पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले से एक बेहद दिलचस्प मामला सामने आया है, जहां एक पिता ने अपने बेटे की शैक्षणिक सफलता पर उसे एक बेशकीमती गाड़ी तोहफे में दी है। नौवीं कक्षा की परीक्षा में शानदार अंक हासिल करने पर मोहम्मद तल्हा को उनके पिता शमसुद्दीन मिद्या ने करीब ढाई करोड़ रुपये मूल्य की BMW कार भेंट की है। इस शानदार उपहार के सामने आने के बाद से ही हर तरफ इस परिवार की चर्चा हो रही है और लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर इस लग्जरी लाइफस्टाइल के पीछे की असली कहानी क्या है।
मुंबई में लाइटिंग का काम करने से लेकर बड़े व्यापार तक का सफर
आज करोड़ों के कारोबार के मालिक शमसुद्दीन मिद्या का जीवन हमेशा ऐसा नहीं था। लगभग 40 वर्ष के शमसुद्दीन का शुरुआती दौर एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार की तरह ही बीता था। जीवन में कुछ बड़ा करने की चाहत में वह साल 2003 में मुंबई गए थे, जहां उन्होंने फिल्मी सेट पर लाइटिंग का काम संभाला था। लगभग सात से आठ साल तक मायानगरी में संघर्ष करने के बावजूद उन्हें मनमुताबिक सफलता नहीं मिली, जिसके बाद उन्होंने साल 2011 से 2012 के दौरान अपने गृह नगर बर्धमान लौटने का निर्णय लिया। उस समय उनके पास व्यापार शुरू करने के लिए बहुत अधिक पूंजी भी नहीं थी।
धान के छोटे कारोबार से शुरू हुआ 700 करोड़ का साम्राज्य
गृह नगर लौटने के बाद शमसुद्दीन ने बहुत कम पैसों के साथ धान के व्यापार की शुरुआत की थी। शुरुआती दिनों में वह किसानों से सीधे धान खरीदकर विभिन्न राइस मिलों तक पहुंचाया करते थे। समय के साथ उन्होंने राइस मिलों से चावल लेकर निर्यातकों को देना शुरू किया। बाजार की बेहतर समझ और अनुभव हासिल करने के बाद उन्होंने खुद ही चावल का निर्यात करना आरंभ कर दिया। उनके अपने दावों के अनुसार, उनकी इस कंपनी का कुल सालाना टर्नओवर अब लगभग 700 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
विदेशों तक फैला बर्धमान के चावल का कारोबार
वर्तमान समय में शमसुद्दीन के मुख्य व्यावसायिक कार्यों में चावल का निर्यात सबसे प्रमुख है। वह बर्धमान के मशहूर बासमती और मितिकेते चावल को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाते हैं। उनके निर्यात नेटवर्क के माध्यम से यह चावल वियतनाम, मलेशिया, मोरक्को और कई मध्य पूर्व के देशों तक सप्लाई होता है। इस व्यापारिक सफलता के चलते उन्होंने तीन आधुनिक राइस मिलें भी खरीद ली हैं। धान की खरीद से लेकर चावल के अंतिम निर्यात तक उनका यह कारोबार अब काफी बड़े पैमाने पर फैल चुका है।
लग्जरी गाड़ियों का बेड़ा और बेटे की ख्वाहिश
व्यवसायिक सफलता के बाद शमसुद्दीन के पास आज गाड़ियों का एक बड़ा काफिला है। उनके घर पर BMW के अलावा रेंज रोवर, वोल्वो, महिंद्रा थार और हुंडई अल्काजार जैसी करीब 11 लग्जरी गाड़ियां खड़ी हैं। उनके इकलौते बेटे मोहम्मद तल्हा बर्धमान के श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल में सीबीएसई बोर्ड से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। हाल ही में तल्हा ने अपनी नौवीं कक्षा की अर्धवार्षिक परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिससे खुश होकर पिता ने उनकी पुरानी इच्छा पूरी कर दी। इस ढाई करोड़ रुपये की गाड़ी के बारे में बात करते हुए शमसुद्दीन ने कहा कि बेटे की पसंद उनके लिए सबसे अहम है और उन्होंने बताया कि बेटे को जो पसंद आता है, वह वही खरीदते हैं।



















