चीन में 90 साल की महिला 20 वर्ष तक जिंदा हैंड ग्रेनेड से तोड़ती रही अखरोट, मजदूर ने देख पुलिस को दी सूचनाबेलेघाटा से तृणमूल कांग्रेस नेता राजू नस्कर पुलिस कस्टडी में, रंगदारी और धमकी के आरोपों पर बड़ा एक्शनत्वचा को चमकदार और टाइट बनाने के लिए घर पर तैयार करें चावल के मांड की नेचुरल कोलेजन क्रीम, जानें आसान तरीकाशादियों की विदाई में आज भी छाया रहता है 1989 का क्लासिक ट्रैक, 37 सालों से कायम है पद्मिनी कोल्हापुरे और मिथुन चक्रवर्ती के इस इमोशनल गाने की जगहअपने जन्मदिन पर हुमा कुरैशी ने दिया सरप्राइज, महारानी सीजन 5 की शूटिंग का किया आधिकारिक ऐलानआईआईटी दिल्ली और एम्स का नया कारनामा, संगीत के जरिए स्ट्रोक मरीजों की बोलती बंद होने की बीमारी का निकाला इलाजलोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा, शशि थरूर ने रखी अपनी बातसांवली रंगत को और निखारेंगे ये 5 बेहतरीन लिपस्टिक शेड्स, हर मौके के लिए चुनें सही रंगपलक तिवारी से जुड़े सवाल पर राजा चौधरी का बड़ा खुलासा, 18 साल में सिर्फ दो-तीन बार हुई बातदिवंगत अभिनेता देवानंद की संतान सुनील आनंद नहीं रहे, 70 वर्ष की आयु में कार्डिएक अरेस्ट से लंदन में हुआ निधन
गाजीपुर के औरंगजेब खान की मिसाल, दो अलग विषयों में तीन बार NET पास कर बने प्रेरणासक्सेस स्टोरी
16 जून 2026, 7:24 pm (42 दिन पहले)· 2

गाजीपुर के औरंगजेब खान की मिसाल, दो अलग विषयों में तीन बार NET पास कर बने प्रेरणा

गाजीपुर के दिलदारनगर के रिसर्च स्कॉलर औरंगजेब खान ने अंतरराष्ट्रीय मामलों और राजनीति विज्ञान जैसे कठिन विषयों में तीन बार NET परीक्षा पास की है। जानिए उनकी तैयारी का तरीका और सफलता का मंत्र।

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के दिलदारनगर से आने वाले औरंगजेब खान आज हजारों छात्रों के लिए एक नाम बन चुके हैं। रिसर्च स्कॉलर औरंगजेब ने अंतरराष्ट्रीय मामलों (International Affairs) और राजनीति विज्ञान (Political Science) जैसे दो अलग और कठिन विषयों में नेट परीक्षा पास करके यह साबित कर दिया है कि लगातार मेहनत और ठान लेने का जज्बा किसी भी मुकाम तक पहुंचा सकता है। उनकी इस उपलब्धि ने सिर्फ उनके जिले का नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश का नाम ऊंचा किया है।

जामिया से जुड़ी पढ़ाई और पहली कामयाबी

औरंगजेब के सफर की नींव दिल्ली में पड़ी। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया से ‘वेस्ट एशिया मिडिल ईस्टर्न स्टडीज’ में मास्टर्स की डिग्री ली। यहीं रहते हुए अंतरराष्ट्रीय मामलों में उनकी दिलचस्पी गहरी होती गई। खास बात यह रही कि मास्टर डिग्री की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पहली बार नेट परीक्षा क्वालीफाई कर ली। इसके बाद जब वे पीएचडी कर रहे थे, तब उन्होंने राजनीति विज्ञान विषय में भी नेट पास कर अपनी काबिलियत को एक बार फिर साबित किया।

ये भी पढ़ें

तैयारी का तरीका और भरोसेमंद किताबें

अपनी पढ़ाई के अनुभव साझा करते हुए औरंगजेब बताते हैं कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों (IR) की तैयारी में जॉन बेलिस और स्टीव स्मिथ की किताब ‘द ग्लोबलाइजेशन ऑफ वर्ल्ड पॉलिटिक्स’ (The Globalization of World Politics) उनके लिए सबसे अहम रही, जिसे वे इस विषय की ‘बाइबल’ मानते हैं। उनके मुताबिक सिर्फ किताब रट लेना काफी नहीं है, बल्कि विश्व इतिहास और मौजूदा अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर मजबूत पकड़ ही असली सफलता की कुंजी बनती है।

परीक्षा एक मनोवैज्ञानिक लड़ाई

औरंगजेब का साफ मानना है कि नेट या कोई भी बड़ी प्रतियोगी परीक्षा महज किताबी ज्ञान की जांच नहीं, बल्कि एक तरह का साइकोलॉजिकल वारफेयर है। वे खुद 2024 से लगातार परीक्षा देते आ रहे हैं और छात्रों को यही सलाह देते हैं कि निरंतरता बनाए रखें, हार न मानें और प्रयास जारी रखें, क्योंकि यही एकमात्र रास्ता है।

वे फर्स्ट पेपर यानी शिक्षण और अनुसंधान योग्यता की तैयारी को बेहद जरूरी मानते हैं। उनके अनुसार भारतीय राजनीति, इतिहास और भारतीय राजनयिकों (Indian Diplomats) के कामकाज का गहराई से अध्ययन सफलता को पक्का करता है।

दूसरों से नहीं, खुद से करें मुकाबला

औरंगजेब छात्रों को याद दिलाते हैं कि नेट और जेआरएफ की तैयारी कोई छोटी दौड़ नहीं, बल्कि एक मैराथन है। उनकी सलाह है कि दूसरों से तुलना करने के बजाय रोज खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाए। अगर असफलता मिले तो उसे तैयारी का ही एक हिस्सा मान लेना चाहिए। उनके शब्दों में, लगातार पढ़ते रहिए, क्योंकि सफलता अक्सर उसी के हाथ लगती है जो मैदान छोड़कर नहीं भागता।

सवाल-जवाब

औरंगजेब खान कौन हैं?
वे उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के दिलदारनगर के रहने वाले रिसर्च स्कॉलर हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मामलों और राजनीति विज्ञान में नेट परीक्षा पास की है।
उन्होंने किन विषयों में नेट क्वालीफाई किया?
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मामलों और राजनीति विज्ञान दोनों विषयों में नेट परीक्षा पास की है।
उन्होंने अपनी पढ़ाई कहां से की?
उन्होंने दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से वेस्ट एशिया मिडिल ईस्टर्न स्टडीज में मास्टर्स की डिग्री हासिल की।
वे कौन सी किताब को सबसे जरूरी मानते हैं?
अंतरराष्ट्रीय संबंधों की तैयारी के लिए वे जॉन बेलिस और स्टीव स्मिथ की किताब ‘द ग्लोबलाइजेशन ऑफ वर्ल्ड पॉलिटिक्स’ को इस विषय की बाइबल मानते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR