैं, जहां उन्होंने एक मशीन लगाई हुई है। इस मशीन के जरिए दालों की अच्छे से सफाई की जाती है और फिर उन्हें आकर्षक पैकेट में बंद किया जाता है। इस पूरे प्रोसेस को वे अपने घर परिसर में ही पूरा करती हैं, जिससे उन्हें दुकान या फैक्ट्री का अतिरिक्त किराया नहीं देना पड़ता।
बिना पॉलिश और मिलावट रहित शुद्धता बना पहचान
दीपा के उत्पाद की सबसे बड़ी खासियत उसकी गुणवत्ता और पूर्ण शुद्धता है। आमतौर पर बाजार में मिलने वाली दालों पर चमकदार पॉलिश की जाती है या उनमें कंकड़-पत्थर की शिकायत रहती है। इसके विपरीत, दीपा की दाल में किसी प्रकार की मिलावट या पॉलिश नहीं होती है। मशीन से सफाई के कारण दाल में एक भी कंकड़ नहीं रहता। इसी बिना पॉलिश वाली शुद्ध दाल की वजह से बाजार में ग्राहकों का भरोसा लगातार बढ़ता चला गया। आज केवल मुरादाबाद ही नहीं, बल्कि गाजियाबाद सहित आसपास के जिलों से भी व्यापारी और सरकारी अधिकारी विशेष रूप से दीपा से दाल खरीदने पहुंचते हैं।
स्थानीय महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता का संदेश
यह कारोबार अब केवल दीपा की अपनी आय का जरिया नहीं रहा, बल्कि उन्होंने अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनाया है। अपने बढ़ते काम को संभालने के लिए दीपा ने अपने साथ 1 से 2 स्थानीय महिलाओं को भी जोड़ा हुआ है। दीपा का मानना है कि अगर कोई महिला दृढ़ निश्चय कर ले, तो वह अपने घर से ही एक बेहतरीन बिजनेस खड़ा कर सकती है। 20 हजार रुपये के छोटे से लोन से शुरू हुआ यह सफर आज उन सभी महिलाओं के लिए एक बड़ी मिसाल है, जो कम पूंजी के कारण अपना उद्यम शुरू करने से हिचकिचाती हैं।



















