कई बार घंटों शीशे के सामने वक्त बिताने और महंगे कपड़े पहनने के बाद भी ऐसा महसूस होता है कि पूरे पहनावे में कोई अधूरापन बाकी है। आमतौर पर लोग इसका कारण महंगे पार्लर ट्रीटमेंट, भारी कॉस्मेटिक्स या डिजाइनर परिधानों की कमी मान लेते हैं, जबकि हकीकत में ऐसा बिल्कुल नहीं होता। किसी भी व्यक्तित्व को आकर्षक और व्यवस्थित बनाने में छोटी-छोटी रोजमर्रा की आदतें सबसे अहम भूमिका निभाती हैं। त्वचा की बुनियादी देखभाल, बालों का सलीका, परिधान की सही सिलाई और समझदारी से चुनी गई एक्सेसरीज पूरे रूप-रंग को बिना अतिरिक्त खर्च के बेहद गरिमामय बना सकती हैं। यदि आप भी अपने रोजाना के तैयार होने के अंदाज को निखारना चाहती हैं, तो इन आठ बुनियादी नियमों को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना सकती हैं।
मेकअप की नींव हमेशा सही स्किनकेयर पर टिकती है
एक बेदाग और प्राकृतिक दिखने वाले चेहरे का सबसे बड़ा राज यह है कि कॉस्मेटिक्स लगाने से पहले त्वचा को गहराई से तैयार किया जाए। यदि त्वचा रूखी, बेजान या बिना साफ की हुई होगी, तो महंगे से महंगा फाउंडेशन भी पैची और अजीब नजर आने लगेगा। अपना चेहरा किसी सौम्य क्लींजर से साफ करने के बाद हमेशा अपनी स्किन टाइप के अनुकूल मॉइस्चराइजर का उपयोग करें। यदि दिन के समय बाहर जाना हो, तो धूप से त्वचा की सुरक्षा के लिए सनस्क्रीन लगाना किसी भी सूरत में न भूलें। ढेरों तरह की क्रीम और सीरम चेहरे पर थोपने के बजाय एक सरल और नियमित रूटीन अपनाना कहीं अधिक लाभकारी और व्यावहारिक साबित होता है।
प्राकृतिक बनावट के साथ आइब्रो को संवारें
चेहरे के पूरे हाव-भाव और संतुलन को तय करने में आइब्रो की भूमिका बहुत बड़ी होती है। कई बार इन्हें जरूरत से ज्यादा पतला करा लेने या बनावटी तौर पर बेहद तीखा आकार देने से चेहरा अपनी स्वाभाविक मासूमियत खो देता है। बेहतर यही है कि अपने चेहरे की प्राकृतिक बनावट के अनुसार ही उन्हें करीने से ग्रूम किया जाए। यदि आप आइब्रो पेंसिल या आइब्रो पाउडर का इस्तेमाल कर रही हैं, तो बहुत हल्के हाथ से केवल खाली जगहों को भरें। गाढ़ी और अत्यधिक गहरी लाइनें खिंचने से लुक अप्राकृतिक दिखने लगता है, जबकि हल्का स्पर्श चेहरे को तुरंत तरोताजा और सलीकेदार दिखा देता है।
कपड़ों की खूबसूरती उसकी सही फिटिंग में छिपी है
फैशन की दुनिया का सबसे बुनियादी नियम यह है कि कोई भी महंगा और ब्रांडेड परिधान तब तक आकर्षक नहीं लग सकता जब तक उसकी फिटिंग शरीर के हिसाब से सटीक न हो। इसके विपरीत, एक बेहद साधारण सूती कुर्ती, सामान्य शर्ट या सादा पैंट यदि सही नाप का हो, तो वह देखने वाले को तुरंत प्रभावित करता है। खरीदारी करते समय सिर्फ कपड़ों के सुंदर प्रिंट या रंग पर न जाएं, बल्कि कंधों के जोड़, कमर की सिलाई और लंबाई के अनुपात की बारीकी से जांच करें। अगर किसी पसंदीदा कपड़े में थोड़ी बहुत ढिलाई या खिंचाव हो, तो दर्जी से हल्की अल्टरिंग कराकर उसे अपने शरीर के मुताबिक ढालना एक समझदारी भरा कदम होता है।
गहनों और एक्सेसरीज में रखें संतुलन
तैयार होते वक्त अक्सर महिलाएं जरूरत से ज्यादा गहने पहन लेती हैं, जिससे पूरा परिधान दब जाता है। किसी भी अवसर पर आकर्षक दिखने के लिए जरूरी नहीं कि गले से लेकर हाथ तक हर गहना पहना जाए। एक साधारण और क्लासिक घड़ी, कानों में छोटे टॉप्स या बालियां, गले में बेहद महीन चेन अथवा एक नफासत भरा ब्रेसलेट भी पूरे पहनावे को पूर्णता प्रदान कर सकता है। जब आपके कपड़े पहले से ही भारी कढ़ाईदार या चटक प्रिंट वाले हों, तब हल्की और नाजुक एक्सेसरीज सबसे संतुलित दिखती हैं। वहीं दूसरी तरफ, यदि पहनावा बेहद सादा और मोनोक्रोम हो, तो उसके साथ किसी एक स्टेटमेंट पीस का चुनाव पूरे लुक को उभार देता है।
बालों की स्वच्छता और सहज हेयरस्टाइल
सलीकेदार दिखने का मतलब यह कतई नहीं है कि रोज ब्यूटी पार्लर जाकर नए तरह के जटिल हेयरडू बनाए जाएं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आपके बाल पूरी तरह साफ, सुलझे हुए और ठीक तरह से कंघी किए हुए हों। गंदे या चिपचिपे बाल किसी भी खूबसूरत परिधान की चमक को फीका कर देते हैं। दफ्तर जाने के लिए या घरेलू कामों के दौरान अपने चेहरे के आकार के मुताबिक एक साधारण पोनीटेल, सलीके से बंधा हुआ जूड़ा या व्यवस्थित खुले बाल चुनना सबसे आसान और प्रभावी रहता है। सादगी में ही सबसे ज्यादा आकर्षण छिपा होता है।
जूते और हैंडबैग को कभी नजरअंदाज न करें
अक्सर लोग कपड़ों के चयन पर तो पूरा ध्यान देते हैं, लेकिन पैरों के जूतों और हाथ में लिए बैग को नजरअंदाज कर जाते हैं। असल में ये दोनों चीजें आपके पूरे पहनावे को आपस में जोड़ने वाली सबसे मजबूत कड़ी होती हैं। रोजमर्रा के उपयोग के लिए हमेशा ऐसे फुटवियर चुनें जो साफ-सुथरे होने के साथ-साथ चलने-फिरने में बेहद आरामदायक हों। इसी तरह हैंडबैग का आकार और उसका रंग भी जगह और जरूरत के मुताबिक होना चाहिए। एक साफ और अच्छी बनावट वाला बैग किसी भी साधारण ड्रेस को तुरंत बेहद सोबर और फॉर्मल टच दे देता है।
अपनी त्वचा और मिजाज के अनुकूल रंगों का चुनाव
हर नया ट्रेंडिंग रंग हर चेहरे पर एक जैसा नहीं खिलता। अक्सर बाजार में चल रहे फैशन के चक्कर में लोग ऐसे रंग चुन लेते हैं जो उनके स्वाभाविक रंग-रूप के साथ मेल नहीं खाते। कपड़े चुनते समय इस बात पर गौर करें कि कौन से शेड्स आपको अंदर से ऊर्जावान और सहज महसूस कराते हैं। कार्यस्थल या औपचारिक मुलाकातों के लिए न्यूट्रल शेड्स हमेशा गरिमामय दिखते हैं, जबकि छुट्टियों या अनौपचारिक मौकों पर पसंदीदा चटकीले रंगों को जगह दी जा सकती है। केवल अपनी रंगत के अनुकूल सही शेड का चुनाव करने भर से ही चेहरा बिना किसी भारी मेकअप के चमक उठता है।
सबसे बड़ा सौंदर्य प्रसाधन है आपका आत्मविश्वास
फैशन केवल नए वस्त्रों और कृत्रिम श्रृंगार का नाम नहीं है। स्टाइल की असली पहचान इस बात से होती है कि आप जो कुछ भी पहन रही हैं, उसमें खुद को कितना सहज और सुरक्षित महसूस करती हैं। दूसरों की अंधी नकल करने या किसी खास सांचे में खुद को ढालने के बजाय वह पहनें जो आपके व्यक्तित्व और शारीरिक बनावट के अनुकूल हो। आपकी रीढ़ की सीधी मुद्रा, चेहरे पर स्वाभाविक और सहज मुस्कान, तथा अपनी गरिमा पर भरोसा किसी भी साधारण पहनावे में नई जान फूंक सकता है। जब आपका आत्मविश्वास आपके व्यवहार में झलकता है, तो हर कोई आपकी शैली का कायल हो जाता है।



















