बिहार के मधुबनी जिले में इंटरनेट आधारित त्वरित सेवाओं का एक नया स्थानीय मॉडल तेजी से पैर पसार रहा है। महानगरों में रोजमर्रा का सामान घर तक पहुंचाने वाली बड़ी कंपनियों के मुकाबले यहां के दो स्थानीय युवकों ने अपनी खास पहचान बनाई है। बारहवीं कक्षा के बाद चार्टर्ड अकाउंटेंसी यानी सीए की पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले दो दोस्तों ने मिलकर डिलीवरी वाला नाम से एक क्विक सर्विस प्लेटफॉर्म तैयार किया है। इसके जरिए फल, ताजी सब्जियां, तैयार भोजन, ग्रोसरी और पर्सनल केयर उत्पाद स्थानीय लोगों की दहलीज पर सीधे पहुंचाए जा रहे हैं।
वेबसाइट से शुरुआत के बाद प्ले स्टोर पर उतारा मोबाइल ऐप
इस उपक्रम की नींव अक्टूबर 2024 में पड़ी थी जब दोनों ने खुद एक वेबसाइट तैयार कर ऑनलाइन ऑर्डर लेना शुरू किया था। शुरुआती दौर में वेबसाइट के जरिए काम सीमित दायरे में चला, लेकिन मार्च 2026 में गूगल प्ले स्टोर पर इसका आधिकारिक मोबाइल ऐप जारी होने के बाद कारोबार ने तेज रफ्तार पकड़ ली। ऐप आने के बाद ग्राहकों के लिए ऑर्डर दर्ज करना बेहद आसान हो गया और इसका दायरा देखते ही देखते लगभग 10,000 से 11,000 उपभोक्ताओं तक पहुंच गया। वर्तमान में यह सेवा प्रतिदिन करीब 250 से 300 ग्राहकों तक सीधे जरूरी सामान पहुंचा रही है।
असफलता, तनाव और बीस रुपये से शुरू हुआ सफर
इस स्टार्टअप के पीछे मधुबनी के रहने वाले दो युवा सुधांशु और उनके साथी रजनीश हैं। दोनों ने अपनी स्कूली शिक्षा बारहवीं तक पूरी करने के बाद सीए की तैयारी शुरू की थी, लेकिन बाद में पढ़ाई छोड़ दी। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग स्थानों पर फाइनेंस तथा मार्केटिंग के क्षेत्र में रोजगार तलाशा, पर वहां मनचाही सफलता नहीं मिली। असफलता के कारण वे वापस अपने गृहक्षेत्र लौटे और लगभग तीन महीने तक भारी मानसिक तनाव व डिप्रेशन के दौर से गुजरे। इसी दौरान यूट्यूब पर एक वीडियो देखने के बाद उन्होंने खुद का काम शुरू करने का फैसला लिया। उन्होंने महज ₹ 20 की शुरुआती लागत में एक क्विक कॉमर्स साइट पर खाता खोला और डिलीवरी वाला की बुनियाद रखी। शुरुआती दौर में वे खुद बाइक उठाकर शहर की गलियों में पार्सल पहुंचाने जाते थे।
ऑपरेटिंग मॉडल, दायरा और फ्रेंचाइजी विस्तार की तैयारी
शुरुआती संघर्ष के बाद अब इस व्यवस्था में कई डिलीवरी पार्टनर नियमित रूप से जुड़ चुके हैं। इस स्टार्टअप का अपना ग्रोसरी स्टोर भी स्थापित हो चुका है, जहां से फूड, किराना सामग्री, सौंदर्य प्रसाधन और पर्सनल केयर उत्पाद ग्राहकों को भेजे जाते हैं। सेवा का संचालन मधुबनी रेलवे स्टेशन से साढ़े छह किलोमीटर के दायरे में किया जा रहा है। ग्राहक सुबह आठ बजे से लेकर रात दस बजे के बीच किसी भी समय अपनी जरूरत के अनुसार सामान मंगवा सकते हैं। कंपनी की नीति के अनुसार ₹ 300 से अधिक मूल्य के ऑर्डर पर कोई अलग डिलीवरी शुल्क नहीं लिया जाता, केवल सामान की वास्तविक कीमत चुकानी होती है। अब यह नेटवर्क मधुबनी से आगे बढ़कर दरभंगा सहित बिहार के अन्य कई इलाकों में फ्रेंचाइजी मॉडल पर विस्तार की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।



















