न्यूयॉर्क के प्रतिष्ठित अर्थर ऐश स्टेडियम में टेनिस प्रशंसकों को एक ऐसा मुकाबला देखने को मिला जो लंबे समय तक याद रखा जाएगा। अमेरिकी स्टार खिलाड़ी फ्रांसिस टियाफो ने शुरुआती दो सेट गंवाने और तीसरे सेट में हार के मुहाने पर खड़े होने के बावजूद अभूतपूर्व वापसी करते हुए अपने ही देश के युवा खिलाड़ी एलेक्स माइकलसन को हरा दिया। चार घंटे और 38 मिनट तक चले इस मैराथन मुकाबले में 11वें वरीयता प्राप्त टियाफो ने 5-7, 3-6, 7-5, 6-3, 7-6 (10-6) से जीत हासिल कर अपने करियर में तीसरी बार यूएस ओपन के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। इस हार के बाद 22 वर्षीय माइकलसन नेट पर टियाफो से गले मिलते समय अपने आंसू नहीं रोक पाए, जिसे देखकर स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने दोनों खिलाड़ियों का खड़े होकर अभिवादन किया।
शुरुआती दो सेटों में माइकलसन का दबदबा और आक्रामक खेल
मैच की शुरुआत में विश्व रैंकिंग में 46वें स्थान पर मौजूद गैर-वरीयता प्राप्त एलेक्स माइकलसन पूरी तरह से छाए रहे। अपने पहले ग्रैंड स्लैम क्वार्टर फाइनल में खेल रहे माइकलसन ने इस मुकाबले से पहले तक टूर्नामेंट में एक भी सेट नहीं गंवाया था और उसी फॉर्म को बरकरार रखते हुए उन्होंने शुरुआती गेम से ही टियाफो पर दबाव बना दिया। पहले सेट में दोनों खिलाड़ियों ने शुरुआत में एक-दूसरे की सर्व ब्रेक की, लेकिन 6-5 के स्कोर पर माइकलसन ने एक बार फिर निर्णायक ब्रेक हासिल किया। माइकलसन ने पहले सेट में 15 विनर्स लगाए जबकि टियाफो सिर्फ चार विनर्स ही लगा सके।
दूसरे सेट में भी माइकलसन का दबदबा जारी रहा। उनके सटीक और ताकतवर बैकहैंड शॉट्स के आगे टियाफो के पास कोई जवाब नहीं था। महत्वपूर्ण मौकों पर माइकलसन ने बेहतरीन अंक बटोरे और दूसरा सेट 6-3 से जीतकर मैच पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली। 28 वर्षीय टियाफो शुरुआती दो सेटों में अपने स्वाभाविक लय और ऊर्जा की कमी से जूझते हुए नजर आए।
तीसरे सेट का टर्निंग प्वाइंट और टियाफो का पलटवार
तीसरे सेट की शुरुआत में भी माइकलसन ने शुरुआती गेम में ही टियाफो की सर्व ब्रेक कर ली और 5-3 की बढ़त बना ली। जब माइकलसन 5-4 के स्कोर पर मैच के लिए सर्व कर रहे थे, तब ऐसा लग रहा था कि मुकाबला यहीं समाप्त हो जाएगा। हालांकि, ठीक इसी नाजुक मोड़ पर माइकलसन के खेल में घबराहट दिखाई देने लगी। उन्होंने अपने सबसे महत्वपूर्ण सर्विस गेम में दो डबल फॉल्ट कर दिए, जिसका पूरा फायदा टियाफो ने उठाया।
टियाफो ने सर्विस ब्रेक कर स्कोर 5-5 से बराबर किया और फिर लगातार अंक बनाते हुए तीसरा सेट 7-5 से अपने नाम कर लिया। इस सेट को जीतते ही मैच का पूरा रुख बदल गया। इसके बाद चौथे सेट में टियाफो ने शुरुआती तीनों गेम जीतकर 3-0 की मजबूत बढ़त बनाई और दबाव पूरी तरह से माइकलसन पर डाल दिया। टियाफो ने चौथे सेट को 6-3 से जीतकर मैच को पांचवें और निर्णायक सेट में धकेल दिया।
पांचवां सेट और 10-पॉइंट टाई-ब्रेक का रोमांच
पांचवां और अंतिम सेट किसी रोलर-कोस्टर राइड से कम नहीं था। दोनों खिलाड़ियों के बीच एक-एक अंक के लिए जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला। अर्थर ऐश स्टेडियम के दर्शकों के समर्थन के बीच दोनों ने कई बार एक-दूसरे की सर्विस ब्रेक की। मुकाबला आखिरकार 10-पॉइंट टाई-ब्रेक में पहुंचा, जहां टियाफो ने अपने अनुभव और आक्रामक खेल का शानदार परिचय दिया।
टाई-ब्रेक में टियाफो ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी और 10-6 से इसे जीतकर मुकाबले को अपने नाम कर लिया। साल 2026 में किसी ग्रैंड स्लैम में टियाफो की यह चौथी पांच-सेटों वाली जीत है। न्यूयॉर्क के दर्शकों के चहेते टियाफो ने कोर्ट पर अपनी ऊर्जा से पूरे माहौल को रोमांचित कर दिया।
मैच के बाद प्रतिक्रिया और सेमीफाइनल की राह
मैच समाप्त होने के बाद दोनों दोस्त कोर्ट पर नेट के पास एक-दूसरे से गले मिले। भावुक माइकलसन की आंखों में आंसू देखकर टियाफो ने उन्हें सांत्वना दी और उनकी खेल भावना की तारीफ की। मैच के बाद बात करते हुए टियाफो ने कहा कि उन्हें धीरे-धीरे अपनी लय वापस मिली और उन्होंने किसी तरह तीसरा सेट निकालकर अपने खेल में सुधार किया। उन्होंने माइकलसन की सराहना करते हुए कहा कि वह एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं और आज का मैच आसानी से जीत सकते थे। टियाफो ने माना कि शुरुआती कुछ घंटों में वह और दर्शक दोनों ही थोड़े सुस्त थे, लेकिन बाद में दर्शकों से मिली ऊर्जा ने उनका उत्साह बढ़ाया।
टियाफो का मुकाबला अब सेमीफाइनल में डिफेंडिंग चैंपियन कार्लोस अल्कराज या अमेरिका के आठवें वरीय बेन शेल्टन में से किसी एक से होगा। इससे पहले टियाफो 2022 में कार्लोस अल्कराज से और 2024 में टेलर फ्रिट्ज़ से हारकर सेमीफाइनल से बाहर हो चुके हैं। इस बार वह पहली बार फ्लशिंग मेडोज के फाइनल में पहुंचने के इरादे से मैदान में उतरेंगे।



















