जैनिक सिनर के लिए पांच सेटों तक खिंचने वाले मुकाबले हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहे हैं। इस मैच से पहले उन्होंने अपने करियर में खेले गए कुल 18 पांच सेटों के मैचों में से केवल छह में ही जीत का स्वाद चखा था। इस बेहद मामूली रिकॉर्ड के बावजूद, दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी ने सेंटर कोर्ट पर शानदार वापसी करते हुए विंबलडन में अपने खिताब की रक्षा करने के अभियान की बेहद रोमांचक और नाटकीय शुरुआत की। उन्होंने एक कड़े मुकाबले में मियोमिर केकमानोविच को हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया, लेकिन इस जीत को हासिल करने के लिए उन्हें अपनी शारीरिक सीमाओं को पार करना पड़ा।
पेरिस की यादें और सेंटर कोर्ट पर बड़ा हादसा
इस प्रतिष्ठित ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट से पहले जैनिक सिनर ने ग्रास कोर्ट पर किसी भी अन्य टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया था। रोलांड गैरोस में अर्जेंटीना के खिलाड़ी जुआन मैनुअल सेरुंडोलो के खिलाफ मिली दिल तोड़ने वाली हार के बाद यह उनका पहला मुकाबला था। पेरिस की उस भीषण गर्मी में खेले गए मैच में सिनर दो सेटों की बढ़त और तीसरे सेट में 5-1 से आगे होने के बावजूद शारीरिक रूप से पूरी तरह थक गए थे और मैच हार गए थे। विंबलडन के इस मुकाबले में भी मियोमिर केकमानोविच ने सिनर की शारीरिक सहनशीलता की कड़ी परीक्षा ली और सेंटर कोर्ट पर एक समय ऐसा भी आया जब दर्शकों की सांसें थम गईं।
तीसरे सेट के दौरान जब सिनर बेसलाइन के पीछे अचानक फिसल गए और उन्हें उठने में काफी समय लगा, तो स्टेडियम में मौजूद दर्शकों के मुंह से चीख निकल गई। इस दौरान मैच के अंपायर भी उनकी स्थिति का जायजा लेने के लिए खुद उनके पास पहुंचे। इसके बाद चौथे सेट में, जिसे जीतना सिनर के लिए बेहद जरूरी था, उनके सफेद जूते से खून बहता हुआ दिखाई दिया। मैच के बाद इतालवी खिलाड़ी ने स्पष्ट किया कि यह समस्या पैर के अंगूठे के नाखून में चोट लगने के कारण हुई थी।
ऐतिहासिक हार से बचे जैनिक सिनर
अपने पिछले नौ पांच सेटों के मुकाबलों में से केवल एक में जीत दर्ज करने वाले जैनिक सिनर ने इस मैच में सही समय पर अपने खेल के स्तर को ऊपर उठाया। उन्होंने मियोमिर केकमानोविच के आक्रामक खेल का डटकर मुकाबला किया और खुद को विंबलडन के इतिहास में दर्ज होने वाली एक बड़ी अनहोनी से बचा लिया। अगर सिनर यह मैच हार जाते, तो वह विंबलडन के इतिहास में पहले ही दौर में बाहर होने वाले केवल तीसरे पुरुष गत चैंपियन बन जाते।
पिछले साल कार्लोस अल्कराज को हराकर अपना पहला विंबलडन खिताब जीतने वाले जैनिक सिनर को इस बार सेंटर कोर्ट पर उद्घाटन मैच खेलने का मौका मिला। अपनी जीत के बाद उन्होंने कहा कि वह मानसिक रूप से मुकाबले में बने रहने की कोशिश कर रहे थे और साथ ही इस बड़े मंच का आनंद भी ले रहे थे। उन्होंने कहा कि सेंटर कोर्ट पर शुरुआती मैच खेलना एक बहुत बड़ा सम्मान है। यह उनके जीवन का एक अद्भुत दिन था और वह इस बात से बेहद खुश हैं कि उन्होंने इस तनावपूर्ण स्थिति से बाहर निकलने का रास्ता खोज लिया।
चोट और शुरुआती सेटों का रोमांचक उतार-चढ़ाव
अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी कार्लोस अल्कराज के चोटिल होने के कारण टूर्नामेंट से बाहर रहने की वजह से सिनर इस बार भी खिताब के सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उतरे थे। अपनी सटीक सर्विस और शानदार शॉट्स के लिए जाने जाने वाले सिनर ने इस मैच की शुरुआत में अप्रत्याशित रूप से काफी गलतियां कीं। उन्होंने पहले आठ गेम में ही 10 अनफोर्स्ड एरर्स कर दिए, हालांकि उन्होंने दो ब्रेक पॉइंट बचाकर खुद को शुरुआती संकट से उबार लिया।
लेकिन नौवें गेम में लगातार दो डबल फॉल्ट और एक अन्य गलती के कारण केकमानोविच को मैच में पहली बढ़त मिल गई। सर्बियाई खिलाड़ी ने इसके बाद बिना कोई गलती किए पहला सेट अपने नाम कर लिया। इससे पहले खेले गए सभी चार मुकाबलों में सिनर ने केकमानोविच को मात दी थी, जिसमें दो साल पहले इसी मैदान पर केवल सात गेम गंवाकर मिली एकतरफा जीत भी शामिल थी। लेकिन इस बार केकमानोविच अलग ही लय में नजर आ रहे थे। सिनर ने दूसरे सेट में शानदार वापसी की और अपनी पहली सर्विस पर सभी 14 अंक जीतकर मुकाबले को बराबरी पर ला खड़ा किया।
टाई-ब्रेक का तनाव और सिनर का अंतिम प्रहार
ग्रैंड स्लैम में किसी टॉप-10 खिलाड़ी के खिलाफ अपनी पहली जीत की तलाश में जुटे केकमानोविच ने तीसरे सेट में सिनर को काफी परेशान किया। टाई-ब्रेक में 3-0 से पिछड़ने के बाद भी सर्बियाई खिलाड़ी ने शानदार वापसी की और लगातार तीन अंक जीतकर इस सेट को अपने नाम कर लिया, जिसके बाद दर्शकों ने खड़े होकर उनका अभिवादन किया।
हालांकि, सिनर ने तुरंत खुद को मानसिक रूप से तैयार किया। पैर से खून बहने के बावजूद उन्होंने चौथे सेट में केकमानोविच की सर्विस को लगातार चौथी बार ब्रेक करते हुए मैच को फिर से बराबरी पर ला दिया। जैसे ही यह मुकाबला अपने चौथे घंटे में प्रवेश कर गया, सिनर ने अपनी शारीरिक ताकत का प्रदर्शन करते हुए अंतिम सेट के आखिरी पांच गेमों में से चार पर कब्जा कर लिया।
शुरुआती हिचकिचाहट के बाद सिनर ने मैच का अंत 31 एस और 72 विनर्स के साथ किया। पूरे मैच में उन्होंने कुल 52 अनफोर्स्ड गलतियां कीं, लेकिन राहत की बात यह रही कि इनमें से केवल 10 गलतियां आखिरी दो सेटों में हुईं। अब सिनर का सामना पुर्तगाल के नूनो बोर्जेस से होगा, जिसके लिए वह पूरी तरह तैयार नजर आ रहे हैं।













