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देश के 800 जिलों की संस्कृति समझने के लिए उत्तर प्रदेश के आकाश कुमार गुप्ता ने शुरू की अनोखी पदयात्रासक्सेस स्टोरी
2 सित॰ 2026, 10:49 am (58 दिन पहले)· 4

देश के 800 जिलों की संस्कृति समझने के लिए उत्तर प्रदेश के आकाश कुमार गुप्ता ने शुरू की अनोखी पदयात्रा

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखने वाले युवा आकाश कुमार गुप्ता देश के 800 से अधिक जिलों की संस्कृति और जल संरक्षण का संदेश फैलाने के लिए पैदल यात्रा पर निकले हैं।

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले अंतर्गत मनियर क्षेत्र के निवासी आकाश कुमार गुप्ता ने संपूर्ण भारत को करीब से जानने के लिए एक अनूठी पदयात्रा की शुरुआत की है। अपनी इस यात्रा के दौरान वे देश भर के 800 से अधिक जिलों का भ्रमण करेंगे, ताकि वहाँ की समृद्ध संस्कृति, सामाजिक विविधता और ऐतिहासिक धरोहरों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर सकें। विज्ञान स्नातक (बीएससी) तक की शिक्षा ग्रहण कर चुके आकाश पूर्व में भी पर्यावरण संवर्धन से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।

पर्यावरण और सनातन संस्कृति का प्रचार

अपनी इस व्यापक यात्रा के माध्यम से आकाश का मूल ध्येय भारतीय समाज की गहराइयों को समझना और देश की युवा शक्ति से सीधा संवाद स्थापित करना है। वे सनातन संस्कृति के मूल्यों का प्रसार करने के साथ-साथ आम जनमानस को पूर्णतः शाकाहारी जीवनशैली अपनाने का आग्रह कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, वे पर्यावरण की रक्षा और 'जल ही जीवन है' के मूलमंत्र को दोहराते हुए पानी के विवेकपूर्ण इस्तेमाल के प्रति जागरूकता फैला रहे हैं। उनका मानना है कि जल संसाधनों को बचाना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

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टेंट में रात और तिरंगे के साथ सफर

पैदल यात्रा के अनुभवों के संबंध में आकाश बताते हैं कि उन्हें आम लोगों से अभूतपूर्व सहयोग और स्नेह मिल रहा है। रास्ते में अक्सर स्थानीय नागरिक उन्हें सहर्ष भोजन कराते हैं, अन्यथा वे मार्ग में पड़ने वाले छोटे ढाबों पर भोजन कर लेते हैं। विश्राम के लिए वे किसी होटल, हॉस्टल या किराए के कमरे पर निर्भर नहीं हैं। वे अपने पास एक छोटा टेंट रखते हैं और शाम ढलते ही किसी सुरक्षित स्थान पर टेंट लगाकर रात्रि विश्राम करते हैं। अपने कंधों पर आवश्यक वस्तुओं से भरा बैग और हाथों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लेकर वे निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।

बलिया से आगे का रास्ता और जीवन का ध्येय

अपने गृह जनपद बलिया में पदयात्रा के लगभग 4 दिन व्यतीत करने के उपरांत आकाश अब अगले गंतव्य की ओर प्रस्थान कर चुके हैं। सिर पर ऑनलाइन माध्यम से मंगवाई गई विशेष टोपी पहने आकाश का स्पष्ट विचार है कि घर की सीमाओं में बंद रहकर भारत जैसे विशाल देश को समझ पाना असंभव था। इसी विचार ने उन्हें यह कठिन मार्ग चुनने के लिए प्रेरित किया। उनका जीवन दर्शन है कि जीवन मिला है तो कुछ उल्लेखनीय कार्य करना चाहिए। इस यात्रा के दौरान हर दिन नए लोगों से मुलाकातों के जरिए उन्हें ज्ञान और अनुभवों की नई दिशा मिल रही है।

सवाल-जवाब

आकाश कुमार गुप्ता कहाँ के निवासी हैं और उनकी शिक्षा क्या है?
आकाश कुमार गुप्ता उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में स्थित मनियर क्षेत्र के निवासी हैं और उन्होंने बीएससी तक की पढ़ाई पूरी की है।
आकाश कुमार गुप्ता की पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य देश के 800 से अधिक जिलों की संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों को समझना तथा युवाओं के साथ पर्यावरण व जल संरक्षण का संदेश साझा करना है।
यात्रा के दौरान भोजन और ठहरने की व्यवस्था वे कैसे करते हैं?
वे ठहरने के लिए हॉस्टल या कमरे के स्थान पर अपने पास मौजूद छोटे टेंट का उपयोग करते हैं, जबकि भोजन स्थानीय लोगों के सहयोग या छोटे ढाबों के माध्यम से करते हैं।
आकाश कुमार गुप्ता सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर किन विषयों को बढ़ावा दे रहे हैं?
वे सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ शुद्ध शाकाहारी जीवनशैली अपनाने, पर्यावरण बचाने और 'जल ही जीवन है' के सिद्धांत पर जल संरक्षण करने का आग्रह करते हैं।
बलिया में उन्होंने कितना समय बिताया और यात्रा के दौरान क्या साथ रखते हैं?
वे अपने गृहनगर बलिया में लगभग 4 दिन बिताने के बाद आगे की यात्रा पर निकले, और अपने साथ जरूरी सामान के बैग के साथ राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लेकर चलते हैं।
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