आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स अब केवल सवालों के सामान्य उत्तर देने या डिजिटल रिमाइंडर सेट करने तक सीमित नहीं रहे हैं। मेटा का म्यूज एआई असिस्टेंट यूजर की दैनिक जिंदगी में बहुत गहराई तक दखल दे रहा है। यह सिस्टम यूजर के ईमेल, चैट और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स से मिलने वाली जानकारियों के आधार पर उनकी प्राथमिकताओं, आदतों और सामाजिक संबंधों का एक बेहद बारीक और विस्तृत प्रोफाइल तैयार करता है। इस असिस्टेंट के आंतरिक तकनीकी निर्देशों की पड़ताल से यह बात सामने आई है, जिसने डिजिटल प्राइवेसी और व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर बहस छेड़ दी है।
म्यूज को मूल रूप से इस मकसद से डिजाइन किया गया है कि वह किराना सामान ऑर्डर करने या गैर-जरूरी डिजिटल सब्सक्रिप्शन रद्द करने जैसे रोजमर्रा के काम आसानी से निपटा सके। लेकिन इन जिम्मेदारियों को निभाने की आड़ में यह एआई मॉडल यूजर के हर व्यवहार, बातचीत और दिनचर्या पर लगातार नजर रखता है और उसका गहन विश्लेषण करता है।
हर साठ मिनट में नया रूप लेती है यूजर की प्रोफाइल
इस एआई टूल की कार्यप्रणाली के तहत यह अपने यूजर की प्रोफाइल को हर घंटे अपडेट करता रहता है। इसके लिए सिस्टम उन सभी मैसेज, व्यक्तिगत चैट और इनबॉक्स में मौजूद ईमेल को खंगालता है, जिनकी अनुमति यूजर ने इसे दे रखी है। यह प्रक्रिया केवल यूजर की निजी पसंद या नापसंद को समझने तक ही सीमित नहीं रहती, बल्कि यह यूजर के संपर्क में आने वाले अन्य लोगों के साथ उनके आपसी रिश्तों के ताने-बाने को भी समझने की कोशिश करती है।
इस स्वचालित प्रोफाइलिंग में कई संवेदनशील विवरण दर्ज हो जाते हैं। जैसे यूजर किसी व्यक्ति से पहली बार कब और कैसे मिला, दोनों के बीच क्या समानताएं हैं, क्या उनके अतीत में कभी कोई मतभेद या विवाद हुआ है, अथवा उनके संबंध तनावपूर्ण हैं या आपसी सहयोग से भरे हैं। यह सिस्टम इन सभी पहलुओं का एक भावनात्मक और सामाजिक लेखा-जोखा तैयार करता है।
अनकहे इरादों को भांपने और देर रात विश्लेषण का तरीका
म्यूज यूजर के उन लक्ष्यों और योजनाओं का भी स्वतः अनुमान लगाने में सक्षम है, जिन्हें यूजर ने सीधे तौर पर कभी साझा नहीं किया। इसके अलावा, सिस्टम लगातार यह परखता रहता है कि किस प्रकार की भाषा, संदेश या रिमाइंडर यूजर के दिमाग पर सबसे ज्यादा प्रभाव डालते हैं। आंतरिक दिशानिर्देशों में इस बात का स्पष्ट उल्लेख है कि रात दस बजे के बाद यूजर को संक्षिप्त और छोटे संदेश भेजे जाने चाहिए ताकि उनका असर बेहतर हो। दिनभर यूजर के साथ हुई बातचीत और जुटाए गए डेटा का यह एआई देर रात को भी शांत समय में व्यवस्थित विश्लेषण करता है।
इस प्रोफाइलिंग का एक और चिंताजनक पहलू यह है कि यदि बातचीत के दौरान किसी तीसरे व्यक्ति का नाम या संदर्भ आता है, तो उसकी जानकारी भी इस डेटाबेस का हिस्सा बन जाती है। भले ही उस तीसरे व्यक्ति ने कभी इस एआई प्लेटफॉर्म का उपयोग न किया हो और न ही कभी इसके लिए अपनी कोई सहमति दी हो।
मेटा का पक्ष और क्लाउड सुरक्षा का ढांचा
मेटा ने सामने आई इन जानकारियों का खंडन नहीं किया है। कंपनी की ओर से कहा गया है कि म्यूज केवल उन सूचनाओं को संजोकर रखता है जिन्हें यूजर खुद अपनी मर्जी से साझा करते हैं, ताकि भविष्य में सिस्टम ज्यादा सटीक, प्रासंगिक और उपयोगी समाधान पेश कर सके।
लोकप्रियता की बात करें तो म्यूज को अब तक पचास लाख से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है और लॉन्च होने के तुरंत बाद यह अमेरिका के ऐप स्टोर पर शीर्ष स्थान हासिल करने में सफल रहा था। तकनीकी संरचना के स्तर पर मेटा हर म्यूज असिस्टेंट को अपने क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के भीतर एक अलग और स्वतंत्र वर्चुअल मशीन पर संचालित करता है। इसके साथ ही यूजर्स को अपनी म्यूज फाइलों की एक प्रति एक्सपोर्ट करने की सुविधा भी दी जाती है।
कंपनी का यह भी दावा है कि यूजर से एकत्रित किया गया यह निजी डेटा उसके मुख्य विज्ञापन सिस्टम या किसी अन्य म्यूज एजेंट के साथ साझा नहीं किया जाता। हालांकि, सर्विस को सुधारने और मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए बातचीत से मिले कुछ निष्कर्षों का उपयोग किया जा सकता है, जैसे कि किस तरह के रिमाइंडर अधिक कारगर साबित होते हैं। मेटा के अनुसार, ऐसे आंतरिक उपयोग से पहले डेटा में से यूजर की व्यक्तिगत पहचान से जुड़े विवरण हटा दिए जाते हैं।
डेटा डिलीट करने के नियम और भविष्य का एन्क्रिप्शन
जब यूजर म्यूज से किसी विशेष जानकारी को डिलीट करने या भूल जाने का अनुरोध करते हैं, तो प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं दिखती। आंतरिक दस्तावेजों के अनुसार, किसी जानकारी को मेमोरी से हटाने का निर्देश देने के बावजूद उससे जुड़ा मूल मैसेज सिस्टम से हटना अनिवार्य नहीं है। इसके अलावा, सिस्टम के आंतरिक निर्देशों में यह भी तय किया गया है कि यूजर को इस तकनीकी अंतर के बारे में प्रमुखता से न बताया जाए।
मेटा ने यह जानकारी दी है कि वह इस साल के अंत तक एक उन्नत एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन सुरक्षा पेश करने की योजना बना रही है। उस प्रणाली के लागू होने के बाद खुद मेटा भी यूजर के म्यूज डेटा को एक्सेस नहीं कर सकेगी। हालांकि, वर्तमान में यह सुरक्षा कवच यूजर्स को उपलब्ध नहीं है। आज की तारीख में यूजर केवल म्यूज के फाइल ब्राउजर का उपयोग करके अपनी फाइलें और सेशन लॉग देख सकते हैं। ऐसे में डिजिटल सहूलियत और प्राइवेसी के बीच का फासला तकनीकी दुनिया में एक बड़ा सवाल बनकर उभरा है।



















