अखिल भारतीय सेवाओं में चयनित होने के बाद अफसरों को अक्सर गृह राज्य या पसंदीदा जगह से हजारों किलोमीटर दूर तैनाती मिलती है। ऐसा ही कुछ राजस्थान के ग्रामीण परिवेश से निकलकर भारतीय पुलिस सेवा में जगह बनाने वाली अन्नू टाटू के साथ भी हुआ था। उन्हें पूर्वोत्तर के असम-मेघालय कैडर में काम करने का अवसर मिला, मगर विवाह के बाद पारिवारिक जीवन और सेवा के बीच संतुलन साधने के लिए उन्होंने एक बड़ा फैसला लिया। केंद्रीय गृह मंत्रालय की आधिकारिक सहमति मिलने के बाद अब वह करीब 2700 किलोमीटर का सफर तय कर असम-मेघालय कैडर से गुजरात कैडर में स्थानांतरित हो गई हैं, ताकि अपने जीवनसाथी के साथ एक ही राज्य में रहकर देश की सेवा कर सकें।
सपोटरा के छोटे से गांव से प्रशासनिक सेवा तक का सफर
आईपीएस अन्नू टाटू का जन्म 14 जनवरी 1998 को हुआ। वह राजस्थान के करौली जिले में आने वाली सपोटरा तहसील के भरतून गांव की रहने वाली हैं। ग्रामीण अंचल से ताल्लुक रखने के बावजूद उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा पर गहरा ध्यान दिया। उन्होंने राजधानी जयपुर के प्रतिष्ठित कनोडिया पीजी महिला महाविद्यालय में दाखिला लिया, जहां से उन्होंने पहले बीए की डिग्री हासिल की और उसके उपरांत अर्थशास्त्र विषय में एमए पूरा किया। उच्च शिक्षा हासिल करने के दौरान ही उनके मन में सिविल सेवा में जाने का मजबूत संकल्प तैयार हो गया था।
बिना दिल्ली गए घर पर सेल्फ स्टडी से पाई सफलता
आमतौर पर देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए छात्र दिल्ली जैसे महानगरों के नामचीन कोचिंग संस्थानों का रुख करते हैं। अन्नू टाटू ने इस लीक से अलग रास्ता चुना। उन्होंने किसी महंगे कोचिंग संस्थान में दाखिला लेने के बजाय अपने घर पर ही रहकर स्वाध्याय करने का निर्णय लिया। वह नियमित रूप से खुद अपने नोट्स तैयार करती थीं और उनका निरंतर अभ्यास करती थीं।
इस पूरी तैयारी के दौरान उन्हें अपनी बड़ी बहन ज्योति मीणा से मजबूत मार्गदर्शन मिला, जो खुद भारतीय डाक सेवा यानी आईपीओएस में अधिकारी हैं। अपनी मेहनत, लगन और सही रणनीति के दम पर अन्नू टाटू ने साल 2021 की सिविल सेवा परीक्षा में अपने तीसरे प्रयास में ऑल इंडिया स्तर पर 591वीं रैंक प्राप्त की। अनुसूचित जनजाति वर्ग में उनकी रैंक 26वीं रही। परीक्षा में सफल होने के उपरांत उन्हें असम-मेघालय कैडर मिला, जिसके तहत उन्होंने शिवसागर सहित कई क्षेत्रों में अपनी पुलिस सेवाएं दीं।
प्रशासनिक और चिकित्सा अफसरों से भरा परिवार
अन्नू टाटू का परिवार उच्च शिक्षा और राष्ट्र सेवा की एक अनूठी मिसाल पेश करता है। उनके पिता जीआर मीणा जयपुर की सरस डेयरी में बतौर सहायक प्रबंधक अपनी सेवाएं दे चुके हैं। परिवार के अन्य सदस्य भी प्रशासनिक और चिकित्सा क्षेत्र में उच्च पदों पर आसीन हैं। उनकी बड़ी बहन ज्योति मीणा आईपीओएस अधिकारी हैं, जबकि उनके जीजा शैलेंद्र बामणिया भी भारतीय पुलिस सेवा में अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त उनकी एक अन्य बहन चिकित्सा अधिकारी हैं और उनके सबसे छोटे भाई ऋषिकेश भी पेशे से डॉक्टर हैं। इस तरह पूरे परिवार ने अपने-अपने क्षेत्रों में उच्च उपलब्धियां हासिल की हैं।
आईपीएस गौतम विवेकानंदन के साथ नया अध्याय
अन्नू टाटू ने यह अंतर-कैडर स्थानांतरण अपने पति आईपीएस गौतम विवेकानंदन के पास जाने के लिए लिया है। गौतम का जन्म 6 नवंबर 1998 को हुआ था और वह मूल रूप से गुजरात राज्य के वलसाड जिले के रहने वाले हैं। गौतम ने भी संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2022 में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। उन्होंने देश भर में 211वीं रैंक हासिल की थी और उन्हें गृह राज्य गुजरात कैडर आवंटित किया गया था। शादी के बाद दोनों अधिकारियों के कार्यक्षेत्र अलग-अलग राज्यों में होने की वजह से गृह मंत्रालय के समक्ष अंतर-कैडर स्थानांतरण का आवेदन प्रस्तुत किया गया था, जिसे आधिकारिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।


















