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लखीमपुर खीरी में पारंपरिक खेती छोड़ बागवानी से चमकी किसान की किस्मत, 5 एकड़ में उगा रहे खास आम्रपाली आमसक्सेस स्टोरी
20 जून 2026, 11:16 am (39 दिन पहले)· 7

लखीमपुर खीरी में पारंपरिक खेती छोड़ बागवानी से चमकी किसान की किस्मत, 5 एकड़ में उगा रहे खास आम्रपाली आम

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किसान अमित वर्मा अपने पिता के सपने को पूरा करते हुए 5 एकड़ में आम्रपाली आम की बागवानी से अपनी आय को बढ़ा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में खेती-किसानी की तस्वीर धीरे-धीरे बदल रही है। यहां के प्रगतिशील किसान अमित वर्मा ने पारंपरिक फसलों के बजाय बागवानी को अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार किया है। अमित ने पांच एकड़ की जमीन पर खास तौर पर आम्रपाली किस्म के आम का एक बड़ा बगीचा तैयार किया है। आज उनका यह बगीचा क्षेत्र के दूसरे किसानों के लिए आधुनिक बागवानी सीखने का एक बड़ा जरिया बन चुका है और लोग इससे काफी प्रेरित हो रहे हैं।

पिता के सपने को बेटे ने दी नई उड़ान

TrendKia से खास बातचीत के दौरान अमित वर्मा ने इस बाग के पीछे की पूरी कहानी साझा की। अमित ने बताया कि पांच एकड़ के इस क्षेत्र में आम्रपाली आम का बाग लगाने का विचार उनके पिता का था। यह उनके पिता का ही एक बड़ा सपना था, जिसके लिए उन्होंने कुछ साल पहले यहां पौधे लगाए थे। साल 2024 में अमित के पिता का देहांत हो गया, जिसके बाद से बाग की पूरी जिम्मेदारी अमित के कंधों पर आ गई। वह लगातार इस बगीचे की देखरेख कर रहे हैं और अपने पिता के अधूरे सपने को आगे बढ़ा रहे हैं।

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आखिर क्यों खास है आम्रपाली आम?

लखीमपुर खीरी की जलवायु और वहां की उपजाऊ मिट्टी आम की पैदावार के लिए बहुत अच्छी मानी जाती है। अमित के बगीचे में तैयार होने वाला आम्रपाली आम कई मायनों में विशेष है। इसकी खासियतें कुछ इस प्रकार हैं:

  • यह आम आकार में मध्यम होता है लेकिन इसका स्वाद बहुत मीठा और खुशबू बेहद आकर्षक होती है।
  • आम्रपाली आम की यह फसल विशेष रूप से अगस्त के महीने में पककर पूरी तरह तैयार होती है।
  • इसके गूदे का रंग गहरा नारंगी होता है और इसमें रेशे की मात्रा न के बराबर पाई जाती है।
  • सामान्य आमों की तुलना में इस किस्म में विटामिन ए की मात्रा बहुत अधिक होती है।

इन तमाम खूबियों के कारण इस आम की बाजार में भारी मांग है। स्थानीय बाजारों के अलावा आसपास के जिलों से भी बड़े व्यापारी आम खरीदने के लिए सीधे अमित के बगीचे तक पहुंचते हैं, जिससे उन्हें अपनी फसल का बेहतरीन दाम मिल रहा है।

सवाल-जवाब

अमित वर्मा के आम्रपाली आम के बाग का क्षेत्रफल कितना है?
अमित वर्मा का यह बगीचा कुल पांच एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है।
आम्रपाली आम की फसल किस महीने में तैयार होती है?
यह आम विशेष रूप से अगस्त के महीने में पककर तैयार होता है।
आम्रपाली आम की मुख्य विशेषताएं क्या हैं?
यह आम मीठा, कम रेशेदार, गहरे नारंगी गूदे वाला और विटामिन ए से भरपूर होता है।
अमित वर्मा को यह बाग लगाने की प्रेरणा कहां से मिली?
यह बाग लगाने का सपना अमित के पिता का था, जिसकी देखरेख अब वह 2024 में उनके देहांत के बाद कर रहे हैं।
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