झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले किसान मुकेश ने अपने एक एकड़ खेत में भिंडी की शानदार पैदावार लेकर खेती को मुनाफे का मजबूत जरिया बना दिया है। उनके खेत से रोजाना 35 किलो ताजी भिंडी निकल रही है और उनकी फसल पूरी तरह कीटों से सुरक्षित है। पिछले दो महीनों में मुकेश भिंडी बेचकर करीब डेढ़ लाख रुपये जुटा चुके हैं, जबकि आने वाले एक महीने तक यह फसल लगातार उत्पादन देती रहेगी।
चार बार जुताई और धूप से मिट्टी को सशक्त बनाने की तकनीक
मुकेश के अनुसार किसी भी फसल की सफलता उसकी जमीन की उर्वरता पर टिकी होती है। बुवाई शुरू करने से पहले वे खेत की पूरी चार बार गहरी जुताई करते हैं। प्रत्येक जुताई के दौरान खेत को अच्छी धूप लगने दी जाती है, जिससे मिट्टी की सेहत निखरती है और उसमें छिपे हानिकारक तत्व खत्म होते हैं। जुताई की इस प्रक्रिया में वे थोड़ा यूरिया, थोड़ा डीएपी, चूना और अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद मिट्टी में मिलाते हैं। इस चक्र को चार बार दोहराने से जमीन बीज बोने के लिए पूरी तरह उपजाऊ बन जाती है।
बेसन, गुड़ और गोमूत्र के देशी मिश्रण का जादुई असर
जमीन की जैविक शक्ति बढ़ाने के लिए मुकेश एक विशेष देसी पोषण तैयार करते हैं। वे थोड़ा बेसन, थोड़ा गुड़ और गोमूत्र आपस में मिलाकर खेत की मिट्टी को उपलब्ध कराते हैं। उनका साफ मानना है कि पौधे लगाने से पहले यदि मिट्टी पर पूरी मेहनत कर ली जाए, तो आगे चलकर फसल को न केवल पोषण मिलता है बल्कि पौधे हर मौसम को झेलने में सक्षम बन जाते हैं।
कीट प्रबंधन के लिए पहले से स्प्रे और प्रभावित पौधे को तुरंत हटाना
सब्जियों की बागवानी में कीट सबसे बड़ी चुनौती बनकर फसल बर्बाद कर सकते हैं। इस खतरे से निपटने के लिए मुकेश पहले से ही कीटनाशक स्प्रे तैयार रखते हैं। वे लगातार खेत में घूमते रहते हैं और पौधों की पत्ती-पत्ती की जांच करते हैं। अगर किसी पौधे में कीड़े का हल्का सा भी असर नजर आता है, तो वे जोखिम उठाए बिना उस पौधे को जड़ से उखाड़कर अलग फेंक देते हैं। इसके फौरन बाद आसपास के स्वस्थ पौधों पर स्प्रे कर दिया जाता है ताकि संक्रमण आगे न फैले।
दैनिक आठ घंटे की निगरानी और पचास हजार रुपये की अतिरिक्त उम्मीद
मुकेश बताते हैं कि खेती से मोटी कमाई जरूर होती है, मगर यह काम लगातार सतर्कता मांगता है। वे रोज करीब आठ घंटे खेत में बिताते हैं ताकि फसल को कीड़ों और आवारा जानवरों के नुकसान से बचाया जा सके। पिछले दो महीनों में डेढ़ लाख रुपये की आमदनी के बाद उन्हें पूरा भरोसा है कि आने वाले एक महीने में वे 50 से 60 हजार रुपये का अतिरिक्त मुनाफा आसानी से निकाल लेंगे।




















