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हैदराबाद में बनेगा देश का पहला डेटा सेंटर सिटी: 1500 एकड़ में फैला होगा मेगा प्रोजेक्टतकनीक
27 जून 2026, 6:50 am (123 दिन पहले)· 2

हैदराबाद में बनेगा देश का पहला डेटा सेंटर सिटी: 1500 एकड़ में फैला होगा मेगा प्रोजेक्ट

तेलंगाना सरकार हैदराबाद के पास एक विशाल डेटा सेंटर सिटी विकसित करने की तैयारी कर रही है, जिससे वैश्विक तकनीकी दिग्गजों को एक साथ लाया जा सके। यह परियोजना 1500 एकड़ में फैली होगी और इसमें बिजली व पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए विशेष मास्टर प्लान लागू किया जाएगा।

हैदराबाद अब डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की दुनिया में एक नए और ऐतिहासिक अध्याय की शुरुआत करने जा रहा है। तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद के समीप भारत की पहली समर्पित 'डेटा सेंटर सिटी' स्थापित करने की दिशा में एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी है। इस विशाल प्रोजेक्ट का मुख्य लक्ष्य वैश्विक क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स, डेटा सेंटर संचालकों और दिग्गज टेक कंपनियों को एक ही स्थान पर एकत्रित करना है। इस पहल के साथ ही तेलंगाना का इरादा वैश्विक डिजिटल परिदृश्य में खुद को एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

प्रोजेक्ट की रूपरेखा और जमीन का चयन

सूचना प्रौद्योगिकी और उद्योग विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, इस विशाल मेगा प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार ने चेवेल्ला मंडल स्थित अलूर गांव में 1,500 एकड़ भूमि चिन्हित की है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने इस पूरी योजना को लेकर काफी सक्रियता दिखाई है और संबंधित अधिकारियों को इस प्रोजेक्ट के तकनीकी पहलुओं, बुनियादी ढांचे की जरूरतों और विकास के चरणों पर आधारित एक व्यापक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी DPR तैयार करने के कड़े निर्देश दिए हैं। सरकार का जोर इस पूरी प्रक्रिया को समयसीमा के भीतर पूरा करने पर है।

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हैदराबाद बना वैश्विक टेक कंपनियों का गढ़

रणनीतिक और भौगोलिक स्थितियों के कारण हैदराबाद पहले से ही अंतरराष्ट्रीय आईटी कंपनियों और बहुराष्ट्रीय निगमों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बना हुआ है। वर्तमान में शहर में अमेज़न और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनियों के अलावा CtrlS, CapitaLand, STT Global, NTT Data, Sify, और Tillman Global Holdings जैसी नामी डेटा सेंटर कंपनियां सक्रिय हैं। अगर मौजूदा क्षमता की बात की जाए, तो हैदराबाद में फिलहाल 150 से 200 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर सफलतापूर्वक चल रहे हैं। इसके साथ ही, भविष्य की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए लगभग 5 GW (गीगावाट) संयुक्त क्षमता वाली अनेक बड़ी परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं।

बिजली और जल संसाधनों का मास्टर प्लान

डेटा सेंटरों के लिए भारी मात्रा में निर्बाध बिजली और पानी की आपूर्ति सबसे बड़ी तकनीकी चुनौतियां मानी जाती हैं। तेलंगाना सरकार ने इन बाधाओं को दूर करने के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की है। पानी की समस्या से निजात पाने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी PPP मॉडल को अपनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत, हैदराबाद जल बोर्ड के 41 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STPs) का उपयोग करके चंदनवेल्ली और भारत फ्यूचर सिटी जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को रोजाना 530 मिलियन लीटर उपचारित वेस्टवाटर उपलब्ध कराया जाएगा। बिजली आपूर्ति को सुगम बनाने के लिए भी सरकार 'ओपन एक्सेस पावर सप्लाई' नीति पर काम कर रही है, ताकि डेटा सेंटरों को किसी भी प्रकार की रुकावट न झेलनी पड़े।

निवेश का बड़ा केंद्र बनेंगे अलूर और चंदनवेल्ली

हैदराबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के करीब होना, आउटर रिंग रोड की शानदार कनेक्टिविटी और मजबूत बुनियादी ढांचा इन इलाकों को निवेशकों के लिए बेहद आकर्षक बनाता है। अलूर, चंदनवेल्ली और फैब सिटी जैसे क्षेत्र जल्द ही ग्लोबल इन्वेस्टमेंट हब के रूप में पहचाने जाएंगे। जानकारों का मानना है कि इस डेटा सेंटर सिटी के बनने से न केवल विदेशी निवेश के अरबों डॉलर का प्रवाह बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे।

सवाल-जवाब

हैदराबाद में बनने वाले डेटा सेंटर सिटी का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस मेगा प्रोजेक्ट का उद्देश्य दुनिया भर के प्रमुख डेटा सेंटर ऑपरेटरों, क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स और दिग्गज तकनीकी कंपनियों को एक ही जगह पर लाकर तेलंगाना को वैश्विक डिजिटल महाशक्ति बनाना है।
यह डेटा सेंटर सिटी कितनी जमीन पर फैलेगी?
यह विशाल डेटा सेंटर सिटी लगभग 1,500 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी, जिसे चेवेल्ला मंडल के अलूर गांव में चिन्हित किया गया है।
पानी की भारी जरूरत को सरकार कैसे पूरा करेगी?
सरकार पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत 41 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों से 530 मिलियन लीटर उपचारित वेस्टवाटर रोजाना औद्योगिक क्षेत्रों को उपलब्ध कराएगी।
वर्तमान में हैदराबाद में कितनी डेटा सेंटर क्षमता सक्रिय है?
हैदराबाद में वर्तमान में 150 से 200 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर पूरी तरह से सक्रिय हैं।
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