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दही और योगर्ट के बीच क्या है असली फर्क, जानें बैक्टीरिया और पोषण की पूरी सच्चाईट्रेंड्स
23 सित॰ 2026, 8:16 pm (18 मिनट पहले)· 0

दही और योगर्ट के बीच क्या है असली फर्क, जानें बैक्टीरिया और पोषण की पूरी सच्चाई

किण्वित दूध से तैयार होने वाले दही और योगर्ट दिखने में एक जैसे लग सकते हैं, लेकिन बैक्टीरिया के स्ट्रेन, स्वाद और पोषण स्तर पर दोनों में कई बड़े अंतर मौजूद हैं।

किचन में नियमित रूप से इस्तेमाल होने वाले डेयरी उत्पादों में दही का स्थान काफी अहम है। इसे भोजन के साथ सामान्य रूप में परोसने के अलावा कढ़ी, रायता अथवा लस्सी तैयार करने में बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है। इसके समानांतर, आधुनिक खानपान और सुपरमार्केट की अलमारियों में योगर्ट की मौजूदगी भी लगातार बढ़ रही है। इन दोनों विकल्पों को देखकर उपभोक्ताओं के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या ये दोनों खाद्य पदार्थ केवल नाम के स्तर पर अलग हैं या इनके निर्माण तंत्र, स्वाद और स्वास्थ्य लाभों में भी वास्तविक असमानताएं हैं।

निर्माण प्रक्रिया और बैक्टीरियल कल्चर का आधार

दूध के किण्वन यानी फर्मेंटेशन की बुनियादी क्रिया ही दही और योगर्ट, दोनों के निर्माण का आधार बनती है। दूध को थक्का जमाने की इस प्रक्रिया के दौरान लैक्टिक एसिड उत्पन्न होता है, लेकिन किण्वन शुरू करने के लिए चुने गए स्टार्टर कल्चर की प्रकृति दोनों उत्पादों को अलग दिशा देती है। पारंपरिक तरीके से घर में तैयार किए जाने वाले दही में पूर्व में जमे हुए दही का एक छोटा हिस्सा जामन के रूप में मिलाया जाता है। इस घरेलू जामन में लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया के कई अनियंत्रित और प्राकृतिक स्ट्रेन शामिल रहते हैं, जिसके चलते हर बार जमने वाले दही में बैक्टीरिया का अनुपात और संरचना एक जैसी नहीं रहती।

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इसके विपरीत, योगर्ट का उत्पादन पूरी तरह से मानकीकृत और नियंत्रित वातावरण में अंजाम दिया जाता है। इसे तैयार करने के लिए दो प्रमुख एवं विशिष्ट बैक्टीरियल कल्चर का उपयोग अनिवार्य होता है, जिनमें लैक्टोबैसिलस बुल्गारिकस और स्ट्रेप्टोकोकस थर्मोफिलस शामिल हैं। सख्त वैज्ञानिक निगरानी और तय मानकों के कारण योगर्ट में मौजूद सूक्ष्मजीवों का संतुलन हर बैच में स्थिर बना रहता है।

स्वाद, बनावट और गाढ़ेपन की भिन्नता

स्वाद के मामले में पारंपरिक दही में एक विशिष्ट और ताज़ा खट्टापन देखने को मिलता है। दही का यह खट्टापन और इसका टेक्सचर इस बात पर निर्भर करता है कि उपयोग में लाया गया दूध गाय का था या भैंस का, जामन में कौन से बैक्टीरिया प्रमुख थे और थक्का जमने के दौरान वातावरण का तापमान कैसा था। दूसरी तरफ, योगर्ट अपनी क्रीमी और बेहद मुलायम बनावट के लिए पहचाना जाता है। बाजार में उपलब्ध विभिन्न श्रेणियों के अनुसार योगर्ट का गाढ़ापन बदल सकता है। उदाहरण के लिए, ग्रीक योगर्ट बनाते समय उसे अतिरिक्त निथारने की प्रक्रिया से गुजारा जाता है। तरल मट्ठा या पानी अलग हो जाने के कारण ग्रीक योगर्ट साधारण योगर्ट के मुकाबले कहीं अधिक ठोस होता है और इसमें प्रोटीन की सांद्रता भी अपेक्षाकृत अधिक दर्ज की जाती है।

पोषक तत्वों और चीनी की मात्रा का विश्लेषण

प्रोटीन, कैल्शियम और अन्य जरूरी पोषक घटकों के दृष्टिकोण से दही और बिना मीठे वाला सादा योगर्ट, दोनों ही संतुलित विकल्प साबित होते हैं। इन दोनों की न्यूट्रिशनल प्रोफाइल दूध की गुणवत्ता, दुधारू पशु के चारे और प्रसंस्करण के तरीकों के आधार पर घट या बढ़ सकती है। बाजार में कई प्रकार के योगर्ट अलग-अलग स्वादों में बेचे जाते हैं, जिन्हें फ्लेवर्ड योगर्ट कहा जाता है। ऐसे उत्पादों में कृत्रिम मिठास अथवा अतिरिक्त चीनी शामिल हो सकती है, इसलिए खरीदारी करते समय कुल शुगर और अतिरिक्त शर्करा की मात्रा जांचने के लिए पोषण लेबल पढ़ना आवश्यक हो जाता है। साथ ही, फुल-फैट, लो-फैट और ग्रीक योगर्ट के वसा और कैलोरी अनुपात में भी स्पष्ट भिन्नता पाई जाती है।

जीवित बैक्टीरिया और प्रोबायोटिक की सही पहचान

ताजे रूप में तैयार किए गए दही और योगर्ट दोनों में जीवित लाभकारी बैक्टीरिया सक्रिय रहते हैं। इसके बावजूद हर योगर्ट को प्रोबायोटिक का दर्जा नहीं दिया जा सकता। किसी उत्पाद को प्रामाणिक प्रोबायोटिक तभी माना जाता है, जब उसमें ऐसे विशिष्ट बैक्टीरिया स्ट्रेन पर्याप्त संख्या में मौजूद हों जिनके स्वास्थ्य लाभ वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित किए जा चुके हों।

सवाल-जवाब

क्या दही और योगर्ट एक ही चीज हैं?
नहीं, दोनों दूध के किण्वन से बनते हैं लेकिन योगर्ट में खास तरह के तय बैक्टीरिया स्ट्रेन डाले जाते हैं जबकि दही में प्राकृतिक स्टार्टर कल्चर होता है।
योगर्ट बनाने में कौन से बैक्टीरिया का उपयोग होता है?
योगर्ट को मुख्य रूप से लैक्टोबैसिलस बुल्गारिकस और स्ट्रेप्टोकोकस थर्मोफिलस नामक विशिष्ट स्टार्टर कल्चर से तैयार किया जाता है।
ग्रीक योगर्ट सामान्य योगर्ट से अलग कैसे है?
ग्रीक योगर्ट को अतिरिक्त छानकर उसका पानी निकाल दिया जाता है, जिससे यह ज्यादा गाढ़ा होता है और इसमें प्रोटीन की मात्रा बढ़ जाती है।
क्या हर योगर्ट को प्रोबायोटिक माना जा सकता है?
नहीं, केवल वही योगर्ट प्रोबायोटिक कहलाते हैं जिनमें प्रमाणित स्वास्थ्य लाभ देने वाले विशिष्ट बैक्टीरिया स्ट्रेन मौजूद हों।
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