न्यूजीलैंड दौरे पर देवदत्त पडिक्कल का शानदार शतक, साई सुदर्शन सिर्फ 8 रन से चुकेवेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट से बाहर रह सकते हैं लिटन दास, चोट के बावजूद चयन को लेकर असमंजससाउथ अभिनेता अर्जुन सरजा के घर गूंजी शहनाइयां, बेटी अंजना अर्जुन ने लॉन्गटाइम पार्टनर इसाई संग रचाई दो अलग रीति-रिवाजों से शादीनेपाल प्रीमियर लीग में पाकिस्तानी क्रिकेटरों की राह में अड़चन, NOC को लेकर खड़ी हुई बड़ी मुश्किलउड़ता तीर बॉक्स ऑफिस कलेक्शन डे 3: आयुष्मान खुराना और सारा अली खान की फिल्म ने पहले वीकेंड पर कमाए इतने करोड़फिल्मों में आने से पहले ही शक्ति कपूर की तस्वीर पान की दुकान पर लगाता था एक शख्स, भविष्य को लेकर कही थी बड़ी बातशादाब खान के ऐतिहासिक शतक से इंग्लैंड चित, पाकिस्तान ने दर्ज की रोमांचक जीतटाइगर श्रॉफ पर हमले को लेकर वायरल बयानों पर सफाई, प्रवक्ता ने दावों को बताया पूरी तरह फर्जीमुंबई में कृष्णा दास के कीर्तन में भक्तिमय हुए अनुष्का शर्मा और विराट कोहलीटाइगर श्रॉफ पर हमले की असली साजिश, आमिर खान थे शूटर्स का मुख्य टारगेट
बिहार के इस युवा ने मां की जिंदगी बचाने के लिए दौड़ लगाई 8000 किलोमीटर की अनोखी यात्रासक्सेस स्टोरी
18 अक्तू॰ 2026, 8:56 pm (11 दिन पहले)· 2

बिहार के इस युवा ने मां की जिंदगी बचाने के लिए दौड़ लगाई 8000 किलोमीटर की अनोखी यात्रा

बिहार के 19 वर्षीय मोनू मेटुरबाला ने अपनी मां की गंभीर बीमारी से उबरने के बाद भगवान भोलेनाथ को दी गई मन्नत को पूरा करने के लिए बिना वाहन के हजारों किलोमीटर की लंबी दौड़ शुरू कर दी है।

दुनिया के तमाम रिश्तों के बीच मां और संतान का बंधन सबसे अलग और पवित्र माना जाता है। एक मां अपनी संतान की रक्षा के लिए हर संकट से टकरा जाती है, तो वहीं एक बेटा भी अपनी जननी की सांसों को बचाने के लिए पूरी कायनात से लड़ने का जज्बा रखता है। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक ऐसी ही हृदयविदारक और आत्मीय कहानी हर किसी की आंखें नम कर रही है, जहां एक युवा का अपनी मां के प्रति समर्पण आधुनिक दौर में एक अनोखी मिसाल बन गया है।

प्रभु के दरबार में लगाई गई गुहार

जब जिंदगी के तमाम दरवाजे बंद नजर आने लगते हैं, तब केवल सच्ची आस्था और मां का असीम स्नेह ही इंसान को भीतर से मजबूत बनाता है। बिहार के रहने वाले 19 साल के मोनू मेटुरबाला के जीवन में भी एक ऐसा ही दौर आया था। जब उनकी मां एक गंभीर बीमारी की चपेट में आकर अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही थीं, तब इस युवा के पास आंसुओं और प्रार्थनाओं के अलावा कुछ नहीं बचा था। मां की तकलीफ को देखकर उस बेटे का कलेजा कांप उठा। उसने भगवान शिव के समक्ष अपनी प्रार्थना रखते हुए प्रण लिया कि यदि उनकी जननी स्वस्थ हो जाती है, तो वह बिना किसी वाहन के अपने पैरों पर चलकर देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों और 4 धामों की यात्रा करेंगे।

संकल्प की शुरुआत और 15 मार्च का दिन

ऐसी मान्यता है कि यदि दिल से मांगी गई दुआ सच्ची हो, तो ईश्वर भी अपने भक्तों की पुकार सुन लेते हैं। कुछ ऐसा ही चमत्कार हुआ और मोनू की मां धीरे-धीरे पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने पैरों पर खड़ी हो गईं। मां के चेहरे पर दोबारा मुस्कान लौटते ही बेटे ने अपनी उस कठिन प्रतिज्ञा को बिना एक पल गंवाए पूरा करने की ठान ली। उन्होंने 15 मार्च से अपने घर की दहलीज से इस ऐतिहासिक सफर की शुरुआत कर दी। इस यात्रा के दौरान उनके पास न तो कोई जेब खर्च था, न खाने-पीने का सामान और न ही किसी प्रकार की सुख-सुविधा। उनके पास केवल मां के स्वस्थ होने का असीम आनंद और उनके प्रति मन में भरी अटूट कृतज्ञता थी। इस अद्भुत सफर के बारे में रमेश स्पीक्स द्वारा एक्स पर लिखा गया कि बिहार का एक समर्पित युवा इस दौर में सच्ची भक्ति की नई परिभाषा लिख रहा है।

