सावन के पवित्र महीने में दिल्ली रोड और दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर शिव भक्तों का आवागमन तेजी से बढ़ जाता है। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु पूर्ण रूप से सात्विक और शुद्ध शाकाहारी भोजन ग्रहण करते हैं। राजमार्ग पर लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों और भक्तों के लिए ऐसे भोजन स्थलों की तलाश रहती है जहां स्वच्छता, शुद्धता और पारिवारिक माहौल का विशेष ध्यान रखा जाता हो। अमरोहा जिले के डिडौली और जोया क्षेत्र से गुजरने वाले कांवड़ियों के लिए इस मार्ग पर कई ऐसे प्रसिद्ध भोजनालय मौजूद हैं जो केवल शुद्ध शाकाहारी व्यंजन परोसते हैं और जहां नॉनवेज भोजन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहता है। इन स्थानों पर श्रद्धालु बिना किसी संकोच के भरपेट भोजन कर सकते हैं।
राजाजी ढाबा (थाना डिडौली, अमरोहा)
अमरोहा जिले में दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर थाना डिडौली के पास स्थित राजाजी ढाबा यात्रा के दौरान रुकने के लिए एक बेहद लोकप्रिय स्थान माना जाता है। यह ढाबा विशेष रूप से अपने साफ-सुथरे वातावरण, आरामदायक बैठने की व्यवस्था और त्वरित सेवा के लिए जाना जाता है। यदि आप कांवड़ यात्रा के दौरान डिडौली-जोया क्षेत्र से गुजर रहे हैं, तो यह स्थल आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।
यहाँ परोसने वाले व्यंजनों में दाल तड़का, दाल मखनी, शाही पनीर, कड़ाही पनीर, मिक्स वेज और मौसम के अनुसार तैयार की जाने वाली ताजी सब्जियां शामिल हैं। रोटियों में तंदूरी रोटी, लच्छा पराठा, नान और विभिन्न प्रकार के पराठे उपलब्ध रहते हैं। इसके अलावा जीरा चावल, रायता, ताजा सलाद, पापड़ और कई तरह की पारंपरिक मिठाइयां भी मेनू का हिस्सा हैं। सुबह के समय सफर करने वाले यात्रियों के लिए यहाँ गरमा-गरम चाय, नाश्ता और अन्य शाकाहारी अल्पाहार की भी बेहतरीन सुविधा रहती है। जो श्रद्धालु सावन का व्रत रख रहे हैं, वे भोजन का ऑर्डर देने से पहले व्रत वाले विशेष पकवानों की उपलब्धता के बारे में जानकारी ले सकते हैं।
पंडित जी का शिवा ढाबा (जिवाई चौकी के सामने, जोया)
अमरोहा के जोया क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित जिवाई चौकी के ठीक सामने पंडित जी का शिवा ढाबा एक जाना-माना पड़ाव है। उत्तर भारतीय व्यंजनों का पारम्परिक स्वाद चाहने वाले यात्रियों के लिए यह जगह काफी समय से पसंदीदा बनी हुई है। सावन के दिनों में यहाँ भगवान शिव के भक्तों और कांवड़ यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिलती है।
यहाँ मिलने वाले प्रमुख पकवानों में दाल तड़का, शाही पनीर, कड़ाही पनीर और मिक्स वेजिटेबल शामिल हैं। इनके साथ तंदूरी रोटी, नान, पराठे और जीरा चावल परोसे जाते हैं। भोजन के साथ रायता, सलाद और मीठे का विकल्प भी उपलब्ध रहता है। यह ढाबा पूरी तरह से शाकाहारी है और यहाँ का पारिवारिक माहौल दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को सहज महसूस कराता है।
सागर रत्ना (दिल्ली रोड)
यदि आप दिल्ली रोड पर सफर के दौरान दक्षिण भारतीय और उत्तर भारतीय व्यंजनों का एक साथ स्वाद लेना चाहते हैं, तो सागर रत्ना एक उत्कृष्ट पारिवारिक रेस्टोरेंट है। अपनी स्वच्छता, शांत परिवेश और गुणवत्तापूर्ण भोजन के लिए यह भोजनालय स्थानीय निवासियों और राजमार्ग के यात्रियों के बीच बेहद लोकप्रिय है।
यहाँ के दक्षिण भारतीय मेनू में कुरकुरा डोसा, इडली, वड़ा, उत्तपम, गरमा-गरम सांभर और नारियल की ताजी चटनी शामिल है। इसके साथ ही उत्तर भारतीय खाने के शौकीनों के लिए पनीर की विभिन्न सब्जियां, दाल मखनी, तंदूरी रोटी, नान, जीरा चावल, रायता, सलाद और मिठाइयां उपलब्ध कराई जाती हैं। खाने के अंत में यहाँ की ताजी फिल्टर कॉफी का स्वाद यात्रियों की थकान मिटाने के लिए जाना जाता है। सावन के दौरान यहाँ कांवड़ यात्री बेझिझक सात्विक और शुद्ध भोजन का आनंद ले सकते हैं।
सिंह ढाबा (दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग)
दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं के लिए सिंह ढाबा एक अन्य प्रमुख और भरोसेमंद स्थल है। खुले और हवादार वातावरण के साथ निर्मित यह ढाबा बड़े परिवारों और समूहों के लिए एकदम उपयुक्त है। यहाँ का ताजा तैयार भोजन और पारंपरिक देसी स्वाद लोगों को बार-बार रुकने पर मजबूर करता है।
यहाँ के मेनू में मुख्य रूप से दाल तड़का, दाल मखनी, शाही पनीर, कड़ाही पनीर, मिक्स वेज और मौसमी सब्जियां शामिल हैं। इनके साथ तंदूरी रोटी, नान, पराठे, जीरा चावल, रायता, सलाद और मिठाइयां परोसी जाती हैं। सावन माह में शुद्धता का पालन करने वाले कांवड़ियों के लिए यहाँ सात्विक नियमों का पूरा ध्यान रखा जाता है।
अतिथि ढाबा (दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग)
राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित अतिथि ढाबा अपने नाम के अनुरूप ही यात्रियों का शानदार स्वागत और त्वरित सेवा प्रदान करता है। साफ-सफाई के उच्च मानकों और पारिवारिक बैठने की व्यवस्था के कारण यह ढाबा कांवड़ यात्रियों और आम पर्यटकों के बीच एक पसंदीदा पड़ाव माना जाता है।
यहाँ उत्तर भारतीय शैली में तैयार किए गए स्वादिष्ट व्यंजनों की विस्तृत श्रृंखला मिलती है। भोजन प्रेमी यहाँ दाल तड़का, दाल मखनी, शाही पनीर, कड़ाही पनीर, मिक्स वेज, तंदूरी रोटी, नान, पराठे, जीरा चावल, रायता, पापड़, सलाद और विविध मिठाइयों का आनंद ले सकते हैं। भरपूर मात्रा, सही स्वाद और तेज सर्विस के चलते यह ढाबा हाईवे पर भोजन के लिए एक आदर्श जगह है।
कांवड़ यात्रा के दौरान भोजन के लिए जरूरी सुझाव
सावन के पवित्र महीने में राजमार्गों पर स्थित इन ढाबों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। यात्रा के दौरान अपने समय और सुविधा का ध्यान रखते हुए इन बातों पर अमल कर सकते हैं
- यदि आप उपवास पर हैं, तो भोजन मंगवाने से पहले ढाबा स्टाफ से व्रत विशेष भोजन की उपलब्धता अवश्य सुनिश्चित कर लें।
- राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होने के कारण इन स्थानों पर पार्किंग और बैठने की पर्याप्त जगह मिलती है, फिर भी व्यस्त घंटों में थोड़ा धैर्य रखें।
- अपनी यात्रा के मार्ग के अनुसार निकटतम ढाबे का चयन करें ताकि यात्रा में अनावश्यक देरी न हो।



















