जगदलपुर के पटाखा बाजार में सजी नई वैरायटी, इस दिवाली हैरान कर देगी आवाजअभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर हंगामा, सांसद ने लगाया छह महीने में सातवीं बार हमले का आरोपजमशेदपुर के विशाल शर्मा ने साइकिल को बनाया चलती-फिरती दुकान, रोजाना कमाते हैं इतने रुपयेवोडाफोन आइडिया का नया प्लान, मात्र 35 रुपये में दो ओटीटी ऐप्स और डेटाजम्मू-कश्मीर में ड्रग्स के खिलाफ बड़ा एक्शन, 1711 किलो नशीले पदार्थ जब्त और 1941 गिरफ्तारगाजियाबाद की वसुंधरा पुलिस चौकी में जोरदार धमाका, डिलीवरी बॉय घायलमूलांक 5 राशिफल 7 नवंबर 2026: मीठी बातचीत से जीतेंगे लोगों का दिल, रिश्तों में बनेगा बेहतरीन तालमेलगोंडा के इस अनोखे मंदिर में संतान प्राप्ति की मन्नत मांगने आते हैं दंपतीअलवर में फिटनेस और वन्यजीव संरक्षण का अनूठा संगम, रणदीप हुड्डा ने की टाइगर मैराथन की शुरुआतबस्तर में किसानों का उग्र प्रदर्शन, धान फसल बर्बाद होने पर मुआवजे और कर्ज माफी की मांग
सिरोही की 18 महिलाओं ने पेश की आत्मनिर्भरता की मिसाल, नमकीन और मिठाइयां बेचकर संवार रहीं भविष्यसक्सेस स्टोरी
7 नव॰ 2026, 10:10 am (9 मिनट पहले)· 0

सिरोही की 18 महिलाओं ने पेश की आत्मनिर्भरता की मिसाल, नमकीन और मिठाइयां बेचकर संवार रहीं भविष्य

राजस्थान के सिरोही जिले के आबूरोड में कर्म शक्ति स्वयं सहायता समूह से जुड़ी 18 महिलाओं ने प्रोफेशनल हलवाइयों से ट्रेनिंग लेकर नमकीन और मिठाई का कारोबार शुरू किया है। ये महिलाएं बस स्टैंड और शांतिकुंज पार्क के सामने दुकानें चलाकर अपने उत्पादों की बिक्री कर रही हैं।

राजस्थान के सिरोही जिले के अंतर्गत आने वाले आबूरोड शहर और आसपास के इलाकों में रहने वाली करीब 18 महिलाओं ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर खुद का रोजगार शुरू किया है। इन महिलाओं ने कुशल और अनुभवी हलवाइयों से विधिवत ट्रेनिंग लेकर पारंपरिक राजस्थानी नमकीन, मठरी, शक्करपारे और विभिन्न प्रकार की मिठाइयां तैयार करना सीखा है, जिसके बाद वे अब सफलतापूर्वक अपना खुद का व्यवसाय चला रही हैं।

यह पूरा उपक्रम कर्म शक्ति स्वयं सहायता समूह के बैनर तले संचालित हो रहा है, जिससे जुड़ी ये सभी 18 महिलाएं कारोबार को आगे बढ़ाने में जुटी हैं। शुरुआत में इन महिलाओं ने लगभग 10 दिनों तक कड़ा प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिसमें पापड़ी, शकरपारे, मठरी, राजस्थानी नमकीन के अलावा काजू कतली और डिब्बा बंद होने वाली अन्य स्वादिष्ट मिठाइयों को बनाने की कला सीखी।

ये भी पढ़ें

आकर्षक पैकेजिंग और बाजारों में उपलब्धता

विभिन्न प्रकार के खाद्य उत्पाद तैयार करने के बाद महिलाओं ने इनकी सुंदर और आधुनिक पैकिंग पर विशेष ध्यान दिया है। बाजार में इन महिलाओं द्वारा बनाए जा रहे स्नैक्स और मिठाइयों को उपभोक्ताओं से काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से कर्म शक्ति समूह ने यह सराहनीय कदम उठाया है। इस पूरे प्रयास में स्थानीय आबूरोड नगरपालिका की ओर से भी महिलाओं को भरपूर सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

समूह की सदस्य हिमांशी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि महिलाएं आबूरोड शहर में दो प्रमुख स्थानों पर काउंटर लगाकर अपने उत्पादों की बिक्री कर रही हैं। ये दुकानें आबूरोड बस स्टैंड के ठीक सामने और शांतिकुंज पार्क के आगे संचालित की जा रही हैं। सभी महिलाएं मिलकर रोजाना ताजा स्नैक्स और मिठाइयां तैयार करती हैं और फिर त्योहारों के सीजन के मद्देनजर इन्हें आकर्षक ढंग से पैक करके बिक्री केंद्रों तक पहुंचाती हैं। इन दुकानों पर खुद महिलाएं ही काउंटर संभालती हैं और ग्राहकों से रूबरू होती हैं।

त्योहारी सीजन के खास पैक और बिजनेस के टिप्स

इन दुकानों पर नमकीन और मिठाइयों की मांग हमेशा बनी रहती है, जिसमें खासतौर पर राजस्थानी मूंग मोठ नमकीन को ग्राहकों द्वारा बेहद पसंद किया जा रहा है। इसके अलावा दीपावली के पावन अवसर पर घरों में आने वाले मेहमानों के स्वागत के लिए काजू कतली, रसगुल्ला और अन्य पारंपरिक मिठाइयां भी यहां आसानी से उपलब्ध कराई जा रही हैं।

दीपावली के त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए महिलाओं ने पांच तरह की चुनिंदा मिठाइयों और स्नैक्स को मिलाकर एक स्पेशल दीपावली पैक भी तैयार किया है। इसके अलावा दुकान पर 10 से अधिक प्रकार की नमकीन और कई वैरायटी के स्नैक्स बेचे जा रहे हैं। इन उत्पादों की शुरुआती कीमत डेढ़ सौ रुपये से शुरू होकर 500 रुपये तक तय की गई है। व्यवसाय से जुड़ी महिलाओं का यह भी कहना है कि यदि कोई अन्य व्यक्ति भी इस तरह का काम शुरू करना चाहता है, तो वह शुरुआती स्तर पर करीब एक लाख रुपये का निवेश करके और मिठाइयां व स्नैक्स बनाने की कला सीखकर इस कारोबार को आसानी से शुरू कर सकता है।

सवाल-जवाब

इस व्यवसाय से कितनी महिलाएं जुड़ी हुई हैं?
इस व्यवसाय से आबूरोड की कर्म शक्ति स्वयं सहायता समूह की करीब 18 महिलाएं जुड़ी हुई हैं।
महिलाओं ने यह काम कैसे सीखा?
इन महिलाओं ने प्रशिक्षित हलवाइयों से करीब 10 दिनों तक नमकीन, मठरी, शक्करपारे और मिठाइयां बनाना सीखा है।
उत्पादों की बिक्री के लिए दुकानें कहाँ लगाई गई हैं?
ये दुकानें आबूरोड बस स्टैंड के सामने और शांतिकुंज पार्क के आगे संचालित की जा रही हैं।
दीपावली पैक की कीमत कितनी है?
दीपावली स्पेशल पैक और अन्य स्नैक्स की शुरुआती कीमत डेढ़ सौ रुपये से 500 रुपये तक रखी गई है।
इस बिजनेस को शुरू करने में कितना निवेश करना पड़ सकता है?
छोटे स्तर पर इस काम को शुरू करने के लिए लगभग एक लाख रुपये का निवेश करना पड़ सकता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp