स्वरोजगार का सपना देख रहे और अपना कारोबार शुरू करने की हिम्मत जुटा रहे युवाओं के लिए मध्य प्रदेश के शिवपुरी से एक मिसाल सामने आई है। शहर के नवाब साहब रोड पर रहने वाले संजीव जैन कभी एक मामूली किराना दुकान चलाते थे, लेकिन आज वे ‘अयांशी ऑयल मिल’ के मालिक हैं और हर महीने ₹60,000 की शुद्ध कमाई कर रहे हैं। उनकी इस छलांग के पीछे है मेहनत और एक सरकारी योजना का सही समय पर मिला साथ।
जब किराना दुकान से गुजारा मुश्किल लगने लगा
संजीव जैन की शुरुआत बेहद साधारण रही। नवाब साहब रोड के निवासी संजीव पहले एक छोटा सा किराना स्टोर संभालते थे। दिन-रात की मेहनत के बावजूद दुकान से उतनी आमदनी नहीं हो पा रही थी, जितनी एक परिवार चलाने और कारोबार बढ़ाने के लिए जरूरी थी। यही चिंता उन्हें किसी बेहतर रास्ते की तलाश की ओर ले गई।
इसी सिलसिले में उन्होंने उद्यानिकी विभाग के जिला रिसोर्स पर्सन गिर्राज ओझा से संपर्क किया। संजीव की जिंदगी का असली मोड़ यहीं से शुरू हुआ।
PMFME योजना ने खोला नया रास्ता
गिर्राज ओझा ने संजीव को केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना’ (PMFME) के बारे में बारीकी से समझाया। योजना का फायदा समझ में आते ही संजीव ने देर नहीं की। उन्होंने इंडियन ओवरसीज बैंक, शिवपुरी से करीब 9 लाख 90 हजार रुपये का ऋण लिया।
इस योजना की सबसे बड़ी ताकत यही साबित हुई कि लिए गए ऋण पर उन्हें 35 प्रतिशत तक की सब्सिडी भी मिल गई। इसी पूंजी के दम पर उन्होंने नवाब साहब रोड पर अपनी ‘अयांशी ऑयल मिल’ की नींव रखी और किराना दुकानदार से एक उद्यमी बनने का सफर तय कर लिया।
अब हर महीने ₹60,000 की शुद्ध आय और तीन लोगों को रोजगार
आज संजीव का कारोबार लगातार ऊपर चढ़ रहा है। उनकी ऑयल मिल से औसतन हर महीने ₹60,000 की शुद्ध कमाई हो रही है। लेकिन इस कहानी की खास बात सिर्फ उनकी अपनी कमाई नहीं है। उन्होंने अपनी यूनिट में 3 स्थानीय लोगों को काम पर रखकर दूसरों के लिए भी रोजगार के दरवाजे खोले हैं।
युवाओं के नाम संजीव का संदेश
अपने अनुभव से संजीव जैन युवाओं को एक साफ संदेश देते हैं। उनका कहना है कि मध्य प्रदेश शासन की स्वरोजगार योजनाएं बेहद किफायती और फायदेमंद हैं। वे युवाओं से अपील करते हैं कि वे खुद आगे आएं, इन सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं और नौकरी मांगने के बजाय नौकरी देने वाले बनें। उनकी यह कामयाबी इस बात का सबूत है कि सही मार्गदर्शन और सही वक्त पर मिली सरकारी मदद के दम पर कोई भी इंसान अपनी मेहनत से शून्य से शिखर तक पहुंच सकता है।