नंगे पांव और माथे पर तिलक के साथ आगे बढ़ता कदम

मोनू इन दिनों सड़कों पर बिना शर्ट के, गले में माला पहने, माथे पर तिलक लगाए और होठों पर भगवान का नाम जपते हुए लगातार दौड़ रहे हैं। वह हर रोज लगभग 40 से 50 किलोमीटर की दूरी दौड़कर तय करते हैं। अब तक वह कुल 8,000 किलोमीटर का यह कठिन सफर पूरा कर चुके हैं और देश के 5 प्रमुख ज्योतिर्लिंगों के द्वार पर पहुंचकर माथा भी टेक चुके हैं। रास्ते में जो भी व्यक्ति इस युवा को देखता है, उसकी आंखें भावुक हो जाती हैं। लोग न केवल उनके भोजन और पानी का प्रबंध कर रहे हैं, बल्कि उन पर फूल बरसाकर आज के दौर के श्रवण कुमार को नमन भी कर रहे हैं।

मां के प्रति प्रेम का कभी न चुकने वाला कर्ज

आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां लोग छोटी-छोटी दूरियों और आपसी मनमुटाव के चलते अपनों से कट जाते हैं, वहीं मोनू की यह लंबी दौड़ हमें यह सिखाती है कि मां के ऋण को कभी पूरी तरह चुकाया नहीं जा सकता है। हालांकि उनके प्रति हमारा प्रेम और सम्मान असीम जरूर हो सकता है। जब कभी इस युवा से उनकी इस कठिन यात्रा के विषय में चर्चा की जाती है, तो उनके चेहरे पर थकान का कोई भाव नजर नहीं आता। इसके उलट, उनकी आंखों में मां का वो मुस्कुराता हुआ चेहरा तैरने लगता है जो उन्हें हर पल आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करता है।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

मोनू मेटुरबाला कौन हैं?
मोनू मेटुरबाला बिहार के 19 वर्षीय एक युवा हैं जो अपनी मां की गंभीर बीमारी से ठीक होने के बाद अनोखी यात्रा पर निकले हैं।
उन्होंने यह यात्रा क्यों शुरू की?
उन्होंने भगवान शिव से मां के स्वस्थ होने की मन्नत मांगी थी, जिसके पूरा होने पर वह देश के ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए दौड़ रहे हैं।
यह यात्रा कब शुरू हुई थी?
मोनू ने इस कठिन यात्रा की शुरुआत 15 मार्च से की थी।
वह रोजाना कितनी दूरी तय करते हैं?
वह हर रोज लगभग 40 से 50 किलोमीटर की दूरी दौड़कर तय करते हैं।
उन्होंने अब तक कितने ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर लिए हैं?
वह अब तक 5 प्रमुख ज्योतिर्लिंगों के दर पर मत्था टेक चुके हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Tanvi Desai@tanvi-desai·10 दिन पहले

ऐसी सच्ची कहानियाँ देखकर आँखें नम हो जाती हैं। आज की दुनिया में जहाँ लोग अपनों के लिए वक्त नहीं निकाल पाते, इस लड़के ने अपनी माँ की जान बचाने के लिए जो तपस्या की है, वह किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। भगवान इसे पूरी ताकत दे।

Arjun Mehta@arjun-mehta·10 दिन पहले

मां के लिए ऐसा पागलपन और समर्पण आज के दौर में देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। आठ हजार किलोमीटर दौड़ना कोई बच्चों का खेल नहीं है। भगवान जाने इस लड़के ने रास्ते में थकान और दर्द से कैसे मुकाबला किया होगा?

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·10 दिन पहले

अर्जुन, बिल्कुल सही कहा। पचास किलोमीटर रोज दौड़ना और वो भी बिना जूतों के, दिमाग सुन्न कर देने वाला है।

Sandeep Yadav@sandeep-yadav·10 दिन पहले

मां की बीमारी के दिनों में अस्पताल के बाहर वो रातें मुझे आज भी याद हैं, जब लगता था कि सब कुछ खत्म हो गया। मोनू की यह दौड़ देखकर आंखें नम हो गईं, भगवान सबकी मां को सलामत रखे।

Arshdeep Ahluwalia@arshdeep-ahluwalia·10 दिन पहले

संदीप भाई, अस्पताल के बाहर की वो रातें वाकई ऐसी होती हैं कि सांसें अटक जाती हैं। मोनू का 8000 किलोमीटर दौड़ना उसी बेबसी और फिर मिली राहत का असर है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp