आईआईटी दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, 'परम प्रज्ञा' सुपरकंप्यूटर का करेंगे उद्घाटन12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर देश भर में आयोजन, शशि थरूर ने रेखांकित किए रोजगार और महिला भागीदारी के आंकड़ेसंजय दत्त और नगमा पर फिल्माया 1992 का रोमांटिक गाना आखिर तुम्हें आना है आज भी क्यों माना जाता है खाससीरिया में शिकारियों के चंगुल से छूटा दुर्लभ पूर्वी शाही गरुड़ 'फेलिक्स', सर्बिया के जंगलों में वापस लौटासोने के गहने गिरवी रखकर कर्ज लेने की होड़, एनबीएफसी का गोल्ड लोन 69 फीसदी बढ़कर 3.42 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचानागपुर में नाबालिग के साथ बर्बरता के बाद सोशल मीडिया खातों के लिए अनिवार्य ई-केवाईसी की मांग तेजद लास्ट हाउस रिव्यू (2026): एक मकान में कैद परिवार की साइंस-फिक्शन कहानी में कितना है दमओडिशा के कटक में भीषण हादसा: स्कॉर्पियो ने इंडसइंड बैंक कर्मचारी सस्मिता को घसीटा, हालत नाजुकई20 पेट्रोल नीति पर राहुल गांधी ने उठाया सवाल, वाहनों को नुकसान का दावा करते हुए अभियान चलाने का किया ऐलानएली कैट्स रिव्यू (2026): नेटफ्लिक्स की एनिमेटेड सीरीज में रिकी जेरवाइस का जादू पड़ा फीका
उफनते नाले से नहीं डरी पलजोम, बुलडोजर पर सवार होकर दुर्गम लाहौल में पहुंचाई पोलियो की खुराकसक्सेस स्टोरी
29 जून 2026, 5:57 pm (40 दिन पहले)· 2

उफनते नाले से नहीं डरी पलजोम, बुलडोजर पर सवार होकर दुर्गम लाहौल में पहुंचाई पोलियो की खुराक

हिमाचल प्रदेश की तोद घाटी में 28 जून को राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के दौरान लाहौल घाटी के दारचा में तैनात स्वास्थ्य कार्यकर्ता पलजोम बुट्टी ने बर्फ पिघलने से उफनते मयाड़ नाले को बुलडोजर की सहायता से पार किया और दुर्गम बस्तियों में बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई. उनके इस साहस और फर्ज की हर तरफ तारीफ हो रही है.

हिमाचल प्रदेश की लाहौल-स्पीति की तोद घाटी से फर्ज और हिम्मत की एक ऐसी कहानी सामने आई है जो हर किसी को प्रेरित करती है. 28 जून को जब पूरे देश में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान चल रहा था, उस दिन दारचा क्षेत्र में तैनात स्वास्थ्य कार्यकर्ता पलजोम बुट्टी के रास्ते में उफनता मयाड़ नाला आ गया. लेकिन वे रुकी नहीं — बुलडोजर चालक की मदद से नाला पार किया और दुर्गम इलाके के बच्चों तक पोलियो की जीवनरक्षक खुराक समय पर पहुंचाई.

बर्फ पिघली, नाले उफाने पर आए, रास्ते हुए बंद

हिमाचल के ऊंचाई वाले इलाकों में गर्मी का मौसम आते ही बर्फ पिघलने की रफ्तार बढ़ जाती है. इससे नदी-नाले खतरनाक स्तर तक भर जाते हैं. जब पलजोम बुट्टी अपनी ड्यूटी पर मयाड़ नाले के पास पहुंचीं तो उफान के कारण आगे बढ़ने का रास्ता पूरी तरह बंद था. किसी और के लिए शायद यही काम छोड़ने की वजह होती, लेकिन पलजोम ने वहां मौजूद बुलडोजर चालक से सहायता मांगी. चालक ने हामी भर दी और वे बुलडोजर पर सवार होकर उफनते नाले को पार कर गईं.

ये भी पढ़ें

एक-एक बच्चे तक पहुंचाई पोलियो की दो बूंद

नाला पार करने के बाद पलजोम बुट्टी उस दुर्गम क्षेत्र में जा पहुंचीं जहां सामान्य हालात में भी पहुंचना आसान नहीं होता. वहां उन्होंने बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई और यह सुनिश्चित किया कि अभियान का एक भी बच्चा वंचित न रहे. उनकी इस कर्तव्यनिष्ठा और जज्बे की अब हर तरफ सराहना हो रही है. लोग उनके साहस को सलाम कर रहे हैं.

कमला देवी की विरासत आगे बढ़ी

यह पहली बार नहीं है जब हिमाचल की किसी स्वास्थ्यकर्मी ने इस तरह की मिसाल पेश की हो. बीते साल मंडी जिले की चौहारघाटी में स्थित सुधार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य कार्यकर्ता कमला देवी ने आपदा के दौरान उफनते नाले को पार कर बच्चों को वैक्सीन लगाई थी. उस घटना का वीडियो देशभर में वायरल हुआ था. बाद में उनके अदम्य साहस के लिए उन्हें सम्मानित किया गया और सीरम कंपनी की ओर से 5 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया.

पलजोम बुट्टी ने उसी हौसले को जिंदा रखा है. उनकी कहानी याद दिलाती है कि देश के सबसे दुर्गम कोनों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए कुछ लोग हर दिन खुद को दांव पर लगाते हैं, बिना किसी शोर के, बस फर्ज की खातिर.

सवाल-जवाब

पलजोम बुट्टी कौन हैं?
पलजोम बुट्टी हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी के दारचा क्षेत्र में तैनात एक स्वास्थ्य कार्यकर्ता हैं.
उन्होंने उफनता नाला कैसे पार किया?
उन्होंने मयाड़ नाले के पास मौजूद बुलडोजर चालक से मदद मांगी और बुलडोजर पर सवार होकर उफनते नाले को पार किया.
यह घटना कब हुई?
यह घटना 28 जून को राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के दिन हुई.
नाला क्यों उफान पर था?
गर्मियों में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ पिघलने की रफ्तार बढ़ जाती है, जिससे मयाड़ नाला खतरनाक स्तर तक भर गया था.
कमला देवी कौन हैं और उनका इस खबर से क्या संबंध है?
कमला देवी मंडी जिले की चौहारघाटी में सुधार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने बीते साल आपदा के दौरान उफनते नाले को पार कर बच्चों को वैक्सीन लगाई थी.
कमला देवी को क्या पुरस्कार मिला था?
कमला देवी को उनके अदम्य साहस के लिए सम्मानित किया गया और सीरम कंपनी की ओर से 5 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया.
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान क्या है?
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत एक निश्चित तारीख को देशभर में बच्चों को एक साथ पोलियो की खुराक पिलाई जाती है ताकि इस बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सके.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR