गुरबाज की तूफानी पारी से गयाना अमेजन वॉरियर्स ने रचा इतिहास, सीजन में लगातार 5वीं जीत के साथ बनी अजेयरविवार को सिद्धि योग और आर्द्रा नक्षत्र का महासंयोग, इन अचूक उपायों से जीवन के कष्ट होंगे दूर50 लाख जीतकर बीच में रुके सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट मनोज कुमार यादव, बताया जंगल में सर्वाइवल के लिए जवानों को सांप तक खाना पड़ता हैदिल्ली के एसआरसीसी में पीएम मोदी ने बदलाव के विरोधियों को दिया 'नाराज़ फूफा' का तंजऐप्पल के सितंबर इवेंट में नहीं आएगा बेस मॉडल आईफोन 18उत्तराखंड के विकास उनियाल की प्रेरणादायक कहानी, मां को खोने के बाद शुरू किया केमिकल-मुक्त अगरबत्ती का कारोबारमानसून में फल छेदक तितली से अनार की फसल को खतरा, कृषि विशेषज्ञ ने बताए बचाव के उपाययूएस ओपन में ब्रिटिश चुनौती समाप्त, क्या इस निराशाजनक दौर के बीच भी कोई सकारात्मक संकेत मौजूद हैंबिना कानों के कैसे सुनती हैं तंबाकू हॉर्नवर्म की इल्लियां, वैज्ञानिकों ने खोली अनोखी पहेलीथ्रेडिंग के तुरंत बाद अगर चेहरा लाल हो जाए तो अपनाएं ये 5 घरेलू तरीके
बेल्जियम से आया विशालकाय रिएक्टर, 100 फीट लंबे ट्रेलर पर सफर देख हैरान हुए लोगट्रेंड्स
5 सित॰ 2026, 2:41 pm (8 घंटे पहले)· 2

बेल्जियम से आया विशालकाय रिएक्टर, 100 फीट लंबे ट्रेलर पर सफर देख हैरान हुए लोग

308 टायरों वाला और करीब 100 फीट लंबा एक हेवी-हॉल ट्रांसपोर्ट काफिला ओडिशा से झारखंड होते हुए उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है, जिसमें बेल्जियम से आया एक भारी औद्योगिक रिएक्टर वेसल लखीमपुर खीरी ले जाया जा रहा है।

ओडिशा से झारखंड होते हुए उत्तर प्रदेश की तरफ बढ़ रहा एक विशालकाय ट्रक इन दिनों सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। जहां से भी यह गुजर रहा है, वहां सड़क किनारे लोगों की भीड़ जमा हो जाती है और मोबाइल कैमरे तुरंत ऑन हो जाते हैं। वजह साफ है, इतना बड़ा और भारी-भरकम वाहन आमतौर पर आम सड़कों पर देखने को नहीं मिलता, इसलिए इसके वीडियो और तस्वीरें अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैल रहे हैं।

असल में ट्रक नहीं, पूरा एक ढुलाई काफिला है

दिखने में भले ही यह एक ट्रक जैसा लगे, लेकिन असलियत में यह ओवर-डायमेंशनल कार्गो यानी ODC श्रेणी का हेवी-हॉल ट्रांसपोर्ट काफिला है। इस काफिले के जरिए एक भारी औद्योगिक रिएक्टर वेसल को ढोया जा रहा है, जिसे बेल्जियम से मंगवाया गया है। इतना बड़ा और भारी उपकरण सामान्य कंटेनर में नहीं समा सकता, इसलिए इसे समुद्री रास्ते से लाकर ओडिशा के पारादीप पोर्ट पर उतारा गया और वहां से आगे की यात्रा सड़क मार्ग से शुरू हुई। मंजिल है उत्तर प्रदेश का लखीमपुर खीरी जिला, जहां एक एथेनॉल प्लांट या चीनी मिल में इस रिएक्टर वेसल को लगाया जाना है।

ये भी पढ़ें

308 टायरों वाला ट्रेलर, लंबाई करीब 100 फीट

इस काफिले को खास बनाती है इसकी बनावट। भारी मशीनरी को उठाने के लिए जिस मल्टी-एक्सल ट्रेलर का इस्तेमाल हो रहा है, उसमें कुल मिलाकर 308 टायर लगे हुए हैं। ट्रेलर की लंबाई करीब 100 फीट आंकी जा रही है, यानी यह किसी सामान्य कंटेनर ट्रक से कई गुना बड़ा है। इतने वजनी माल को खींचने के लिए एक नहीं बल्कि कई हेवी-ड्यूटी वोल्वो पुलर ट्रकों को आपस में जोड़ा गया है, ताकि पूरा वजन बराबर बंट सके और ट्रेलर संतुलित रहे।

रफ्तार सिर्फ 10 किलोमीटर प्रति घंटा, हर मोड़ पर सतर्कता

इतने बड़े काफिले को सड़क पर उतारना किसी सामान्य ड्राइविंग जैसा नहीं, बल्कि बारीक इंजीनियरिंग योजना का हिस्सा है। सुरक्षा के लिहाज से इसकी रफ्तार करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे तक ही सीमित रखी गई है। रास्ते में हर मोड़, हर पुल, ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार और सड़क की चौड़ाई का बारीकी से हिसाब रखा जाता है। कई स्थानों पर ओवरहेड बिजली के तारों को कुछ देर के लिए हटाना या बिजली आपूर्ति रोकनी पड़ती है, तो तंग मोड़ों पर ट्रेलर को घुमाने में टीम को खासी मशक्कत करनी पड़ती है। यही वजह है कि यह सफर घंटों में नहीं बल्कि कई दिनों में तय हो पा रहा है।

रांची में धोनी के फार्महाउस के पास से गुजरा काफिला, भीड़ ने बनाए वीडियो

झारखंड में इस काफिले ने जगह-जगह लोगों को अपनी तरफ खींचा। कहीं लोग टायरों की गिनती करते नजर आए, तो कहीं इसका आकार देखकर हैरान रह गए और इसे चलती-फिरती इमारत जैसा बताने लगे। रांची रिंग रोड पर यह काफिला पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान एमएस धोनी के फार्महाउस के आसपास से भी निकला, जिसके बाद इसका वीडियो और तेजी से फैल गया। इसके अलावा यह इटकी टोल प्लाजा को पार करता हुआ हजारीबाग के सिंघानी फोरलेन तक भी सफलतापूर्वक पहुंचा। इंस्टाग्राम पर अमन भाई पटेल (@amanbhaipatel2020) के अकाउंट से शेयर किए गए वीडियो में यह पूरा नजारा कैद हुआ है।

पुलिस और प्रशासन की निगरानी में आगे बढ़ रहा सफर

इतने भारी कार्गो को सुरक्षित मंजिल तक पहुंचाना अकेले ट्रांसपोर्ट कंपनी के भरोसे नहीं छोड़ा गया है। रास्ते में पड़ने वाले जिलों में स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीमें ट्रैफिक व्यवस्था संभालने और रास्ता सुरक्षित रखने में जुटी हैं। काफिले की धीमी चाल की वजह से कई जगह सामान्य ट्रैफिक पर भी असर पड़ रहा है और वाहनों को कुछ देर रुककर रास्ता देना पड़ रहा है। फिलहाल यह काफिला झारखंड से आगे बढ़ते हुए उत्तर प्रदेश की दिशा में बढ़ रहा है और लखीमपुर खीरी पहुंचने में अभी और वक्त लग सकता है। तब तक रास्ते में हर जगह लोगों की उत्सुकता इसे करीब से देखने और कैमरे में कैद करने के लिए बनी हुई है।

सवाल-जवाब

इस विशालकाय ट्रक पर क्या लदा हुआ है?
इस पर बेल्जियम से आयात किया गया एक भारी औद्योगिक रिएक्टर वेसल लदा हुआ है।
इसमें कितने टायर लगे हैं और यह कितना लंबा है?
इस विशेष ट्रेलर में 308 तक टायर लगे हैं और इसकी लंबाई करीब 100 फीट बताई जा रही है।
यह काफिला कहां से कहां जा रहा है?
यह ओडिशा के पारादीप पोर्ट से झारखंड होते हुए उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले की ओर जा रहा है।
इसकी रफ्तार इतनी कम क्यों रखी गई है?
मोड़, पुल, बिजली के तार और सड़क की चौड़ाई जैसी बाधाओं की वजह से इसकी रफ्तार करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे तक सीमित रखी गई है।
काफिले को किन ट्रकों से खींचा जा रहा है?
इतना भारी माल खींचने के लिए कई हेवी-ड्यूटी वोल्वो पुलर ट्रकों को आपस में जोड़ा गया है।
यह काफिला किन जगहों से गुजरा है?
यह रांची रिंग रोड पर एमएस धोनी के फार्महाउस के पास से, इटकी टोल प्लाजा से और हजारीबाग के सिंघानी फोरलेन से होकर गुजरा है।
रिएक्टर वेसल का इस्तेमाल कहां होगा?
इसे लखीमपुर खीरी स्थित एक एथेनॉल प्लांट या चीनी मिल में लगाया जाएगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR