राणा प्रताप सागर बांध के पास 14 फीट लंबे अजगर ने कुत्ते को निगला, वन विभाग ने किया रेस्क्यूमेजर गरिमा यादव बनीं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल की पहली महिला एडीसी, जानिए मॉडलिंग से सेना तक का सफरजोधपुर में अनुराधा आडवाणी की अनोखी कला, कॉफी की झाग पर उकेरे मां दुर्गा के सात रूपक्रोमा की फेस्टिव सेल में iPhone 17 Pro पर भारी बचत, ऐसे पाएं ₹40,000 तक की छूटगौतम बुद्ध नगर में पांच लोगों की संदिग्ध मौत का मामला, मृतक की बहनों और बहनोई पर केस दर्जनागपुर के कॉलेज में छात्रा को आपत्तिजनक संदेश भेजने का आरोप, पिता ने प्रोफेसर पर उठाया हाथवेस्टइंडीज सीरीज में बाहर बैठे रहे वैभव सूर्यवंशी, कप्तान श्रेयस अय्यर ने बताई प्लेइंग इलेवन की हकीकतहैदराबाद के अभिलेखागार में सहेजी गईं ताड़पत्रों की अनमोल पांडुलिपियां, आंध्र महाभारतम् की मूल प्रति भी मौजूदबस्तर के किसान ने बदली खेती की राह, करेले की जगह उगा रहे बीज और हो रही बंपर कमाईसोलन में एनएच-5 पर बस और स्कॉर्पियो चालकों का विवाद, जमकर हुआ हंगामा और तोड़फोड़
मेजर गरिमा यादव बनीं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल की पहली महिला एडीसी, जानिए मॉडलिंग से सेना तक का सफरसक्सेस स्टोरी
18 अक्तू॰ 2026, 11:52 am (39 मिनट पहले)· 1

मेजर गरिमा यादव बनीं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल की पहली महिला एडीसी, जानिए मॉडलिंग से सेना तक का सफर

मेजर गरिमा यादव उत्तर प्रदेश के राजभवन में पहली महिला एडीसी नियुक्त की गई हैं। आईएएस बनने का सपना छूटने और मॉडलिंग का बड़ा मौका ठुकराकर उन्होंने भारतीय सेना में यह मुकाम हासिल किया है।

कठिन परिश्रम और देश सेवा की मजबूत इच्छाशक्ति हो तो हर बड़ी मंजिल को हासिल किया जा सकता है। इस बात को सच साबित कर दिखाया है मेजर गरिमा यादव ने, जिन्होंने उत्तर प्रदेश के राजभवन में इतिहास रचते हुए एक नया आयाम गढ़ा है। भारतीय सेना की आर्मी सर्विस कॉर्प्स की अधिकारी मेजर गरिमा यादव को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का पहला महिला एडीसी नियुक्त किया गया है, जो सूबे के इतिहास में पहली बार हुआ है।

ग्लैमर की दुनिया छोड़ चुनी सेना की वर्दी

ब्यूटी पेजेंट जीतने से लेकर आईएएस बनने के प्रयास तक और फिर भारतीय सेना में ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल करने तक का मेजर गरिमा यादव का सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने नवंबर 2017 में इंडियाज मिस चार्मिंग फेस का खिताब अपने नाम किया था। इस जीत के बाद उन्हें इटली में होने वाली एक अंतरराष्ट्रीय ब्यूटी प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने का शानदार मौका मिला था, लेकिन उन्होंने ग्लैमर की दुनिया को चुनना सही नहीं समझा। इसके बजाय उन्होंने देश सेवा को प्राथमिकता देते हुए चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में कठिन सैन्य प्रशिक्षण का मार्ग चुना और 9 मार्च 2019 को भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त किया।

ये भी पढ़ें

एडीसी के रूप में क्या होती हैं जिम्मेदारियां

एडीसी यानी एइडे-डेल-कैंप एक बेहद प्रतिष्ठित और उत्तरदायित्व से भरा हुआ सैन्य पद होता है। देश के संवैधानिक प्रमुख यानी राष्ट्रपति या राज्यपाल के साथ एक सैन्य अधिकारी को बतौर एडीसी तैनात किया जाता है। वर्तमान में मेजर गरिमा यादव लखनऊ स्थित राजभवन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के सभी आधिकारिक दौरों, सैन्य कार्यक्रमों और प्रशासनिक समन्वय की अहम जिम्मेदारी निभा रही हैं। इसके तहत वह राज्यपाल के सभी प्रोटोकॉल और सुरक्षा प्रबंधन को बेहद कुशलता से संभालती हैं। इसका एक उदाहरण 21 जुलाई 2026 को देखने को मिला, जब मेरठ स्थित मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय के निरीक्षण के दौरान वह राज्यपाल के साथ हर कदम पर मौजूद थीं और पूरी प्रशासनिक व्यवस्था का समन्वय कर रही थीं।

आईएएस का सपना और सीडीएस में सफलता

मेजर गरिमा यादव की शुरुआती शिक्षा दागशाई स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल से पूरी हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफेंस कॉलेज से अर्थशास्त्र में ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उनका मुख्य सपना आईएएस अधिकारी बनने का था। इसके लिए उन्होंने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा भी दी, लेकिन वे मुख्य परीक्षा यानी मेंस क्लियर नहीं कर पाईं। हालांकि हार मानने के बजाय उन्होंने अपनी दिशा बदली और कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज 2017 की परीक्षा में भाग लिया। अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने पहले ही प्रयास में इस परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल की और एसएसबी इंटरव्यू को भी पहली बार में ही क्रैक कर लिया।

आर्मी सर्विस कॉर्प्स और सैन्य जीवन का सफर

भारतीय सेना में कमीशन मिलने के बाद मेजर गरिमा यादव को आर्मी सर्विस कॉर्प्स यानी एएससी में शामिल किया गया। एएससी भारतीय सेना का एक बेहद महत्वपूर्ण लॉजिस्टिकल अंग है जो युद्धक्षेत्र हो या शांति काल, सेना के लिए आपूर्ति, ईंधन, परिवहन और रसद की तमाम व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संभालता है। पिछले कुछ वर्षों के दौरान उन्होंने कई ऑपरेशन्स और प्रशासनिक भूमिकाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसी के परिणामस्वरूप उन्हें 14 सितंबर 2025 को राजभवन में उत्तर प्रदेश की पहली महिला आर्मी एडीसी के रूप में नियुक्त किया गया।

युवा लड़कियों के लिए एक बड़ी मिसाल

अपनी इस शानदार सफलता का श्रेय मेजर गरिमा यादव अपनी मां के अटूट समर्थन को देती हैं। एक ब्यूटी क्वीन बनने से लेकर राजभवन के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराने तक का उनका यह सफर देश की उन तमाम युवतियों के लिए एक बहुत बड़ी सीख है जो छोटी-छोटी असफलताओं से निराश हो जाती हैं। यदि कोई अन्य युवती भी उनकी तरह भारतीय सेना में अफसर बनने की इच्छा रखती है, तो वह ग्रेजुएशन के बाद सीडीएस या एनसीसी स्पेशल एंट्री के माध्यम से इसके लिए आवेदन कर सकती हैं।

सवाल-जवाब

मेजर गरिमा यादव को किस पद पर नियुक्त किया गया है?
मेजर गरिमा यादव को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का पहला महिला एडीसी नियुक्त किया गया है।
मेजर गरिमा यादव किस सैन्य कोर से ताल्लुक रखती हैं?
वह भारतीय सेना की आर्मी सर्विस कॉर्प्स यानी एएससी की अधिकारी हैं।
उन्होंने किस कॉलेज से ग्रेजुएशन किया था?
उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के मशहूर सेंट स्टीफेंस कॉलेज से अर्थशास्त्र में ऑनर्स की पढ़ाई की थी।
उन्होंने कौन सा ब्यूटी पेजेंट जीता था?
उन्होंने नवंबर 2017 में इंडियाज मिस चार्मिंग फेस का खिताब अपने नाम किया था।
कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज परीक्षा में उनकी क्या रैंक थी?
उन्होंने सीडीएस 2017 की परीक्षा में पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल की थी।
उन्हें राजभवन में महिला एडीसी के रूप में कब नियुक्त किया गया?
उन्हें 14 सितंबर 2025 को राजभवन में यूपी की पहली महिला आर्मी एडीसी बनाया गया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp