तमिलनाडु सरकार ने गांधी जयंती के अवसर पर महिला यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए राज्य में निशुल्क सार्वजनिक परिवहन का दायरा व्यापक कर दिया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार को 'वेत्री पयनम' योजना के नए चरण का शुभारंभ किया, जिसके तहत अब महिलाएं सामान्य बसों के अलावा डीलक्स और एक्सप्रेस श्रेणी की सरकारी बसों में भी बिना किसी शुल्क के आवागमन कर सकेंगी। इस कदम से राज्य भर में प्रतिदिन 84 लाख से अधिक महिलाओं को सीधे तौर पर परिवहन राहत मिलने का अनुमान है।
बिना किसी आय सीमा के असीमित यात्रा की सुविधा
इस विस्तारित योजना की प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें किसी भी प्रकार का आर्थिक दायरा या मासिक आय सीमा तय नहीं की गई है। इसके साथ ही एक दिन में कितनी भी बार सफर करने पर कोई बंदिश नहीं रखी गई है, जिससे नौकरीपेशा महिलाओं, छात्राओं और दैनिक कामगारों को बड़ी सुविधा मिलेगी। इस जनहितकारी कार्यक्रम का नामकरण सत्ताधारी दल 'तमिलगा वेत्री कझगम' के नाम के आधार पर किया गया है, जिसका शाब्दिक अर्थ महिलाओं के लिए 'विजयी यात्रा' होता है।
सार्वजनिक परिवहन के साथ अन्य कल्याणकारी कदमों की तैयारी
सरकार ने इस योजना के साथ सामाजिक सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने के संकेत दिए हैं। प्रशासन इससे पहले भी सरकारी कर्मियों के महंगाई भत्ते में दो फीसदी की बढ़ोतरी कर चुका है, जबकि आगामी 14 जनवरी से सालाना 3 एलपीजी गैस सिलेंडर निशुल्क उपलब्ध कराने का खाका भी तैयार किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक सार्वजनिक परिवहन में डीलक्स और एक्सप्रेस बसों को शामिल करने से लंबी दूरी के दैनिक सफर में महिलाओं की जेब पर पड़ने वाला खर्च काफी कम हो जाएगा।




















