बिहार के वैशाली जिले के लालगंज और आसपास के गांवों से एक प्रेरक खबर सामने आई है। यहां के सात युवाओं ने बिना किसी महंगी कोचिंग और फीस के, सिर्फ मेहनत और अनुशासन के दम पर बिहार पुलिस की परीक्षा पास कर ली है। खास बात यह है कि इन सात सफल अभ्यर्थियों में दो लड़कियां भी शामिल हैं, जिन्होंने साबित कर दिया कि गांव की बेटियां अब किसी मामले में पीछे नहीं हैं। इस सफलता ने पूरे इलाके में उत्साह का माहौल बना दिया है।
चयनित युवाओं को मिली अलग-अलग पुलिस लाइनों में पोस्टिंग
बिहार पुलिस में चुने गए इन युवाओं को अलग-अलग जिलों की पुलिस लाइन में तैनाती मिलेगी। लालगंज के समसपुरा गांव के रहने वाले विकास कुमार को आरा पुलिस लाइन में जगह मिली है। रसूलपुर निवासी रजनीश कुमार का चयन नालंदा पुलिस लाइन के लिए हुआ है। चकशाले गांव के अविनाश कुमार को बेतिया भेजा जाएगा, वहीं इसी गांव के चंदन कुमार पूर्णिया पुलिस लाइन में तैनात होंगे। इनके अलावा दो युवतियों ने भी परीक्षा पास कर इलाके का मान बढ़ाया है। कुल मिलाकर सात अभ्यर्थियों की इस कामयाबी ने पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल बना दिया।
गुरुदेव फिजिकल एकेडमी बनी सफलता की नींव
इन सभी की तैयारी के पीछे लालगंज की गुरुदेव फिजिकल एकेडमी की बड़ी भूमिका रही है। यहां जीए हाईस्कूल के मैदान में हर दिन सुबह 5 बजे से 7 बजे तक अभ्यर्थियों को पूरी तरह मुफ्त शारीरिक प्रशिक्षण दिया जाता है। इस एकेडमी की नींव रौशन कुमार ने रखी थी, जिन्होंने खुद अपनी कड़ी मेहनत से बिहार पुलिस में जगह बनाई। रौशन के चयन के बाद यह सवाल उठा कि बाकी बच्चों की तैयारी अब कौन कराएगा। ऐसे में राजू और दिवाकर आगे आए और उन्होंने बच्चों को ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी संभाल ली। उन्हीं की मेहनत और लगन का नतीजा है कि इस बार एकेडमी से एक साथ सात अभ्यर्थी बिहार पुलिस में चुने गए।
मुखिया गणेश राय ने किया सम्मान, अभिभावकों को भी मिलेगा सम्मान
इन होनहार युवाओं का हौसला बढ़ाने के लिए बसंता जहानाबाद पंचायत के मुखिया और मुखिया संघ के अध्यक्ष गणेश राय खुद आगे आए। उन्होंने सभी चयनित अभ्यर्थियों को मेडल और माला पहनाकर तथा मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। साथ ही मैदान में पसीना बहा रही बाकी युवतियों का भी हौसला बढ़ाया। इस मौके पर गणेश राय ने कहा कि अगली बार जब बच्चे सफल होंगे तो उनके अभिभावकों को भी सम्मानित किया जाएगा, ताकि परिवारों को अपनी बेटियों और बेटों को आगे पढ़ाने और बढ़ाने के लिए प्रेरणा मिले। उन्होंने कहा कि आज जरूरत सिर्फ सही अवसर और परिवार के साथ की है। लालगंज की यह मुफ्त पहल अब सीमित संसाधनों वाले ग्रामीण युवाओं के लिए एक बड़ी उम्मीद बन चुकी है, जो उनके सपनों को नई उड़ान दे रही है।













